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नीतीश कटारा मर्डर: विकास यादव की पैरोल अर्जी खारिज, कोर्ट ने कहा- 25 साल की सजा पूरी कीजिए

Mon, 04 Nov 2019 11:29 AM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Sneha Baluni Updated Mon, 04 Nov 2019 11:29 AM IST
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Nitish Katara murder case Supreme Court refused to grant parole to Vikas Yadav
विकास यादव (फाइल फोटो) - फोटो : PTI

नीतीश कटारा हत्याकांड में 25 साल की सजा काट रहे विकास यादव की पैरोल अर्जी सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को खारिज कर दी। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की पीठ ने कहा, आपको (विकास) 25 साल की सजा सुनाई गई है इसे पूरा कीजिए। इसमें किसी तरह की रियायत नहीं दी जा सकती। इसके साथ ही पीठ ने विकास की वह याचिका भी खारिज कर दी, जिसमें उसने हाईकोर्ट से सजा में कोई राहत या छूट न दिए जाने को असांविधानिक बताते हुए चुनौती दी थी।

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सीजेआई रंजन गोगोई और जस्टिस सूर्यकांत की पीठ के समक्ष दाखिल पैरोल अर्जी में विकास की ओर से कहा गया था कि वह 17.5 साल से जेल में बंद है। उसे इस दौरान कभी पैरोल नहीं मिला। यह उसके मौलिक अधिकारों का हनन है। लिहाजा उसे चार हफ्ते का पैरोल दिया जाए। इस पर बेंच कहा, आपको 25 साल की जेल हुई है। मौलिक अधिकार बीच में कहां से आ गए? अपनी 25 साल की सजा पूरी कीजिए।
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विकास के वकील ने कोर्ट को बताया कि इसके पहले हाईकोर्ट ने पैरोल को इस आधार पर खारिज कर दिया था कि विकास जेसिका लाल हत्याकांड में भी चार साल की सजा काट रहा है। जबकि जेसिका लाल मामले में विकास की चार साल की सजा पहले ही पूरी हो चुकी है। 
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गौरतलब है कि बाहुबली नेता डीपी यादव के बेटे विकास ने 2002 में अपनी बहन भारती से प्रेम संबंधों के चलते एमबीए छात्र नीतीश कटारा की हत्या कर दी थी। हाईकोर्ट ने विकास और उसके चचेरे भाई विशाल को नीतीश कटारा के अपहरण व हत्या के मामले में दोषी करार देते हुए 30 साल और तीसरे दोषी सुखदेव पहलवान को 25 साल कैद की सजा सुनाई थी, इसमें किसी तरह की रियायत नहीं दिये जाने की बात शामिल थी।


हाईकोर्ट के इस फैसले को विकास ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी जिसके बाद 3 अक्तूबर 2016 में शीर्ष कोर्ट ने उसकी और विशाल की सजा को 25 साल व सुखदेव पहलवान की सजा को 20 साल कर दिया था, हालांकि रियायत नहीं दिये जाने की शर्त को बरकरार रखा था। वहीं विकास के पिता डीपी यादव इस वक्त देहरादून जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। डीपी यादव को गाजियाबाद के दादरी से विधायक रहे महेंद्र सिंह भाटी की 1992 में हत्या करने के मामले में सजा सुनाई गई है। 

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