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Govt jobs: नीति आयोग को 60 साल की उम्र वाले 'बाबूओं' पर भरोसा, रिटायरमेंट के 30 दिन बाद ही लें नई नौकरी
Mon, 26 May 2025 07:36 PM IST
राहुल कुमार
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: राहुल कुमार
Updated Mon, 26 May 2025 07:36 PM IST
सार
नीति आयोग ने पिछले सप्ताह ही कन्सलटेंट 'पीपीएस' और 'पीएस' के पदों को भरने के लिए डीओपीटी की साइट पर सर्कुलर जारी किया है। इसमें 20 पदों को भरने की बात कही गई है। जानें इन पदों के लिए क्या है योग्यता?
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सरकारी नौकरी
- फोटो : Amar Ujala Graphics
विस्तार
केंद्र सरकार द्वारा कई मंत्रालयों और विभागों में खाली हो रहे पदों पर 'कन्सलटेंट' लगाए जा रहे हैं। इस तरह की नौकरी में आवेदकों को न तो परीक्षा देने की जरुरत है और न ही उम्र निकलने का कोई चिंता। बस, सामान्य सा साक्षात्कार देना है। वजह, इस तरह की नौकरी के लिए पहली शर्त यही है कि आवेदक को सरकारी सेवा से रिटायर होना चाहिए। आयु अगर 63 साल भी है तो चलेगा। अब नीति आयोग को अनुबंध आधार पर बतौर कन्सलटेंट सेवानिवृत्त 'बाबू' चाहिएं। ये बाबू, केंद्र सरकार में बतौर प्रिंसिपल प्राइवेट सेक्रेटरी 'पीपीएस' और प्राइवेट सेक्रेटरी 'पीएस' के स्तर पर रिटायर्ड होने चाहिएं। ये लोग, अपनी रिटायरमेंट के 30 दिन बाद ही नई नौकरी के लिए आवेदन कर सकते हैं।
नीति आयोग ने पिछले सप्ताह ही कन्सलटेंट 'पीपीएस' और 'पीएस' के पदों को भरने के लिए डीओपीटी की साइट पर सर्कुलर जारी किया है। इसमें 20 पदों को भरने की बात कही गई है। इन पदों के लिए पहली योग्यता यही है कि आवेदक को केंद्र सरकार में सीएसएसएस सेवा के तहत 'पीपीएस' और 'पीएस' या इसके समकक्ष पद से रिटायर होना चाहिए। आवेदक ने केंद्र सरकार के बड़े अधिकारियों के साथ काम किया हो। बैठकों में कैसे समन्वय हो, इसमें पारंगत होना चाहिए। नोटिंग/ड्राफ्टिंग में निपुण हो। रिपोर्ट तैयार करने और पत्राचार में खासी महारत हासिल हो।
ईमेल, फोन कॉल, पासिंग मैसेज और बड़े अधिकारी के लिए ट्रांसपोर्ट एवं रहने के स्थान की बुकिंग आदि करा सके। साथ ही उस आवेदक को प्राथमिकता दी जाएगी, जो एमएस ऑफिस, एमएस एक्सल, पावर प्वाइंट और ई ऑफिस आदि में पारंगत हो। आवेदक की आयु 63 साल से कम हो।
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एक साल के लिए अनुबंध वाली इस नौकरी के लिए आवेदक को रिटायरमेंट के तीस दिन बाद पीपीओ/पेंशनर कार्ड और पांच साल की एपीएआर की कॉपी के साथ अपना आवेदन भेजना होगा। साक्षात्कार के लिए कोई टीए/डीए नहीं दिया जाएगा। यह नियुक्ति नीति आयोग के लिए होगी, ऐसे में आवेदक के लिए जरुरी है कि वह दिल्ली एनसीआर का निवासी हो। नौकरी की एक वर्ष की अवधि को आवश्यकता अनुसार बढ़ाया जा सकता है। रिटायर्ड व्यक्ति को सोमवार से शुक्रवार तक सुबह साढ़े नौ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक ड्यूटी करनी होगी।
अनुबंध नियुक्ति वाले कर्मी को महंगाई भत्ता, एचआरए, पीएफ, पेंशन, बीमा, मेडिकल अटेंडेंस ट्रीटमेंट और वरिष्ठता आदि लाभ नहीं मिलेंगे। एक माह में केवल डेढ़ छुट्टी मिलेगी। नो वर्क, नो पे का नियम लागू रहेगा। जॉब के दौरान गोपनीयता बनाए रखनी होगी। कार्यालय के निर्धारित घंटों के बाद भी काम करना पड़ सकता है। इन सबके बावजूद, प्राधिकृत अथॉरिटी द्वारा उस व्यक्ति को कभी भी नौकरी से हटाया जा सकता है।
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नीति आयोग ने पिछले सप्ताह ही कन्सलटेंट 'पीपीएस' और 'पीएस' के पदों को भरने के लिए डीओपीटी की साइट पर सर्कुलर जारी किया है। इसमें 20 पदों को भरने की बात कही गई है। इन पदों के लिए पहली योग्यता यही है कि आवेदक को केंद्र सरकार में सीएसएसएस सेवा के तहत 'पीपीएस' और 'पीएस' या इसके समकक्ष पद से रिटायर होना चाहिए। आवेदक ने केंद्र सरकार के बड़े अधिकारियों के साथ काम किया हो। बैठकों में कैसे समन्वय हो, इसमें पारंगत होना चाहिए। नोटिंग/ड्राफ्टिंग में निपुण हो। रिपोर्ट तैयार करने और पत्राचार में खासी महारत हासिल हो।
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ईमेल, फोन कॉल, पासिंग मैसेज और बड़े अधिकारी के लिए ट्रांसपोर्ट एवं रहने के स्थान की बुकिंग आदि करा सके। साथ ही उस आवेदक को प्राथमिकता दी जाएगी, जो एमएस ऑफिस, एमएस एक्सल, पावर प्वाइंट और ई ऑफिस आदि में पारंगत हो। आवेदक की आयु 63 साल से कम हो।
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एक साल के लिए अनुबंध वाली इस नौकरी के लिए आवेदक को रिटायरमेंट के तीस दिन बाद पीपीओ/पेंशनर कार्ड और पांच साल की एपीएआर की कॉपी के साथ अपना आवेदन भेजना होगा। साक्षात्कार के लिए कोई टीए/डीए नहीं दिया जाएगा। यह नियुक्ति नीति आयोग के लिए होगी, ऐसे में आवेदक के लिए जरुरी है कि वह दिल्ली एनसीआर का निवासी हो। नौकरी की एक वर्ष की अवधि को आवश्यकता अनुसार बढ़ाया जा सकता है। रिटायर्ड व्यक्ति को सोमवार से शुक्रवार तक सुबह साढ़े नौ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक ड्यूटी करनी होगी।
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कन्सलटेंट को शनिवार, रविवार या राजपत्रित अवकाश के दिन भी कार्यालय में बुलाया जा सकता है। आवेदक के अंतिम आहरित वेतन में से पेंशन घटाकर, जो राशि बचती है, उतना वेतन दिया जाएगा। जो भी राशि मिलेगी, कार्यकाल के दौरान उसमें कोई बदलाव नहीं होगा। वार्षिक इन्क्रीमेंट नहीं मिलेगा।अनुबंध नियुक्ति वाले कर्मी को महंगाई भत्ता, एचआरए, पीएफ, पेंशन, बीमा, मेडिकल अटेंडेंस ट्रीटमेंट और वरिष्ठता आदि लाभ नहीं मिलेंगे। एक माह में केवल डेढ़ छुट्टी मिलेगी। नो वर्क, नो पे का नियम लागू रहेगा। जॉब के दौरान गोपनीयता बनाए रखनी होगी। कार्यालय के निर्धारित घंटों के बाद भी काम करना पड़ सकता है। इन सबके बावजूद, प्राधिकृत अथॉरिटी द्वारा उस व्यक्ति को कभी भी नौकरी से हटाया जा सकता है।