निर्भया के दोषी पवन को मिलेगा दूसरा वकील, आज फिर सुनवाई, पीड़िता की मां बोलीं- मेरे भी कुछ अधिकार..
- पिछली सुनवाई में कोर्ट में रोते हुए निर्भया की मां ने कहा- सात साल हो गए, मैं भी इंसान हूं..
- सुनवाई में दोषी के पिता ने कहा- वकील न होने से कानूनी विकल्पों का उपयोग नहीं कर पा रहा मेरा बेटा
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लगातार मौत की सजा टलने से आहत निर्भया की मां ने बुधवार को चारों दरिंदों के खिलाफ नया डेथ वारंट जारी करने की मांग करते हुए कोर्ट में ही रो पड़ीं। कोर्ट द्वारा इस मामले के एक दोषी पवन गुप्ता को कानूनी सहायता देने पर उन्होंने कहा, सात साल हो चुके हैं। मैं भी इंसान हूं, मेरे भी अधिकार हैं। मेरे अधिकारों का क्या होगा? मैं हाथ जोड़ती हूं, कृपया डेथ वॉरंट जारी कीजिए। दरअसल, सुनवाई के दौरान पवन के पिता ने बताया कि वकील न होने से वह कानूनी विकल्पों का उपयोग नहीं कर पा रहा। बृहस्पतिवार को फिर इस मामले में सुनवाई होगी।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र राणा ने निर्भया की मां को शांत कराते हुए कहा, यहां मौजूद सभी वकील और यह पूरी प्रक्रिया इसलिए है ताकि आपको न्याय मिले। सुनवाई के दौरान सरकारी वकील इरफान अहमद ने बताया, पवन के वकील एपी सिंह ने उसका नोटिस लेने से इनकार कर दिया है और कहा है कि अब उसका केस नहीं लड़ेंगे। इस पर कोर्ट ने मामले के अन्य दोषी मुकेश की वकील वृंदा ग्रोवर से पवन की पैरवी के लिए में पूछा तो उन्होंने इनकार कर दिया। वहीं, सुप्रीम कोर्ट इस घटना के एक और दोषी विनय शर्मा की याचिका पर भी सुनवाई करेगा। विनय ने राष्ट्रपति के दया याचिका खारिज करने के फैसले के खिलाफ याचिका दायर की है।
गुनहगार अंतिम सांस तक कानूनी मदद का हकदार
कोर्ट ने विधिक सहायता अधिकारी को निर्देश दिया कि वह वकीलों की सूची तिहाड़ जेल अधीक्षक के जरिये पवन को सौंपे। कोर्ट ने पवन को पसंद का वकील चुनने की इजाजत दी। इस पर निर्भया के पिता ने कहा, उसे वकील देना हमारे साथ अन्याय होगा। जज ने कहा, कोई भी दोषी अंतिम सांस तक कानूनी मदद पाने का हकदार है। हालांकि कोर्ट ने पवन द्वारा समय की मांग पर नाराजगी जताई। दरअसल, निर्भया के माता-पिता और सरकारी वकील ने मंगलवार को निर्भया के दोषियों का तीसरा डेथ वारंट जारी करने की मांग की थी।
कोर्ट के बाहर निर्भया के माता-पिता ने लगाए नारे
सुनवाई टलने से नाराज निर्भया की मां ने पूछा कि जब दोषियों की कोई याचिका लंबित नहीं है तो फांसी देने में देरी क्यों हो रही है? मेरा भरोसा-उम्मीद टूट रही है। कोर्ट को दोषियों की चाल समझनी चाहिए। अगर पवन को नया वकील दिया गया तो वह फाइलें देखने में समय लेगा। मैं बेटी को न्याय दिलाने के लिए भटक रही हूं। दोषी सजा में देरी की तरकीबें अपना रहे हैं।
मैं नहीं जानती कि अदालत यह बात क्यों नहीं समझ रही। कोर्ट दोषियों को फांसी नहीं देना चाहती। वहीं, निर्भया के माता-पिता ने पटियाला हाउस कोर्ट के बाहर प्रदर्शन भी किया। दूसरी ओर निर्भया के परिजनों की ओर से पेश वकील सीमा ने कहा कि अगर कोर्ट दोषियों को ऐसे ही मौके देती रहेगी तो वे सुनवाई किसी और जज के समक्ष स्थानांतरित करने की मांग करेंगे।
आप इस तरह मामले को लटका नहीं सकते
पवन के पिता ने सरकारी वकील लेने से इनकार करते हुए कहा कि उसे नया वकील रखने के लिए 2-3 दिन की मोहलत दी जाए। इस पर नाराजगी जताते हुए जज ने कहा, यह ठीक नहीं है। आप मामले को लटका नहीं सकते। मैं नियमों से बंधा हूं। मुझे वकील मुहैया करवाना ही होगा। उसे स्वीकार करना, न करना आपका फैसला है। आपको वकील रखना होगा।
गौरतलब है कि इस मामले में पवन ही एकमात्र दोषी है जिसने अब तक सुधारात्मक याचिका नहीं दायर की है। उसके पास अभी दया याचिका दायर करने का भी विकल्प बाकी है। कोर्ट निर्भया के माता-पिता और सरकारी वकील द्वारा मंगलवार को निर्भया के दोषियों का तीसरा डेथ वारंट जारी करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई कर रहा था।