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मुंबई: आर्थर जेल में नीरव मोदी को रखने के लिए विशेष कोठरी तैयार
Fri, 26 Feb 2021 03:01 PM IST
स्नेहा बलूनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: स्नेहा बलूनी
Updated Fri, 26 Feb 2021 03:01 PM IST
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नीरव मोदी (फाइल फोटो)
- फोटो : ANI
पंजाब नेशनल बैंक को हजारों करोड़ रुपये का चूना लगाने वाले भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी के प्रत्यर्पण के मामले में ब्रिटेन की अदालत के फैसले के बाद उसे भारत लाने का रास्ता साफ हो गया है। नीरव के प्रत्यर्पण के खिलाफ दायर केस हारते ही भारत में उसके लिए प्रशासन तैयारियां में जुट गया है। उसके आने से पहले ही इस बात का फैसला हो गया है कि वह किस जेल में रहेगा और उसका बैरक नंबर क्या होगा। उसे सलाखों के पीछे बंद करने के लिए मुंबई की आर्थर रोड जेल ने एक विशेष सेल तैयार की हुई है। इसकी जानकारी शुक्रवार को एक अधिकारी ने दी।
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जेल अधिकारी ने कहा कि एक बार जब नीरव मोदी को मुंबई लाया जाएगा, तो उसे बैरक नंबर 12 की तीन सेल में से एक में रखा जाएगा। यह एक उच्च सुरक्षा बैरक है। उन्होंने कहा, 'नीरव मोदी को जेल में बंद करने की तैयारी पूरी हो चुकी है और जब भी उसका भारत में प्रत्यर्पण होगा, उसके लिए जेल की सेल तैयार है।'
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भारतीय अधिकारियों को गुरुवार को प्रत्यर्पण ममाले में जीत मिली। अपना फैसला सुनाते हुए ब्रिटेन के एक न्यायाधीश ने कहा कि भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी को न केवल भारतीय अदालतों में जवाब देना है बल्कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि उसे भारत में निष्पक्ष सुनवाई नहीं मिलेगी।
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फैसला आने के बाद भारत ने कहा है कि नीरव मोदी के मामले में ब्रिटेन की अदालत के फैसले के बाद नीरव के प्रत्यर्पण के लिए जल्द संपर्क किया जाएगा। नीरव सभी आधारों पर प्रत्यर्पण के खिलाफ दायर अपनी लगभग दो साल लंबी कानूनी लड़ाई हार गया। 49 वर्षीय कारोबारी को मार्च 2019 में अपनी गिरफ्तारी के बाद से लंदन जेल में बंद रखा गया था। आरोपों की गंभीरता के कारण बार-बार उसकी जमानत को खारिज कर दिया गया था।
महाराष्ट्र जेल विभाग ने 2019 में नीरव मोदी को रखने के लिए जेल की स्थिति और सुविधाओं के बारे में केंद्र के साथ जानकारी साझा की थी। अधिकारी ने कहा कि केंद्र ने राज्य के गृह विभाग से इसके बारे में जानकारी मांगी थी क्योंकि तब नीरव मोदी के प्रत्यर्पण की कार्यवाही ब्रिटेन में वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट अदालत में एडवांस (अग्रिम) चरण में थी। राज्य सरकार ने केंद्र को उन सुविधाओं के बारे में आश्वासन का एक पत्र सौंपा था, जिसे वे जेल के अंदर प्रदान करेंगे।