PNB स्कैम सामने आने से पहले ही NRI बन चुका था नीरव मोदी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारतीय बैंकों को 11400 करोड़ रुपए का चूना लगाने वाले नीरव मोदी ने अपनी नागरिकता को भारतीय से बदलकर अनिवासी भारतीय (एनआरआई) कर लिया है। पंजाब नेशनल बैंक में हुए घोटाले के बाद उसकी नागरिकता बदलने का पता चला है। यह अभी तक साफ नहीं हुआ है कि बैंकों को इसकी जानकारी है या नहीं। इसके अलावा, जिन कंपनियों को लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (एलओयू) जारी किया गया था उनमें नीरव मोदी को बैंकों से उधार लेने वाली कंपनियों द्वारा भारतीय संस्थापक के तौर पर वर्गीकृत किया गया है। 6 नवंबर, 2017 को जारी किए गए प्रमाणित प्रतिलिपि के अनुसार नीरव मोदी के स्वामित्व वाली एक कंपनी एएनएम इंटरप्राजेस प्राइवेट लिमिटेड ने साफ तौर पर उन्हें एनआरआई बताया है।
वहीं केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने आज पीएनबी की मुंबई के ब्रैडी हाउस के ब्रांच ऑफिस को सील कर दिया है। सीबीआई द्वारा बैंक के बाहर एक नोटिस लगाया गया है जिसके अनुसार इस ब्रांच में किसी भी तरह का कामकाज नहीं होगा और ना ही किसी पीएनबी अधिकारी को दूसरे आदेश के आने तक अंदर आने और बाहर जाने की इजाजत है।
रविवार को नीरव मोदी के प्रमुख वित्त अधिकारी विपुल अंबानी मुंबई में सीबीआई के सामने उपस्थित हुए थे।