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14 अन्य इस्लामिक उपदेशकों से प्रभावित थे आईएस के आतंकी

Mon, 01 Aug 2016 04:42 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली Updated Mon, 01 Aug 2016 04:42 PM IST
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NIA's latest chargesheet against Islamic State refers to 14 globally recognized Islamic preachers

एनआईए विवादित इस्लामिक उपदेशको के खिलाफ जांच कर रही है। इस जांच के बीच एआईए ने ऐसे 14 इस्लामिक उपदेशकों की एक लिस्ट जारी की है, जिनके उपदेशों ने संदिग्धों आतंकियों को प्रभावित किया था। एनआईए ने इस्लामिक स्टेट (ISIS) के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। एनआईए ने अपनी रिपोर्ट में दुनियाभर के ऐसे 14 इस्लामिक उपदेशकों का जिक्र किया है जिनसे आतंकी प्रभावित थे।

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गौर करने वाली बात यह है कि ये सभी उपदेशक अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और जिम्बाब्वे में बसे हुए हैं। आपको बता दें कि एनआईए ने अपनी चार्जशीट में जिन इस्लामिक उपदेशकों का नाम लिया गया है, उन्हें चार्जशीट में आरोपी या संदिग्ध के तौर पर नहीं पेश किया गया है। गिरफ्तार किए गए IS सदस्यों ने पूछताछ में बताया कि वे इन उपदेशकों के उपदेश और 'भड़काऊ' विडियो देखते थे।
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इस चार्जशीट में जिन प्रसिद्ध उपदेशकों का नाम लिया गया हैं, उनमें यूके में बसे अंजिम चौधरी, हमज़ा आंद्रियास, इमरान मंसूर, मिज़ानुर रहमान और अबू वालिद, अमेरिका में बसे यासिर कादी, यूसुफ एस्तेस, हमज़ा यूसुफ और अहमद मूसा, ऑस्ट्रेलिया में बसे मूसा सेरंटोनियो, शेख फैज़ मोहम्मद, उमर अल बन्ना, जिम्बाब्वे के रहने वाले मुफ्ती मेंक और कनाडा में बसे माजिद महमूद का नाम है।

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फेसबुक, ट्विटर, यूट्यूब पर भाषण सुनने के लिए बनाया था अकाुंट

NIA's latest chargesheet against Islamic State refers to 14 globally recognized Islamic preachers

टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक इनमें से अधिकांश उपदेशक समय-समय पर आईएस और अल कायदा जैसे संगठनों की आतंकी गतिविधियों की निंदा करते आए हैं। वहीं कुछ उपदेशक ऐसे भी हैं, जिन्होंने इन संगठनों की गतिविधियों को जायज भी ठहराया है। एनआईए की चार्जशीट के मुताबिक गिरफ्तार किए गया आईएस संदिग्ध मोहम्मद फरहान शेख ने 'सऊदी अरब की यात्रा के दौरान अंजिम चौधरी, यासिर कादी, माजिद महमूद, मुफ्ती मेंक, हमजा यूसुफ, इमरान मंसूर जैसे इस्लामिक उपदेशकों के भड़काऊ उपदेशों और भाषणों सुने थे। और बताया गया है कि वो इन उपदेशकों से काफी प्रभावित था।

एनआईए ने अपनी चार्जशीट में कहा, 'फरहान ने अगस्त 2014 में अपना फेसबुक अकाउंट खोलने के लिए एक ईमेल आईडी hijrah1400@gmail.com बनाई। उसने यह फेसबुक आईडी खालिद इब्न वालिद के नाम से बनाई थी। उसका फेसबुक पर आने का मुख्य मकसद आईएस से संबंधित पोस्ट, तस्वीरें और विडियो और मिजानुर रहमान, अबु वलीद, सेरंटोनियो, शेख फैज़ और अहमद जिबरिल के ऑनलाइन भाषण देखना था।'

पिछले महीने पकड़े गए आईएस संदिग्ध से एनआईए ने पूछताछ में पाया कि वो लखनऊ के सलमान नदवी के भाषण सुनता था। यह वही सलमान नदवी हैं जो 'खिलाफत और आईएस' का समर्थन भी करते हैं। वहीं दूसरा संदिग्ध मौलाना समसुद्दीन कासमी को सुनता था जोकि चेन्नई के मक्का मस्जिद के इमाम हैं।

NIA's latest chargesheet against Islamic State refers to 14 globally recognized Islamic preachers

आपको बता दें कि एनआईए ने आईएस के हैदराबाद की जांच की थी जिसमें सामने आया था कि गिरफ्तार युवक मोहम्मद इब्राहिम यजदानी जाकिर नाइक का फॉलोअर था यही नहीं उसने मुंबई में जाकिर के कैंप में भी हिस्सा लिया था। वहीं जाकिर नाइक के खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकी गतिविधियों के आरोपी 55 लोगों की लिस्ट बनाई है।

पिछले एक दशक में देश भर में गिरफ्तार किए गए इन लोगों ने जाकिर नाइक के भाषणों से प्रेरित होने की बात कबूल की है। गौरतलब है कि जुलाई महीने में ढाका कैफे में हुए आतंकी हमले में शामिल एक आतंकी के जाकिर से प्रेरित होने की बात समाने आई थी। इसके बाद गृह मंत्रालय ने सुरक्षा एजेंसियों को जाकिर नाइक की कुंडली खंगालने को कहा था ताकि नाइक के खिलाफ मामला दर्ज किया जा सके।

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