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NIA: बम धमाका मामले में एनआईए ने जेल में मारा छापा, गवाहों के नाम-पहचान उजागर करने वाले आरोपी गिरफ्तार
Thu, 18 Sep 2025 10:35 PM IST
ज्योति भास्कर
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली।
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Thu, 18 Sep 2025 10:35 PM IST
सार
बम विस्फोट मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पुडुचेरी की जेल में छापेमारी की। संरक्षित गवाह के नाम, पहचान उजागर करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। जानिए पूरा मामला
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NIA court
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने गुरुवार को 2023 के विल्लियानूर बम विस्फोट मामले में पुडुचेरी के केंद्रीय कारागार सहित चार स्थानों पर गहन छापेमारी के बाद दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हेराम उर्फ कार्थी उर्फ टीआर और उदयकुमार उर्फ कुमार नाम के आरोपियों को आरसी-06/2023/एनआईए/डीएलआई मामले में गवाहों के नाम और अन्य विवरण सहित संवेदनशील जानकारी लीक करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। लीक गई जानकारी 2023 में एक राजनीतिक पदाधिकारी सेंथिल कुमारन की बेरहमी से हत्या के गवाहों से जुड़ी हुई थी।
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यनम जेल में बंद निति, दो आरोपी केंद्रीय कारागार में
एनआईए के मुताबिक, 2023 में यह घटना शाम 9.30 बजे विल्लियानूर में हुई थी। जब छह बाइक सवार हमलावरों ने पीड़ित को जान से मारने के लिए एक देसी बम फेंका और फिर उसे कुल्हाड़ियों और चाकुओं से काटकर मार डाला। एनआईए की जांच से पता चला है कि गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों ने मुख्य आरोपी नित्यानंदम उर्फ निति सहित अन्य लोगों के साथ मिलकर गवाह के नाम, पहचान और मोबाइल नंबर हासिल करके उन्हें लीक किया था। निति और 12 अन्य लोगों के खिलाफ एनआईए ने 21 सितंबर 2023 को इस मामले में आरोपपत्र दाखिल किया था। निति वर्तमान में यनम जेल में बंद है, जबकि अन्य आरोपी पुडुचेरी के कलापेट स्थित केंद्रीय कारागार में बंद हैं।
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गवाहों के नाम और पहचान अवैध रूप से प्राप्त किए
हाल ही में जांच के दौरान प्राप्त खुफिया जानकारी से पता चला है कि निथी और उसके साथियों ने बम विस्फोट और हत्या मामले में संरक्षित गवाहों के नाम और पहचान अवैध रूप से प्राप्त की थी। कथित तौर पर इस जानकारी का इस्तेमाल कानूनी प्रक्रिया को पटरी से उतारने और न्याय में बाधा डालने के प्रयास में गवाहों को धमकाने और उन पर दबाव बनाने के लिए किया गया था।
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एनआईए की टीमों ने आपत्तिजनक सामान बरामद किए
इन सूचनाओं के आधार पर, एनआईए ने गुरुवार को केंद्रीय कारागार कलापेट और यनम कारागार के साथ-साथ दो अन्य स्थानों पर समन्वित तलाशी ली। एनआईए की टीमों ने मोबाइल फोन, सिम कार्ड और अन्य आपत्तिजनक दस्तावेज, जिनमें संरक्षित गवाहों की पहचान उजागर करने वाली सामग्री भी शामिल है, जब्त किए।
सुरक्षा को खतरे में डालने के लिए एनआईए कानून
जांच एजेंसी, हत्या के पीछे की बड़ी आपराधिक साज़िश का पर्दाफ़ाश करने और उन अन्य लोगों की पहचान करने के लिए अपनी जांच जारी रखे हुए है, जिन्होंने संरक्षित गवाहों की पहचान उजागर करने और उनकी सुरक्षा को ख़तरे में डालने के लिए एनआईए अधिनियम की धारा 17 और यूए(पी) अधिनियम, 1967 की धारा 44 का उल्लंघन किया।