Explosive Seizure Case: एनआईए ने दो आरोपियों के खिलाफ दायर किया आरोप-पत्र, बीरभूम में विस्फोटक जब्ती का मामला
लगभग 85000 इलेक्ट्रिक डेटोनेटर 27000 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट और लगभग 1700 किलोग्राम जिलेटिन की छड़ें बरामद की। पूरे मामले की जांच एनआईए को सितंबर 2022 में सौंपी गई थी। इस मामले में एनआईए ने एक आरोपी मनोज कुमार की आत्महत्या करने के बाद नवंबर 2022 में आरोप हटा दिए थे।
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एनआईए जांच से पता चला कि विस्फोटक और डेटोनेटर अवैध खनन में शामिल लोगों को आपूर्ति किए जा रहे थे। एक अधिकारी ने कहा, जांच अभी भी जारी है। 29 जून 2022 को एसटीएफ अधिकारियों ने पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में एक स्पोर्ट्स यूटिलिटी वाहन को रोका। वाहन के चालक आशीष केओरा को गिरफ्तार कर लिया गया और उसके पास से 81,000 इलेक्ट्रिक डेटोनेटर जब्त किए गए। अगले हफ्ते तक जारी छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने विस्फोटक और डेटोनेटर बरामद किए।
लगभग 85000 इलेक्ट्रिक डेटोनेटर 27000 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट और लगभग 1700 किलोग्राम जिलेटिन की छड़ें बरामद की। पूरे मामले की जांच एनआईए को सितंबर 2022 में सौंपी गई थी। इस मामले में एनआईए ने एक आरोपी मनोज कुमार की आत्महत्या करने के बाद नवंबर 2022 में आरोप हटा दिए थे। एनआईए की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया है कि भारतीय दंड संहिता और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत आरोपित लोगों में आशीष केओरा, रिंटू एसके, मुकेश सिंह और मोख्तार खान शामिल हैं।