NIA: राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने IS के दो सदस्यों और PFI के 68 नेताओं के खिलाफ दायर की चार्जशीट, किया ये दावा
एजेंसी के एक प्रवक्ता ने बताया कि शिवमोगा के माज मुनीर अहमद और सैयद यासीन के खिलाफ एक विशेष अदालत में आईपीसी, यूएपीए, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और राष्ट्रीय सम्मान का अपमान रोकथाम अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं।
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राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने इस्लामिक स्टेट के दो कथित सदस्यों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया है जो कर्नाटक में राष्ट्रीय ध्वज जलाने सहित आगजनी और तोड़फोड़ की दो दर्जन से अधिक घटनाओं में शामिल पाए गए हैं। एजेंसी ने इसके अलावा कोच्चि (केरल) और चेन्नई (तमिलनाडु) में दो अलग-अलग मामलों में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के कुल 68 नेताओं, कैडरों और सदस्यों के खिलाफ भी दो आरोप पत्र दायर किए।
एजेंसी के एक प्रवक्ता ने बताया कि शिवमोगा के माज मुनीर अहमद (23 वर्षीय) और सैयद यासीन (22 वर्षीय) के खिलाफ एक विशेष अदालत में भारतीय दंड संहिता, गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और राष्ट्रीय सम्मान का अपमान रोकथाम अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। अधिकारी ने कहा कि यह मामला कर्नाटक में आगजनी, तोड़फोड़ और हिंसा के कृत्यों को अंजाम देकर प्रतिबंधित आतंकवादी समूह इस्लामिक स्टेट की गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए रची गई साजिश से संबंधित है। गिरफ्तार किए गए छह अन्य आरोपियों के खिलाफ आगे की जांच जारी है।
पिछले साल सितंबर में शुरू में कर्नाटक पुलिस ने आरोपी जबीउल्ला और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इस मामले को बाद में एआईए ने अपने हाथों में ले लिया था। प्रवक्ता ने कहा, बीटेक ग्रेजुएट अहमद और यासीन को एक ऑनलाइन विदेशी हैंडलर ने गोदामों, शराब की दुकानों, हार्डवेयर की दुकानों, वाहनों और एक विशेष समुदाय से संबंधित संपत्तियों सहित सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को निशाना बनाने के लिए कट्टरपंथी और प्रेरित किया था। उन्होंने बताया कि इस्लामिक स्टेट द्वारा रची गई साजिश को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने आगजनी और तोड़फोड़ की 25 से अधिक घटनाओं को अंजाम दिया।
एनआईए ने कहा कि वे दोनों शिमोगा जिले के अगुम्बे और वाराही नदी के बैकवाटर्स वन क्षेत्र में ट्रेकिंग और ठिकानों के लिए रेकी करने गए थे। उन्होंने विस्फोटक खरीदे और आईईडी बनाने की तैयारी की। यासीन ने शिवमोगा में वाराही नदी के तट पर एक आईईडी के विस्फोट का परीक्षण किया। प्रवक्ता ने बताया कि उसने अपनी भारत विरोधी साख साबित करने के लिए एक राष्ट्रीय ध्वज भी जलाया और एक वीडियो रिकॉर्ड किया। अधिकारी ने कहा कि दोनों आतंकवादी गुर्गों को उनके ऑनलाइन हैंडलर द्वारा विदेशों से धन हस्तांतरण करके क्रिप्टोकरेंसी में भुगतान किया जा रहा था।
प्रवक्ता ने कहा कि जांच से पता चला है कि अहमद को ऑनलाइन हैंडलर से अपने दोस्तों के खातों में लगभग 1.5 लाख रुपये के बराबर क्रिप्टो प्राप्त हुए, जबकि यासीन को एक दोस्त के खाते में 62 हजार रुपये मिले। एनआईए ने कहा कि आईएस की बड़ी साजिश के तहत मामले के एक अन्य आरोपी मोहम्मद शरीक ने पिछले साल 19 नवंबर को मंगलुरु के कादरी मंदिर में आईईडी विस्फोट करने की योजना बनाई थी, लेकिन टाइमर में खराबी के कारण उपकरण में समय से पहले विस्फोट हो गया था, जिससे संभावित आपदा टल गई थी।
एनआईए ने पीएफआई के 68 नेताओं, कैडरों के खिलाफ दायर किया आरोप पत्र
आतंक रोधी एजेंसी ने शुक्रवार को कोच्चि (केरल) और चेन्नई (तमिलनाडु) में दो अलग-अलग मामलों में पीएफआई के कुल 68 नेताओं, कैडरों और सदस्यों के खिलाफ दो आरोप पत्र दायर किए। इसके साथ ही एनआईए द्वारा इस महीने पीएफआई कैडरों के खिलाफ दायर आरोपपत्रों की संख्या बढ़कर चार हो गई है। इस तरह का पहला आरोप पत्र जयपुर में 13 मार्च और दूसरा हैदराबाद में 16 मार्च को दायर किया गया था।
एनआईए ने कहा, आज दायर आरोप पत्र पीएफआई द्वारा विभिन्न समुदायों के लोगों के बीच दरार पैदा करने, उन्हें हथियार चलाने का प्रशिक्षण प्रदान करने और 2047 तक भारत में इस्लामी शासन स्थापित करने के उद्देश्य के साथ आतंक और हिंसा के कृत्यों को अंजाम देने के लिए धन जुटाने से संबंधित है।