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NIA: केरल में PFI से जुड़ी 10 संपत्तियां अटैच नहीं होंगी; लॉरेंस बिश्नोई से जुड़े शाहबाज अंसारी की जमानत रद्द
Sun, 13 Jul 2025 01:58 AM IST
ज्योति भास्कर
एजेंसी, कोच्चि/नई दिल्ली।
एजेंसी, कोच्चि/नई दिल्ली।
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Sun, 13 Jul 2025 01:58 AM IST
सार
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने दो चर्चित मामलों में अहम फैसले लिए हैं। केरल में पीएफआई से जुड़ी 10 संपत्तियां अटैच करने के आदेश रद्द हो गया है। एक अन्य मामले में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को हथियार सप्लाई के मामले में गिरफ्तारी के बाद जमानत ले चुके शाहबाज अंसारी की जमानत रद्द हो गई है। क्या हैं दोनों मामलों में एनआईए की अदालतों के आदेश? जानिए
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एनआईए (फाइल)
- फोटो : ANI
विस्तार
केरल की एक विशेष एनआईए अदालत ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) से जुड़ी 10 संपत्तियों के संबंध में कुर्की का आदेश रद्द कर दिया। वैश्विक आतंकवादी संगठनों के साथ संबंधों के कारण केंद्र की ओर से 2022 में पीएफआई पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। विशेष एनआईए जज पीके मोहनदास ने कई कारणों से कुर्की प्रक्रिया रद्द करने का आदेश जारी किया। संपत्तियों को अटैच करने का आदेश गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) कानून के तहत पारित किए गए थे।
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अपीलकर्ता को सुनवाई का उचित अवसर नहीं मिला
मलप्पुरम स्थित ग्रीन वैली फाउंडेशन ट्रस्ट और कोल्लम के करुण्या फाउंडेशन की संपत्तियों के मामले में अदालत ने कहा कि रिकॉर्ड में मौजूद सामग्री प्रथम दृष्टया आतंकवाद की आय दर्शाती है। इन संपत्तियों की कुर्की रद्द कर दी गई है। क्योंकि नियुक्त प्राधिकरण ने अपीलकर्ता को सुनवाई का उचित अवसर दिए बिना निर्णय लिया और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन नहीं हुआ। अन्य आठ मामले निजी व्यक्तियों या ट्रस्टों की संपत्तियों से संबंधित थे।
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प्राधिकरण ने प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन नहीं किया
अदालत ने पाया कि इन संपत्तियों के मालिक एनआईए की ओर से दर्ज मामलों में आरोपी नहीं थे और सामग्री यह साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं थी कि संपत्तियां आतंकवाद की आय से अर्जित की गई थीं। अदालत ने कहा, इन मामलों में भी नियुक्त प्राधिकरण ने प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन नहीं किया। यह फैसला एनआईए के लिए एक झटका माना जा रहा है, क्योंकि इन संपत्तियों को पीएफआई के आतंकी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल होने का दावा किया गया था।
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एनआईए टीम (फाइल)
- फोटो : ANI
फरार होने के बाद एनआईए ने रद्द कराई शाहबाज अंसारी की जमानत
एक अन्य मामले में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को हथियार सप्लाई के मामले में गिरफ्तार शाहबाज अंसारी की अंतरिम जमानत राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने रद्द करा दी। अंसारी को दिसंबर 2022 में गिरफ्तार किया गया था, पिछले महीने मिली जमानत के बाद वह फरार हो गया। विशेष एनआईए अदालत ने एजेंसी की दलील मानते हुए जमानत रद्द कर दी।
पत्नी की जरूरी सर्जरी का झूठा हवाला देकर जमानत ली
अदालत में एनआईए ने कहा था कि अंसारी ने अदालत को गुमराह कर अस्थायी रिहाई हासिल की थी। अधिकारियों के अनुसार, अंसारी ने पिछले महीने एक अवकाशकालीन बेंच से अपनी पत्नी की जरूरी सर्जरी का झूठा हवाला देकर जमानत ली थी, लेकिन छूटने के बाद वह फरार हो गया।
हथियार मामले की कानूनी प्रक्रिया से बचने की कोशिश का शक
अदालत ने न्यायिक राहत के दुरुपयोग और जमानत शर्तों के उल्लंघन को देखते हुए एनआईए की याचिका स्वीकार कर ली। एजेंसी ने कहा, अंसारी को ढूंढने के लिए तलाश अभियान चलाया जा रहा है। उस पर संगठित अपराध नेटवर्क से जुड़े हथियार मामले की कानूनी प्रक्रिया से बचने की कोशिश करने का संदेह है।
एक अन्य मामले में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को हथियार सप्लाई के मामले में गिरफ्तार शाहबाज अंसारी की अंतरिम जमानत राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने रद्द करा दी। अंसारी को दिसंबर 2022 में गिरफ्तार किया गया था, पिछले महीने मिली जमानत के बाद वह फरार हो गया। विशेष एनआईए अदालत ने एजेंसी की दलील मानते हुए जमानत रद्द कर दी।
पत्नी की जरूरी सर्जरी का झूठा हवाला देकर जमानत ली
अदालत में एनआईए ने कहा था कि अंसारी ने अदालत को गुमराह कर अस्थायी रिहाई हासिल की थी। अधिकारियों के अनुसार, अंसारी ने पिछले महीने एक अवकाशकालीन बेंच से अपनी पत्नी की जरूरी सर्जरी का झूठा हवाला देकर जमानत ली थी, लेकिन छूटने के बाद वह फरार हो गया।
हथियार मामले की कानूनी प्रक्रिया से बचने की कोशिश का शक
अदालत ने न्यायिक राहत के दुरुपयोग और जमानत शर्तों के उल्लंघन को देखते हुए एनआईए की याचिका स्वीकार कर ली। एजेंसी ने कहा, अंसारी को ढूंढने के लिए तलाश अभियान चलाया जा रहा है। उस पर संगठित अपराध नेटवर्क से जुड़े हथियार मामले की कानूनी प्रक्रिया से बचने की कोशिश करने का संदेह है।