{"_id":"632dadcf969cea50ec4fa174","slug":"nhsrcl-floats-tender-for-key-21-km-underground-tunnel-for-mumbai-ahmedabad-bullet-train-project","type":"story","status":"publish","title_hn":"NHSRCL: मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट पर बड़ा अपडेट, 21 किलोमीटर की अंडरग्राउंड सुरंग के टेंडर जारी","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
NHSRCL: मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट पर बड़ा अपडेट, 21 किलोमीटर की अंडरग्राउंड सुरंग के टेंडर जारी
Fri, 23 Sep 2022 06:30 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: निर्मल कांत
Updated Fri, 23 Sep 2022 06:30 PM IST
सार
सूत्रों ने बताया कि महाराष्ट्र में सरकार बदलने के साथ ही इस हाई स्पीड रेल कॉरिडोर के लिए टेंडर पर काम तेज हो गया है। पिछली सरकार ने यह टेंडर वापस ले लिए थे।
विज्ञापन
मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल परियोजना
- फोटो : NHSRCL
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (एनएचएसआरसीएल) ने मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर के लिए 21 किलोमीटर लंबी सुरंग के निर्माण के लिए टेंडर जारी किए हैं। इसमें सात किलोमीटर निर्माण समुद्र के नीचे होगा।
विज्ञापन
सूत्रों ने बताया कि महाराष्ट्र में सरकार बदलने के साथ ही इस हाई स्पीड रेल कॉरिडोर के लिए टेंडर पर काम तेज हो गया है। पिछली सरकार ने यह टेंडर वापस ले लिए थे। लेकिन अब इसे फिर से नवीनीकृत किया जा रहा है। माना जाता है कि सुरंग का निर्माण परियोजना का मुख्य आकर्षण है। इस सुरंग का निर्माण महाराष्ट्र के ठाणे जिले के बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स और शिलफाटा में अंडरग्राउंड स्टेशन के साथ किया जाएगा।
विज्ञापन
टेंडर से जुड़े डॉक्यूमेंट के मुताबिक, टनल बोरिंग मशीन और न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड का इस्तेमाल करके टनल का निर्माण किया जाएगा। समुद्र के नीचे सात किलोमीटर का टनल ठाणे क्रीक में होगा। पिछले साल नवंबर में एनएचएसआरसीएल ने परियोजना के लिए अंडरग्राउंड निर्माण कार्यों के लिए टेंडर जारी किए गए थे। लेकिन इस साल उन्हें रद्द कर दिया गया था। अधिकारियों ने प्रशासनिक कारणों का हवाला देते हुए इसे रद्द कर दिया था।
विज्ञापन
एनएचएसआरसीएल ने 2019 में पहली बार टेंडर जारी किए थे लेकिन किसी बोलीदाता को आकर्षित नहीं किया। नवंबर 2019 में फिर टेंडर जारी किए गए थे। सूत्रों ने बताया कि पिछली सरकार में बांद्रा-कुर्ला कॉम्पलैक्स समेत महाराष्ट्र में परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण बड़ा मुद्दा रहा है।