फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   NGT directs Telangana govt to pay Rs 3800 crore for improper waste management

NGT: एनजीटी ने तेलंगाना पर लगाया 3800 करोड़ रुपये का जुर्माना, कचरे का प्रबंधन करने में विफल रही सरकार

Sat, 01 Oct 2022 08:00 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: निर्मल कांत Updated Sat, 01 Oct 2022 08:00 PM IST
सार

एनजीटी ने कहा कि स्वच्छ हवा, पानी, सफाई और पर्यावरण प्रदान करना सुशासन के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। राज्य प्रदूषण मुक्त वातावरण प्रदान करने की संवैधानिक जिम्मेदारी से नहीं बच सकता है।

विज्ञापन
NGT directs Telangana govt to pay Rs 3800 crore for improper waste management
एनजीटी - फोटो : NGT

विस्तार

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने अब तेलंगाना सरकार पर 3,800 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। तेलंगाना सरकार पर भारी-भरकम जुर्माना इसलिए लगाया गया है क्योकि वह ठोस और तरल कचरे का प्रबंधन नहीं कर पाई। इससे पहले एनजीटी पंजाब, हरियाणा, महाराष्ट्र और राजस्थान सरकार पर भी इसी तरह जुर्माना लगा चुकी है। 

विज्ञापन


एनजीटी के चेयरपर्सन जस्टिस एके गोयल की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि तेलंगाना में ठोस और तरल कचरे के प्रबंधन में भारी अंतर है। बेंच ने कहा कि स्वच्छ हवा, पानी, सफाई और पर्यावरण प्रदान करना सुशासन के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। राज्य प्रदूषण मुक्त वातावरण प्रदान करने की संवैधानिक जिम्मेदारी से नहीं बच सकता है। एनजीटी की बेंच में एक्सपर्ट मेंबर ए. सेंथिल वेल और अफरोज अहमद भी शामिल थे। 
विज्ञापन


एनजीटी ने कहा कि तरल कचरा या सीवरेज प्रबंधन में विफल रहने पहले जुर्माना राशि 3,648 करोड़ रुपये है, जबकि ठोस कचरे का साइंटिफिक तरीके प्रबंधन न करने का जुर्माना 177 करोड़ रुपये है। एनजीटी ने दो महीने के भीतर तेलंगाना सरकार को जुर्माने का भुगतान करने को कहा है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


एनजीटी ने कहा कि रिस्टोरेशन प्लान को तुरंत राज्यभर में समयबद्ध तरीके से लागू किए जाने की आवश्यकता है और यदि यह उल्लंघन जारी रहता है तो अतिरिक्त जुर्माने पर विचार किया जाएगा। ग्रीन पैनल ने कहा कि इसके अनुपालन की जिम्मेदारी मुख्य सचिव की होगी और उन्हें हर छह महीने में प्रोग्रेस रिपोर्ट दाखिल करनी होगी। 

इससे पहले एनजीटी ने शुक्रवार 23 सितंबर को पंजाब सरकार पर 2,180 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। एनजीटी के मुताबिक,  पंजाब सरकार पर यह जुर्माना दूषित हो रही नदियों समेत ठोस और तरल कचरे का प्रबंधन न करने के कारण लगाया गया।


इससे पहले महाराष्ट्री और राजस्थान सरकार पर एनजीटी ने जुर्माना लगाया था। महाराष्ट्र पर 12,000 करोड़ रुपये और राजस्थान सरकार पर 3,000 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया था। पर्यावरणीय नुकसान के लिए हरियाणा की सरकार पर बुधवार 28 सितंबर को 100 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed