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Hindi News ›   India News ›   NGT directs Jindal Steel to pay Rs 20 lakh compensation each to kin of 2020 blast victims

Jindal Steel And Power: एनजीटी का जिंदल स्टील को निर्देश- विस्फोट पीड़ितों के परिजनों को दें 20-20 लाख रुपये

Thu, 02 Mar 2023 09:16 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: निर्मल कांत Updated Thu, 02 Mar 2023 09:16 PM IST
सार

एनजीटी ने जेएसपीएल को घटना में झुलसे दो श्रमिकों को पांच-पांच लाख रुपये का मुआवजा देने का भी निर्देश दिया और कहा कि कंपनी ने वह चिंता नहीं दिखाई जिसकी एक जिम्मेदार उससे उम्मीद की जा रही थी। 

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NGT directs Jindal Steel to pay Rs 20 lakh compensation each to kin of 2020 blast victims
ngt - फोटो : ngt

विस्तार

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड (जेएसपीएल) को निर्देश दिया है कि वह छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के पतरालापली गांव में 10 जून, 2020 को अपने परिसर में विस्फोट के कारण मारे गए दो श्रमिकों के उत्तराधिकारियों को 20 लाख रुपये का मुआवजा दे।

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एनजीटी ने जेएसपीएल को घटना में झुलसे दो श्रमिकों को पांच-पांच लाख रुपये का मुआवजा देने का भी निर्देश दिया और कहा कि कंपनी ने वह चिंता नहीं दिखाई जिसकी एक जिम्मेदार उससे उम्मीद की जा रही थी। एनजीटी ने मीडिया में आई एक खबर के आधार पर मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए कार्रवाई शुरू की थी। पुलिस के मुताबिक, विस्फोट उस समय हुआ था जब कर्मचारी एक पुराने डीजल टैंक को गैस कटर से काट रहे थे।
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ट्रिब्यूनल ने कहा, मृतकों के वारिसों को 20-20 लाख रुपये और घायलों को पांच-पांच लाख रुपये मिलेंगे, जो जेएसपीएल द्वारा एक महीने के भीतर देय होगा। जस्टिस एके गोयल की पीठ ने कहा कि भुगतान में चूक की स्थिति में जिला मजिस्ट्रेट वसूली के लिए दंडात्मक कदम उठा सकते हैं, जिसमें बिजली काटना भी शामिल है। पीठ में न्यायिक सदस्य जस्टिस अरुण कुमार त्यागी के साथ विशेषज्ञ सदस्य ए सेंथिल वेल और अफरोज अहमद भी शामिल थे।
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पीठ ने कहा, यह आदेश जेएसपीएल के किसी भी अन्य दीवानी या आपराधिक दायित्व पर रोक नहीं लगाएगा। हम औद्योगिक सुरक्षा और स्वास्थ्य निदेशालय (डीआईएसएच) को इकाई द्वारा अपनाए गए सुरक्षा मानदंडों का ऑडिट करने का निर्देश देते हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं फिर से न हों।


यह देखते हुए कि श्रमिकों को निष्पक्ष व्यवहार और न्याय से वंचित किया गया, पीठ ने कहा कि एनजीटी सीमित अधिकार क्षेत्र का एक मंच है, लेकिन इसके सामने गरीब पीड़ितों के साथ पेटेंट अन्याय को उजागर करने पर कोई रोक नहीं है। इसने आगे कहा कि पर्यावरण सुरक्षा मानदंडों का पालन करने में प्रतिष्ठान की विफलता के कारण दो श्रमिकों की मृत्यु और दो श्रमिकों को जलने की चोटें थीं। 

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