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उत्तराखंड आपदा: एनजीटी की फटकार, बीते एक साल से रत्ती भर नहीं हुआ काम

Tue, 05 Jul 2016 04:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 05 Jul 2016 04:03 AM IST
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ngt damnation to uttarakhand government on Disaster

स्वच्छ गंगा मामले पर सुनवाई के दौरान नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने उत्तराखंड सरकार को हीलाहवाली करने को लेकर कड़ी फटकार लगाई है। पीठ ने सुनवाई के दौरान अपनी टिप्पणी में कहा कि हाल ही में बादल फटने और भारी वर्षा के चलते फिर से समस्या पैदा हो गई है। आप लोग बिल्कुल भी काम नहीं करना चाहते। अगर आप प्रयास करते तो जरूर आपदा से नुकसान को कम किया जा सकता था। बीते एक वर्ष से आप लोगों ने रत्ती भर काम नहीं किया है।

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जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ ने सोमवार को इस मामले पर सुनवाई की। पीठ ने गंगा में प्रदूषण से निपटने के लिए सरकार की ओर से तैयार की गई कार्ययोजना और उस पर किए गए अमल को लेकर वकीलों से कई सवाल पूछे।
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पीठ ने पूछा कि आपने गंगा में प्रदूषण फैलाने वाले कितने होटलों को अभी तक बंद किया है। उत्तराखंड पेय जल संस्थान और हरिद्वार नगर निगम की ओर से पेश वकील ने कहा कि अभी तक करीब 27 होटलों पर कार्रवाई हुई है। इस पर पीठ ने कहा कि आपने 400 से भी अधिक प्रदूषण फैलाने वाले प्रोजेक्ट के बारे में बताया था।
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वकील ने कहा कि वे रामनगर और नैनीताल की बात कर रहे हैं। इस पर पीठ ने कहा कि हम खांचों में बांटकर आपसे सवाल नहीं पूछ रहे। ठीक है बताइए कि रामनगर और नैनीताल में इन होटलों की अपशिष्ट निकासी कहां हो रही है। इस पर वकील जवाब नहीं दे पाए। पीठ ने अगली चैंबर मीटिंग में सभी शीर्ष अधिकारियों से मौजूद रहने को कहा। 

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