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नए विदेशी चंदा नियमों से प्रभावित हो रही समाज सेवा: एनजीओ
Fri, 02 Oct 2020 03:47 AM IST
Kuldeep Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Fri, 02 Oct 2020 03:47 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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कई गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) ने बृहस्पतिवार को कहा कि गैर लाभकारी सामाजिक कार्यों के लिए विदेशी चंदा लेने के सख्त भारतीय नियम उनकी गतिविधियों को गंभीर नुकसान पहुंचाएंगे। विभिन्न एनजीओ के प्रमुखों का यह दावा कथित मानवाधिकार समूह एमनेस्टी इंटरनेशनल की तरफ से सरकारी उत्पीड़न का आरोप लगाकर देश में अपना काम बंद कर देने के बाद आया है।
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पिछले महीने किया गया था कानून में बदलाव, दूसरे समूहों को पैसा ट्रांसफर करने पर लगाई गई थी रोक
पिछले महीने केंद्र सरकार ने विदेशी योगदान का नियमन करने वाले कानून में बदलाव कर दिया था। नए बदलाव में अन्य समूहों को पैसा स्थानांतरित करने और अपने कर्मचारियों व कार्यालयों जैसे प्रशासनिक खर्च को एनजीओ फंड के 20 फीसदी पर सीमित करने जैसे निर्देश शामिल हैं। 20 अंतरराष्ट्रीय एनजीओ के समूह ऑक्सफेम की भारतीय शाखा के सीईओ अमिताभ बेहर के मुताबिक, यह ऐसा माहौल है, जहां आप स्पष्ट तौर पर सिविल सोसाइटी की जगह घटने का पैटर्न देख सकते हैं।
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उन्होंने कहा, इसे (सिविल सोसाइटी को) दबाया जा रहा है और गैर लाभकारी क्षेत्र के लिए संदेश बेहद हताश करने वाला है। बेहर ने एमनेस्टी के काम बंद करने का हवाला देते हुए कहा, इसका बेहद ठंडा असर विभिन्न कोणों से आया है।
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एक अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठन एक्शनएड की भारतीय शाखा के सीईओ संदीप छाछरा के मुताबिक, बड़े एनजीओ सामान्यतौर पर दर्जनों छोटे सहयोगियों की मदद से अपने कार्यक्रमों और परियोजनाओं को चलाते हैं। दूसरे समूह को फंड ट्रांसफर करने पर रोक इस सेक्टर को नाकाम कर देगी। उन्होंने कहा, इससे पीड़ितों की सेवा करने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं, संगठनों की संख्या घट जाएगी और पहले से ही एफसीआरए की मंजूरी सूची में शामिल छोटे संगठनों को मिलने वाला अनुदान सीमित कर देगी।
उन्होंने विदेश योगदान नियमन अधिनियम (एफसीआरए) की तुलना 1976 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की तरफ से घोषित राष्ट्रीय आपातकाल से की, जिसमें कानून का इस्तेमाल आलोचकों को निशाना बनाने के लिए किया गया था।
ऐसे कसा गया है शिकंजा
30 लाख से ज्यादा एनजीओ पंजीकृत थे भारत में
2017 से शुरू की गई थी इन सभी एनजीओ की समीक्षा
6600 से ज्यादा विदेशी निवेश पाने वाले संगठन बंद
22400 संस्थाएं ले सकती हैं फिलहाल विदेशी चंदा
581 अरब रुपये विदेशी चंदा आया पिछले 3 साल में
क्या है मोदी सरकार का कहना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार का कहना है कि विदेशी चंदा लेने का सही उपयोग व इसे लेने वालों की जवाबदेही तय करने के लिए नियमों में बदलाव आवश्यक था। सरकार का दावा है कि बहुत सारे एनजीओ विदेशी चंदा लेकर उसका गलत उपयोग कर रहे थे। ऐसे दर्जनों समूहों के खिलाफ आपराधिक जांच चालू की गई है।