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Ashwini Vaishnaw: रेल मंत्री ने कहा- 200 किमी प्रति घंटे की स्पीड हासिल करेगा वंदे भारत ट्रेन का अगला संस्करण
Tue, 04 Oct 2022 08:40 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: निर्मल कांत
Updated Tue, 04 Oct 2022 08:40 PM IST
सार
रेल मंत्री ने कहा, वंदे भारत ट्रेनों के अगले संस्करण का निर्माण मराठवाड़ा में किया जाएगा। लातूर में लगभग 1,600 कोच का निर्माण किया जाएगा। प्रत्येक कोच की लागत 8 करोड़ से 9 करोड़ रुपये होगी।
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वंदे भारत एक्सप्रेस
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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महाराष्ट्र के लातूर में मराठवाड़ा रेल कोच फैक्ट्री आने वाले वर्षों में वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों के अगले संस्करण (अपग्रेडेड वर्जन) के लिए लगभग 1,600 कोचों का निर्माण करेगी। इनमें से प्रत्येक कोच की निर्माण लागत 8 करोड़ से 9 करोड़ रुपये की होगी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को यह बात कही। रेल मंत्री ने कहा कि वंदे भारत का नया वर्जन 200 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम स्पीड हासिल करने में सक्षम होगा।
8-9 करोड़ होगी प्रत्येक कोच की लागत
औरंगाबाद में चैंबर ऑफर मराठवाड़ा इंडस्ट्रीज एंड एग्रीकल्चर (सीएमआईए) की ओर ओर से आयोजित 'डेस्टिनेशन मराठवाड़ा' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वैष्णव ने कहा, वंदे भारत ट्रेनों के अगले संस्करण का निर्माण मराठवाड़ा में किया जाएगा। लातूर में लगभग 1,600 कोच का निर्माण किया जाएगा। प्रत्येक कोच की लागत 8 करोड़ से 9 करोड़ रुपये होगी। यह प्रोजेक्ट 400 किलोमीटर से 500 किलोमीटर के दायरे में मौजूद कंपनियों के लिए भी अवसर पैदा करेगा।
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200 किमी प्रति घंटा होगी रफ्तार
रेल मंत्री ने आगे बताया कि इन ट्रेनों की अधिकतम स्पीड अब 180 किमी प्रति घंटे की तुलना में 200 किमी प्रति घंटे होगी। अगले संस्करण का पहला कोच अगले 15 से 16 महीनों में तैयार किया जाएगा। वैष्णव ने सेमी-हाई-स्पीड ट्रेनों के निर्माण में सामने आ रही चुनौतियों पर भी बात की। इसको लेकर उन्होंने कहा, हम उनके अंदर के साउंड लेवल को 60-65 डेसिबल तक लाने में सफल रहे हैं जो कि विमान (85-90 डेसिबल) के साउंड लेवल से कम है।
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रेलवे ट्रैक बिछाने की गति बढ़ी
वैष्णव ने यह भी दावा कि 2014 से रेलवे ट्रैक बिछाने का काम तेज गति से हुआ है। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले रेलवे ट्रैक बिछाने की गति 4 किमी प्रतिदिन थी। अब यह 12 किलोमीटर प्रतिदिन तक पहुंच गई है और सरकार इसे 20 किलोमीटर प्रतिदिन तक बढ़ाने का इरादा रखती है।