BJP National Executive Meeting: शाह ने कहा- 2024 तक हल हो जाएंगी पूर्वोत्तर की सभी समस्याएं, अगले 30-40 साल तक भाजपा का युग
अमित शाह ने कहा कि 2024 तक पूर्वोत्तर राज्यों में सभी समस्याएं हल कर ली जाएंगी। आने वाले समय में इस क्षेत्र में और कोई समस्या नहीं होगी क्योंकि भाजपा को इसका स्थाई पता मिल गया है।
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि 2024 तक पूर्वोत्तर में सभी समस्याएं हल कर ली जाएंगी। उन्होंने रविवार को हैदराबाद में भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि हमने पूर्वोत्तर राज्यों के सभी लंबित मुद्दों को हल करने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं पर अब भाजपा को इसका स्थाई पता मिल गया है। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में इस क्षेत्र में और कोई समस्या नहीं होगी क्योंकि 2024 तक इसके सभी मुद्दों को हल कर लिया जाएगा। अमित शाह ने कहा कि केंद्र सरकार ने मार्च में बड़ा कदम उठाते हुए नागालेंड के सात जिलों से, मनिपुर के छह जिलों में 15 पुलिस स्टेशनों और पूरी तहर से 23 जिलों और असम के एक जिले से एएफपीएसए भी हटा दिया था।
शाह ने कहा कि अगले 30-40 साल तक भाजपा का युग रहेगा और भारत ‘विश्वगुरु’ बनेगा। उन्होंने राजनीतिक प्रस्ताव पर अपनी बात रखते हुए विपक्षी दलों को बिखरा हुआ बताया और कांग्रेस पर करारा हमला करते हुए कहा कि देश की प्रमुख विपक्षी पार्टी में लोकतंत्र स्थापित करने के लिए उसके ही सदस्य लड़ रहे है लेकिन गांधी परिवार डर के कारण अध्यक्ष पद का चुनाव नहीं करा रहा है।
असम और मेघालय ने सीमा विवाद सुलझाया
असम और मेघालय सरकार ने इस साल मार्च में 50 साल पुराने सीमा विवाद सुलझाते के लिए राजधानी दिल्ली में ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किए। एमएचए द्वारा जांच और विचार के लिए 31 जनवरी को दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों द्वारा गृहमंत्री अमित शाह को एक मसौदा प्रस्ताव प्रस्तुत करने के दो महीने बाद असम और मेघालय सरकार द्वारा समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे।
सीएए के लिए हम प्रतिबद्ध: सरमा
अमित शाह के भाषण पर बोलते हुए असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, यह हमारे लिए उत्तर-पूर्व में एक यात्रा रही है और गृह मंत्री ने हमें बताया कि उन्हें खुशी है कि अब हमारे पास पूर्वोत्तर में एक स्थाई पता है। नागरिक संशोधन कानून (सीएए) के बारे में पूछे जाने पर सरमा ने कहा कि सरकार द्वारा किए गए सुधारों में विपक्ष की आपत्ति के कारण देरी हुई है। हालांकि सरकार सीएए कानून को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है।