Updates: कोचीन बंदरगाह पर 512 किलो लाल चंदन बरामद; राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार 2026 के लिए आवेदन शुरू
राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने केरल के कोच्चि में 512 किलोग्राम लाल चंदन जब्त किया है। अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि इस चंदन को वल्लारपदम स्थित कोचीन बंदरगाह के अंतरराष्ट्रीय कंटेनर ट्रांसशिपमेंट टर्मिनल से अवैध रूप से निर्यात करने का प्रयास किया जा रहा था। डीआरआई की तरफ से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, विशिष्ट खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई करते हुए, डीआरआई की कोचीन क्षेत्रीय इकाई के अधिकारियों ने चीन जा रहे एक कंटेनर को रोका। कंटेनर भेजने वालों की तरफ से कहा गया था कि इसमें रबर कोर विनियर लदा है। लेकिन जांच में विनियर की परतों के बीच 512 किलोग्राम वजन के लाल चंदन के 16 लट्ठे पाए गए। अधिकारियों ने बताया कि कार्गो के साथ लाल चंदन को जब्त कर लिया गया है और आगे की जांच चल रही है। विदेश व्यापार नीति के तहत लाल चंदन का निर्यात प्रतिबंधित है।
राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार 2026 के लिए आवेदन शुरू
केंद्र सरकार ने विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार (आरवीपी) 2026 के लिए नामांकन आमंत्रित किए हैं। शनिवार को आधिकारिक घोषणा के साथ इसके लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
चार श्रेणियों में मिलेंगे सम्मान सीएसआईआर की तरफ से प्रशासित ये पुरस्कार चार श्रेणियों में दिए जाएंगे। इनमें विज्ञान रत्न: जीवन भर की उपलब्धियों के लिए, विज्ञान श्री: विशिष्ट योगदान के लिए, विज्ञान युवा-शांति स्वरूप भटनागर: 45 वर्ष तक के युवा वैज्ञानिकों के लिए और विज्ञान टीम: तीन या अधिक शोधकर्ताओं की टीम के लिए दिए जाते हैं। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने शनिवार को कहा, यह पुरस्कार विज्ञान और नवाचार के प्रति सरकार की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है। हम उन वैज्ञानिकों के समर्पण का सम्मान करते हैं, जो भारत को वैश्विक ज्ञान गुरु बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। इच्छुक वैज्ञानिक और संस्थान 28 मार्च से 11 मई तक गृह मंत्रालय के आधिकारिक अवार्ड पोर्टल पर स्व-नामांकन या दूसरों को नामित कर सकते हैं।
कर्नाटक में मासिक अवकाश नीति पर याचिका
15 महिला पेशेवरों ने कर्नाटक उच्च न्यायालय में सरकार की मासिक अवकाश नीति के खिलाफ याचिका दायर की। यह नीति महिलाओं को प्रति माह एक दिन सवेतन अवकाश देती है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि यह नीति असंवैधानिक और भेदभावपूर्ण है।
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आरएन रवि ने कहा कि भारत के शिक्षा ढांचे में औपनिवेशिक कमजोरियों को ठीक किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “ज्ञान ही शक्ति है। भारत एक बार विश्व शिक्षा केंद्र था और अब सही दिशा में लौट रहा है।” उन्होंने NEP 2020 और कौशल, शोध, डिजिटल शिक्षा पर जोर दिया।
तेलंगाना के CM A Revanth Reddy ने कहा कि राज्य में ईंधन आपूर्ति सुरक्षित है और पर्याप्त भंडार मौजूद है। उन्होंने कहा कि AI कंपनियों पर टैक्स लगाने पर विचार किया जा रहा है ताकि ऑटोमेशन से नौकरी खोने वालों की भरपाई हो सके। राज्य में EVs को बढ़ावा दिया जा रहा है।
कांग्रेस ने शनिवार को बालेंद्र शाह को नेपाल के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने पर बधाई दी। पार्टी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि भारत-नेपाल की साझेदारी और भी मजबूत होगी। खरगे ने एक्स पर लिखा, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की ओर से मैं बालेंद्र शाह को नेपाल के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने पर हार्दिक बधाई देता हूं। भारत-नेपाल संबंध गहरे लोगों से लोगों तक जुड़े रिश्तों और साझा सांस्कृतिक विरासत पर आधारित हैं। हमें भरोसा है कि यह साझेदारी और मजबूत होगी, और हमारे दोनों देशों के लिए शांति, समृद्धि और पारस्परिक प्रगति सुनिश्चित करेगी।
लोकसभा में सोमवार, 30 मार्च को मोदी सरकार की नक्सल समस्या को खत्म करने की कोशिशों पर चर्चा होगी। इसे “लेफ्ट विंग एक्सट्रीमिज्म से देश को मुक्त करने के प्रयास” के तहत सूचीबद्ध किया गया है। गृह मंत्री अमित शाह ने पहले ही कहा था कि मार्च 2026 तक नक्सल खतरा पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा। यह चर्चा बिना वोटिंग या प्रस्ताव के, नियम 193 के तहत होगी। नोटिस TDP सांसद बिरेड्डी शबारी और शिवसेना के श्रीकांत शिंदे ने दिया था।
गोवा में सामने आए कथित यौन स्कैंडल को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमित पाटकर ने शनिवार को दावा किया कि इस मामले में 100 से अधिक नाबालिग लड़कियां पीड़ित हो सकती हैं और शुरुआत में पुलिस ने मामला दर्ज करने में ढिलाई बरती। यह मामला दक्षिण गोवा के कुर्चोरम नगर परिषद के एक पार्षद के बेटे सोहम नाइक (20) से जुड़ा है, जिसे 21 मार्च को गिरफ्तार किया गया था। उस पर नाबालिग लड़कियों के साथ दुष्कर्म, अश्लील वीडियो बनाने और उन्हें प्रसारित करने के आरोप हैं। उसके खिलाफ POCSO एक्ट, गोवा चिल्ड्रन एक्ट, भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट के तहत कई मामले दर्ज किए गए हैं।
कांग्रेस की महिला इकाई द्वारा आयोजित विरोध मार्च के दौरान अमित पाटकर ने आरोप लगाया कि यह अपराध पिछले तीन वर्षों से जारी था और सामने आए आंकड़ों से कहीं ज्यादा बड़ा हो सकता है। उन्होंने कहा कि पीड़ित लड़कियां कुर्चोरम, मडगांव, वास्को द गामा और पोंडा जैसे इलाकों से हैं। पाटकर ने यह भी कहा कि पीड़ितों को मानसिक दबाव से बचाने के लिए तत्काल काउंसलिंग की जरूरत है, ताकि वे कोई गलत कदम न उठाएं।
उन्होंने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि स्थानीय लोगों के दबाव के बाद ही मामला दर्ज किया गया। साथ ही उन्होंने गोवा राज्य महिला आयोग, बाल अधिकार संरक्षण आयोग और शिक्षा विभाग की निष्क्रियता पर भी सवाल खड़े किए।हालांकि, इस मामले की जांच कर रही क्राइम ब्रांच के एक अधिकारी ने बताया कि अब तक तीन पीड़ित लड़कियां सामने आई हैं और अन्य को भी शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। अधिकारी ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद ही पीड़ितों की वास्तविक संख्या स्पष्ट हो सकेगी।
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तेलंगाना की दुकान में लगी आग
मणिपुर में सुरक्षा बलों ने राज्य में बम धमाकों और अन्य अवैध गतिविधियों में कथित संलिप्तता के आरोप में सात उग्रवादियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए उग्रवादी चार प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े हैं। पुलिस के अनुसार, बैन किए गए पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) का सक्रिय सदस्य मणिपुर-भारत सीमा के पास, मोरेह थाना क्षेत्र में तेनगनुपाल जिले से पकड़ा गया। वहीं, इम्पल ईस्ट के विभिन्न क्षेत्रों से तीन अन्य सदस्य गिरफ्तार किए गए हैं, जिन पर व्यवसायियों को निशाना बनाने वाले IED धमाकों में शामिल होने का आरोप है। उनके कब्जे से तीन इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IEDs) और दो डेटोनेटर बरामद किए गए।
सुरक्षा बलों ने शुक्रवार को मोरेह थाना क्षेत्र में कांगलेइपक कम्युनिस्ट पार्टी और कांगलेइ यावोल कन्ना लुप के एक-एक सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार किया। इसके अलावा, इम्पल वेस्ट जिले के थांगमाइबंड में यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट (P) का एक सक्रिय सदस्य भी हिरासत में लिया गया। इस व्यक्ति को 2022 में सागोलबंद तक्हेल्लम्बम लेइकाई इलाके में हुए बम विस्फोट से संबंधित FIR में नामित किया गया है। पुलिस ने बताया कि मणिपुर में जातीय हिंसा शुरू होने के बाद सुरक्षा बल लगातार तलाशी अभियान चला रहे हैं। मई 2023 से हुए मैतई और क्यूकी-ज़ो समुदाय के बीच संघर्ष में अब तक 260 से अधिक लोग मारे गए और हजारों लोग बेघर हुए हैं।