Updates: महाराष्ट्र में अस्पताल में आग से अफरातफरी, बाल-बाल बची मरीजों की जान; PM ने दी मणिपुर को बधाई
रविवार देर रात 1.47 बजे आग लगने की सूचना मिली। दमकल की गाड़ियों को घटनास्थल पर भेजा गया और आग पर देर रात करीब 2.25 बजे काबू पा लिया गया। इस दौरान छह मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
विस्तार
महाराष्ट्र में आग लगने की घटनाएं होना आम सा हो गया है। अब मुंबई के विक्रोली पूर्व इलाके में स्थित डॉक्टर आंबेडकर अस्पताल में देर रात आग लगने की जानकारी सामने आई। हालांकि, इस आग में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
अधिकारी के मुताबिक, रविवार देर रात 1.47 बजे आग लगने की सूचना मिली। दमकल की गाड़ियों को घटनास्थल पर भेजा गया और आग पर देर रात करीब 2.25 बजे काबू पा लिया गया। इस दौरान छह मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। बचाए गए मरीजों की पहचान शिवाजी धेले (65), विमल तिवारी (60), यशोदाबाई राठौड़ (58), कांताप्रसाद निर्मल (75), अरुण हरिभगत (64), और सुष्मिता घोकशे (23) के रूप में हुई। इन लोगों को राजावाड़ी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि आग आईसीयू में भूतल और ऊपरी तीन मंजिलों पर एयर सक्शन मोटर के मुख्य केबल तक ही सीमित रही। उन्होंने बताया कि आग लगने के सही कारणों का पता लगाने के लिए जांच चल रही है।
बता दें, इससे पहले शनिवार दोपहर मुंबई के मलाड इलाके में एक 22 मंजिला इमारत में आग लग गई थी।
प्रधानमंत्री मोदी ने मणिपुर स्थापना दिवस की बधाई दी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मणिपुर स्थापना दिवस के अवसर पर बधाई दी। उन्होंने ट्वीट कर कहा, 'राज्य के लोगों को मेरी शुभकामनाएं। मणिपुर ने भारत की प्रगति में एक मजबूत योगदान दिया है। हमें राज्य की संस्कृति और परंपराओं पर गर्व है। मैं मणिपुर के निरंतर विकास के लिए प्रार्थना करता हूं।'
ड्रोन ने द्रविड़ आंदोलन की नीति यात्रा को दिखाया
डीएमके के दूसरे यूथ विंग कॉन्फ्रेंस के दौरान सलेम में एक ड्रोन शो आयोजित हुआ। इसमें 1500 ड्रोन ने द्रविड़ आंदोलन की नीति यात्रा को दिखाया।
#WATCH | Tamil Nadu: A drone show, where 1500 drones showed the Dravidian Movement policy journey, was organised in Salem during DMK's second Youth Wing Conference.
— ANI (@ANI) January 21, 2024
(Source: DMK) pic.twitter.com/3tJSyBtKj2
अरुणाचल प्रदेश: वाहन के खाई में गिरने से तीन लोगों की मौत
पुलिस के मुताबिक, मृतकों की पहचान दिलीप डेका (26), पुनित बसोतिया (31) और नागंद्र शाह (50) के रूप में हुई और ये सभी तिनसुकिया के एक मोटरखाने में काम करते थे। वे किसी गाड़ी की मरम्मत के लिए हवाई गए हुए थे। उन्होंने बताया कि जिस वाहन में वे यात्रा कर रहे थे वह सड़क से फिसलकर गहरी खाई में जा गिरा। मृतकों के शव कार के अंदर कथित तौर पर फंस गए थे लेकिन बाद में नामसाई पुलिस और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीम की मदद से उन्हें बाहर निकाल लिया गया।
उन्होंने बताया कि पुलिस को शनिवार सुबह दुर्घटना की सूचना मिली लेकिन शवों और वाहन को नहीं निकाला जा सका था। जिला प्रशासन और पुलिस ने शवों व वाहन को बाहर निकालने के लिए बाद में एनडीआरएफ की टीम की मदद ली। उन्होंने बताया कि अंतिम संस्कार के लिए शवों को मृतकों के परिवारों को सौंप दिया गया।