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7 एयरपोर्ट पर शुरू होगी नई स्कीम: फास्ट ट्रैक इमिग्रेशन से जुड़े 18000 यात्री, ई-गेट से गुजरे 1500 एयर पैसेंजर

Wed, 18 Sep 2024 02:28 PM IST
अभिषेक दीक्षित डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Wed, 18 Sep 2024 02:28 PM IST
सार

केंद्रीय गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, केंद्र सरकार ने अपने सौ दिन के कार्यकाल में विश्वसनीय यात्री कार्यक्रम 'फास्ट ट्रैक इमिग्रेशन-विश्वसनीय यात्री कार्यक्रम' (एफटीआई-टीटीपी) का शुभारंभ किया था। एफटीआई-टीटीपी का उद्देश्य तीव्र, सुगम, सुरक्षित आप्रवासन मंजूरी के साथ अंतरराष्ट्रीय आवागमन को सुविधाजनक बनाना है।

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New scheme will be started at 7 airports 18000 passengers fast track immigration 1500 passengers passed e-gate
Airport - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

केंद्र सरकार द्वारा तीन माह पहले शुरु की गई 'फास्ट ट्रैक इमीग्रेशन- ट्रस्टेड ट्रैवलर प्रोग्राम' योजना के उत्साहवर्धक नतीजे सामने आ रहे हैं। इस सेवा के प्रयोग के लिए कार्यक्रम (ऑनलाइन पोर्टल) के अंतर्गत अब तक 18400 व्यक्तियों/यात्रियों (भारतीय और ओसीआई कार्डधारकों) को पंजीकृत किया गया है। इस सेवा के तहत 60 प्रतिशत तेजी से आप्रवासन मंजूरी दी जाती है। अभी तक ई-गेट के माध्यम से 1,500 यात्रियों ने तेजी से आप्रवासन योजना का फायदा उठाया है। मौजूदा समय में 'फास्ट ट्रैक इमीग्रेशन-ट्रस्टेड ट्रैवलर प्रोग्राम' को आईजीआई एयरपोर्ट, टी-3 टर्मिनल पर लागू किया गया है। बहुत जल्द यह योजना मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, बैंगलोर, हैदराबाद, कोचीन और अहमदाबाद जैसे प्रमुख एयरपोर्टों पर शुरु की जाएगी। इन हवाई अड्डों पर सर्वे का कार्य चल रहा है।

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केंद्रीय गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, केंद्र सरकार ने अपने सौ दिन के कार्यकाल में विश्वसनीय यात्री कार्यक्रम 'फास्ट ट्रैक इमिग्रेशन-विश्वसनीय यात्री कार्यक्रम' (एफटीआई-टीटीपी) का शुभारंभ किया था। एफटीआई-टीटीपी का उद्देश्य तीव्र, सुगम, सुरक्षित आप्रवासन मंजूरी के साथ अंतरराष्ट्रीय आवागमन को सुविधाजनक बनाना है। प्रारंभिक चरण में, इसे भारतीय नागरिकों और ओसीआई (ओवरसीज सिटिजनशिप ऑफ इंडिया) कार्डधारकों के लिए निःशुल्क शुरू किया गया है। इस सेवा के प्रयोग के लिए कार्यक्रम (ऑनलाइन पोर्टल) के अंतर्गत अब तक 18400 व्यक्तियों/यात्रियों (भारतीय/ओसीआई कार्डधारकों) को पंजीकृत किया गया है। इस योजना में हवाई यात्रियों को 60 प्रतिशत तेजी से आप्रवासन मंजूरी दी जाती है। उन्हें लंबी लाइनों में नहीं लगना पड़ता। 
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बता दें कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने जून में नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे के टर्मिनल-3 पर 'फास्ट ट्रैक इमीग्रेशन -ट्रस्टेड ट्रैवलर प्रोग्राम' का उद्घाटन किया था। गृह मंत्री का कहना था कि 'फास्ट ट्रैक इमीग्रेशन-ट्रस्टेड ट्रैवलर प्रोग्राम' एक दूरदर्शी पहल। इसे भारतीय नागरिकों और ओसीआई कार्डधारकों के लिए बहुत सोचकर तैयार किया गया है। यह पहल दूसरे देशों से आने वाले भारतीय नागरिकों व ओसीआई यात्रियों की सुविधा बढ़ाएगी। इसे अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए तेज, सुगम और सुरक्षित इमीग्रेशन अप्रूवल के लिए तैयार किया गया है। 
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यह सिस्टम ई गेट पर चलेगा, जो इमीग्रेशन अप्रूवल की प्रक्रिया में मानवीय हस्तक्षेप को न्यूनतम कर देगा। शाह ने कहा था, इस कार्यक्रम को दो चरणों में लागू किया जाएगा। पहले चरण में, भारतीय नागरिकों और ओसीआई कार्डधारकों को कवर किया जाएगा। दूसरे चरण में विदेशी यात्रियों को कवर किया जाएगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य ई गेट के माध्यम से स्क्रीन्ड अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए फॉस्ट इमीग्रेशन लेन के माध्यम से विश्वस्तरीय इमीग्रेशन सुविधाओं को विकसित कर अंतरराष्ट्रीय यात्रा को सुगम तथा सुरक्षित बनाना है। एफटीआई-टीटीपी को एक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से लागू किया जाएगा। अप्रवासन ब्यूरो, इस कार्यक्रम के तहत यात्रियों की विभिन्न श्रेणियों की फास्ट ट्रैक इमीग्रेशन के लिए नोडल एजेंसी होगा। इस योजना में नामांकन के लिए आवेदक को अपने विवरण और आवश्यक दस्तावेजों के साथ पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा। 


गृह मंत्री शाह ने कहा था, आवश्यक जांच के बाद,'विश्वसनीय यात्रियों' की एक व्हाइट सूची बनाई जाएगी। उसे ई-गेट्स के माध्यम से लागू करने के लिए फीड किया जाएगा। ई-गेट्स से गुजरने वाले 'ट्रस्टेड ट्रैवलर' का बायोमेट्रिक्स एफआरआरओ कार्यालय या पंजीकृत यात्री के हवाई अड्डे से गुजरने के वक्त लिया जाएगा। टीटीपी पंजीकरण पासपोर्ट की वैधता या 05 वर्ष तक जो भी पहले हो, तक वैध होगा। उसके बाद इसका नवीनीकरण किया जाएगा। प्रक्रिया के तहत, जैसे ही 'पंजीकृत यात्री' ई-गेट्स पर पहुंचेंगे, उनकी उड़ान की डिटेल्स प्राप्त करने के लिए ई-गेट्स पर एयरलाइंस द्वारा जारी किए गए अपने बोर्डिग पास को स्कैन करेगा। ई-गेट्स पर पासपोर्ट को स्कैन और यात्री के बायोमेट्रिक का प्रमाणीकरण भी किया जाएगा। एक बार जब यात्री की वास्तविक पहचान स्थापित हो जाएगी और बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण हो जाएगा, तो ई-गेट अपने आप खुल जाएगा और इमीग्रेशन अप्रूवल दिया गया माना जाएगा।

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