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Healthcare Sector: मंडाविया बोले, नया भारत स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में किसी भी खतरे से निपटने के लिए तैयार
Fri, 23 Sep 2022 03:36 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Amit Mandal
Updated Fri, 23 Sep 2022 03:36 PM IST
सार
कोविड-19 के देश के प्रबंधन के बारे में विस्तार से बताते हुए मंडाविया ने कहा कि सरकार ने भारत में आने से बहुत पहले ही वायरस को समझने के प्रयास शुरू कर दिए थे, और इसके अनुसार योजना बनाई
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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया
- फोटो : पीटीआई
विस्तार
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने शुक्रवार को स्वास्थ्य नीति और बुनियादी ढांचे पर चर्चा को राजनीतिकरण से मुक्त करने और पूरे परिदृष्य में अधिक समग्र दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि एक नया भारत स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में किसी भी खतरे से निपटने के लिए तैयार है। मंडाविया ने पब्लिक अफेयर्स फोरम ऑफ इंडिया (PAFI) के 9वें वार्षिक फोरम 2022 में कहा कि एक स्वस्थ भारत एक समृद्ध भारत होगा।
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मंडाविया बोले, पीएम मोदी के नेतृत्व में नया भारत एक सशक्त राष्ट्र
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नया भारत एक सशक्त राष्ट्र है और किसी भी संकट का सामना करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की सक्रिय योजना से फर्क पड़ा है, निजी मेडिकल कॉलेजों के साथ-साथ सार्वजनिक अस्पतालों के साथ पीपीपी मॉडल के माध्यम से देश भर में स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे का प्रचार किया जा रहा है। मंडाविया ने कहा कि स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए देश भर में 22 एम्स की योजना बनाई गई है।
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महामारी का सामना करने के लिए पहले से तैयारी की
कोविड-19 के देश के प्रबंधन के बारे में विस्तार से बताते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने भारत में आने से बहुत पहले ही वायरस को समझने के प्रयास शुरू कर दिए थे, और इसके अनुसार योजना बनाई और महामारी का सामना करने के लिए पहले से तैयारी की। भारत में स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे के जीडीपी अनुपात में गिरावट के बारे में बात करते हुए मंडाविया ने कहा कि हर देश का अपने लोगों के लिए विशिष्ट मॉडल होता है। भारत में अन्य देशों की तुलना में स्वास्थ्य देखभाल पर खर्च कम है। फिर भी सरकार इस बारे में बहुत चिंतित है अपने लोगों के स्वास्थ्य के लिए और अगले पांच वर्षों में आयुष्मान भारत योजना को लागू करने के लिए प्रत्येक जिले के लिए 100 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है।
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स्वास्थ्य सेवा में पीपीपी मॉडल का विवरण देते हुए मंडाविया ने कहा कि सरकार देश के लिए स्वास्थ्य देखभाल मॉडल की योजना और निर्माण में समग्र दृष्टिकोण अपना रही है। उन्होंने कहा कि सरकार स्वास्थ्य सेवा के लिए दो मॉडल अपना रही है। जबकि एक के तहत इसने 2025 तक भारत से टीबी के उन्मूलन के लिए निश्चय मित्र योजना शुरू की है और लोगों को नौ लाख टीबी रोगियों को अपनाने के लिए कहा है। दूसरी पीपीपी व्यवस्था के तहत आयुष्मान भारत योजना को 24,000 से अधिक निजी अस्पतालों में विस्तारित किया गया है।