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5 साल तक मूल्य नियंत्रण से बाहर रहेंगी नई दवाइयां
Sat, 05 Jan 2019 04:57 AM IST
Avdhesh Kumar
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Sat, 05 Jan 2019 04:57 AM IST
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Medicine
सरकार ने इंडियन पेटेंट एक्ट-1970 के तहत नया पेटेंट पाने वाली दवाइयों को पांच साल तक मूल्य नियंत्रण के दायरे से बाहर रखने का निर्णय लिया है। इस बारे में अधिसूचना जारी कर दी गई है, जिसमें पांच साल की यह सीमा दवा की मार्केटिंग शुरू होने की तारीख से लागू होने की जानकारी दी गई है।
अधिसूचना के मुताबिक, रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय की तरफ से जारी दवा (मूल्य नियंत्रण) संशोधन आदेश-2019 में दवा निर्माताओं को 5 साल की यह छूट दी गई है। अधिसूचना में यह भी कहा गया है कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की तरफ से आरफेन डिजीज के दायरे में रखी गई बीमारियों के इलाज में होने वाली दवाओं पर डीपीसीओ-2013 के प्रावधान लागू नहीं होंगे।
बता दें कि डीपीसीओ के तहत आरक्षित फॉर्मूले वाली दवाओं का मूल्य तय किया जाता है और अन्य सभी तरह की दवाओं के अधिकतम खुदरा मूल्य पर भी नजर रखी जाती है।
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अधिसूचना के मुताबिक, रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय की तरफ से जारी दवा (मूल्य नियंत्रण) संशोधन आदेश-2019 में दवा निर्माताओं को 5 साल की यह छूट दी गई है। अधिसूचना में यह भी कहा गया है कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की तरफ से आरफेन डिजीज के दायरे में रखी गई बीमारियों के इलाज में होने वाली दवाओं पर डीपीसीओ-2013 के प्रावधान लागू नहीं होंगे।
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बता दें कि डीपीसीओ के तहत आरक्षित फॉर्मूले वाली दवाओं का मूल्य तय किया जाता है और अन्य सभी तरह की दवाओं के अधिकतम खुदरा मूल्य पर भी नजर रखी जाती है।