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‘ग्रेनो’ की तरह बसेगा एक और शहर, प्राधिकरण व डीएमआईसी की बैठक में हुआ फैसला
अमर उजाला ब्यूरो/ग्रेटर नोएडा.\
Updated Sun, 21 Aug 2016 05:25 AM IST
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नोएडा
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ग्रेटर नोएडा के क्षेत्रफल के बराबर एक और शहर बसाने की नींव नवंबर में पड़ने जा रही है। दादरी-नोएडा-गाजियाबाद निवेश क्षेत्र (डीएनजीआईआर) के नाम से शहर बसाया जाएगा। डीएनजीआईआर की पहली औद्योगिक योजना नवंबर में लांच होने जा रही है। शनिवार को दिल्ली मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (डीएमआईसी) और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने यह निर्णय लिया है।
नए शहर का क्षेत्रफल करीब 20 हजार हेक्टेयर का होगा। यह निवेश क्षेत्र बुलंदशहर-खुर्जा रेलवे लाइन के पास 200 वर्ग किलोमीटर के दायरे में प्रस्तावित है। ग्रेटर नोएडा की तरफ से इसकी सीमा बोड़ाकी के पास से शुरू हो जाएगी। इस निवेश क्षेत्र का पहला पायलट प्रोजेक्ट इंटीग्रेटेड टाउनशिप होगा। इस टाउनशिप में 51 फीसदी जगह उद्योगों के लिए निर्धारित है। शेष सात फीसदी व्यावसायिक, 13 फीसदी रिहाइश और 29 फीसदी एरिया ग्रीनरी के लिए छोड़ी जाएगी। इस टाउनशिप में उद्योगों की पहली योजना नवंबर में लांच करने की तैयारी है।
मालूम हो कि ग्रेटर नोएडा का दायरा 22525 हेक्टेयर है। इसमें सभी उद्योग बड़े आकार के हाईटेक और बायो टेक्नोलॉजी वाले होंगे। इसमें उद्योगों के लिए सबसे छोटे भूखंड भी पांच एकड़ के होंगे। इनकी दरें फिलहाल तय नहीं हैं। सीईओ दीपक अग्रवाल का कहना है कि अगले माह प्रस्तावित बैठक में दरें तय कर दी जाएंगी।
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शनिवार को डीएमआईसी के सीईओ अलकेश कुमार, औद्योगिक नीति एवं प्रोत्साहन विभाग (भारत सरकार) के सचिव रमेश अभिषेक , ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ दीपक अग्रवाल, महाप्रबंधक लीनू सहगल, ओएसडी केके सिंह सहित कई सीनियर अफसरों ने पहले तो मौके पर जाकर निरीक्षण किया। उसके बाद बैठक कर इस प्रोजेक्ट को तय समय से पहले पूरा करने जोर दिया। इसी बैठक में तय हुआ कि करीब 300 हेक्टेयर वाली इस टाउनशिप की पहली औद्योगिक योजना नवंबर में लांच कर दी जाए।
इससे पहले मिट्टी की पटाई करने और सड़क का निर्माण कर पूरा लिया जाए, जिससे कि उद्यमी यहां आसानी से पहुंच सकें। जब तक वे उद्योग लगाना शुरू करेंगे तब तक जल-सीवर, बिजली व अन्य काम भी पूरे कर लिए जाएंगे। वैसे तो इस टाउनशिप में विकास कार्य पूरा करने का लक्ष्य 31 मार्च 2018 है, लेकिन दिसंबर 2017 तक इसे पूरा करने की मंशा है।
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नए शहर का क्षेत्रफल करीब 20 हजार हेक्टेयर का होगा। यह निवेश क्षेत्र बुलंदशहर-खुर्जा रेलवे लाइन के पास 200 वर्ग किलोमीटर के दायरे में प्रस्तावित है। ग्रेटर नोएडा की तरफ से इसकी सीमा बोड़ाकी के पास से शुरू हो जाएगी। इस निवेश क्षेत्र का पहला पायलट प्रोजेक्ट इंटीग्रेटेड टाउनशिप होगा। इस टाउनशिप में 51 फीसदी जगह उद्योगों के लिए निर्धारित है। शेष सात फीसदी व्यावसायिक, 13 फीसदी रिहाइश और 29 फीसदी एरिया ग्रीनरी के लिए छोड़ी जाएगी। इस टाउनशिप में उद्योगों की पहली योजना नवंबर में लांच करने की तैयारी है।
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मालूम हो कि ग्रेटर नोएडा का दायरा 22525 हेक्टेयर है। इसमें सभी उद्योग बड़े आकार के हाईटेक और बायो टेक्नोलॉजी वाले होंगे। इसमें उद्योगों के लिए सबसे छोटे भूखंड भी पांच एकड़ के होंगे। इनकी दरें फिलहाल तय नहीं हैं। सीईओ दीपक अग्रवाल का कहना है कि अगले माह प्रस्तावित बैठक में दरें तय कर दी जाएंगी।
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शनिवार को डीएमआईसी के सीईओ अलकेश कुमार, औद्योगिक नीति एवं प्रोत्साहन विभाग (भारत सरकार) के सचिव रमेश अभिषेक , ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ दीपक अग्रवाल, महाप्रबंधक लीनू सहगल, ओएसडी केके सिंह सहित कई सीनियर अफसरों ने पहले तो मौके पर जाकर निरीक्षण किया। उसके बाद बैठक कर इस प्रोजेक्ट को तय समय से पहले पूरा करने जोर दिया। इसी बैठक में तय हुआ कि करीब 300 हेक्टेयर वाली इस टाउनशिप की पहली औद्योगिक योजना नवंबर में लांच कर दी जाए।
इससे पहले मिट्टी की पटाई करने और सड़क का निर्माण कर पूरा लिया जाए, जिससे कि उद्यमी यहां आसानी से पहुंच सकें। जब तक वे उद्योग लगाना शुरू करेंगे तब तक जल-सीवर, बिजली व अन्य काम भी पूरे कर लिए जाएंगे। वैसे तो इस टाउनशिप में विकास कार्य पूरा करने का लक्ष्य 31 मार्च 2018 है, लेकिन दिसंबर 2017 तक इसे पूरा करने की मंशा है।
बड़ी इंडस्ट्रीज को स्टांप ड्यूटी से छूट
फाइल फोटो
इस टाउनशिप में उद्योग लगाने वाले बड़े उद्यमियों को प्लॉट खरीदने पर रजिस्ट्री के समय स्टांप शुल्क नहीं देना पड़ेगा। 500 करोड़ या इससे अधिक निवेश करने वाले उद्योगपतियों को 100 रुपये की स्टांप ड्यूटी पर रजिस्ट्री हो जाएगी। हालांकि इस टाउनशिप में जापनी निवेश क्षेत्र भी बनना है। उसके लिए सरकार से नीति तय होनी बाकी है।
दादरी-नोएडा-गाजियाबाद निवेश क्षेत्र की 30 साल की महायोजना तैयार कर ली गई है। इसके पायलट प्रोजेक्ट इंडस्ट्रियल टाउनशिप में 30 हजार करोड़ रुपये के निवेश का आकलन है। साथ ही 60 हजार युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की उम्मीद है।
दादरी-नोएडा-गाजियाबाद निवेश क्षेत्र को चलाने के लिए एसपीवी (स्पेशल परपज व्हीकल) का गठन होना है। इस एसपीवी में 50 फीसदी केंद्र और 50 फीसदी राज्य सरकार की हिस्सेदारी होगी। टाउनशिप के अलावा दो और महत्वपूर्ण परियोजना का समावेश इस एसपीवी में हो गया है मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब और लॉजिस्टक हब।
दादरी-नोएडा-गाजियाबाद निवेश क्षेत्र की 30 साल की महायोजना तैयार कर ली गई है। इसके पायलट प्रोजेक्ट इंडस्ट्रियल टाउनशिप में 30 हजार करोड़ रुपये के निवेश का आकलन है। साथ ही 60 हजार युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की उम्मीद है।
दादरी-नोएडा-गाजियाबाद निवेश क्षेत्र को चलाने के लिए एसपीवी (स्पेशल परपज व्हीकल) का गठन होना है। इस एसपीवी में 50 फीसदी केंद्र और 50 फीसदी राज्य सरकार की हिस्सेदारी होगी। टाउनशिप के अलावा दो और महत्वपूर्ण परियोजना का समावेश इस एसपीवी में हो गया है मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब और लॉजिस्टक हब।