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India-Nepal: नेपाल भारत से कुछ डेयरी उत्पादों के आयात के अनुरोध पर विचार करेगा, वाणिज्य मंत्रालय की टिप्पणी
Sun, 12 Jan 2025 09:11 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: पवन पांडेय
Updated Sun, 12 Jan 2025 09:11 PM IST
सार
वाणिज्य मंत्रालय ने कहा, 'भारतीय पक्ष ने नेपाल को दूध निर्यात में आने वाली समस्याओं को उजागर किया। नेपाली पक्ष ने नेपाल में पर्याप्त रूप से उत्पादित नहीं होने वाले दूध उत्पादों जैसे मट्ठा और पनीर के लिए भारतीय पक्ष के अनुरोध पर सकारात्मक रूप से विचार करने पर सहमति व्यक्त की।'
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : ANI
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विस्तार
भारत ने नेपाल में अपने दूध निर्यातकों के सामने आने वाली समस्याओं पर चिंता जताई है, पड़ोसी देश ने मट्ठा और पनीर जैसे विशिष्ट उत्पादों के आयात को सुविधाजनक बनाने की संभावना तलाशने पर सहमति जताई है। यह मामला 10-11 जनवरी को काठमांडू में आयोजित व्यापार, ट्रांजिट और अनधिकृत व्यापार से निपटने के लिए सहयोग पर भारत-नेपाल अंतर-सरकारी समिति (आईजीसी) की बैठक के दौरान चर्चा के लिए आया था।
भारतीय पक्ष ने निर्यात की समस्याओं को किया उजागर
वाणिज्य मंत्रालय ने कहा, 'भारतीय पक्ष ने नेपाल को दूध निर्यात में आने वाली समस्याओं को उजागर किया। नेपाली पक्ष ने नेपाल में पर्याप्त रूप से उत्पादित नहीं होने वाले दूध उत्पादों जैसे मट्ठा और पनीर के लिए भारतीय पक्ष के अनुरोध पर सकारात्मक रूप से विचार करने पर सहमति व्यक्त की।' दोनों पक्षों ने ट्रांजिट संधि और व्यापार संधि की समीक्षा पर भी चर्चा की और मौजूदा समझौतों में संशोधन, मानकों के सामंजस्य और रक्सौल-बीरगंज रेल लाइन के विद्युतीकरण समेत व्यापार बुनियादी ढांचे के विकास का प्रस्ताव रखा।
इसमें कहा गया कि विचार-विमर्श में आपसी बाजार पहुंच, बौद्धिक संपदा अधिकार और सीमा शुल्क से संबंधित मुद्दे शामिल थे। इसके अलावा, मंत्रालय ने कहा कि नेपाल के अनुरोध पर, भारत ने काकरभिट्टा (नेपाल) बंगलाबंधा (बांग्लादेश) मार्ग से फूलबाड़ी (भारत) के माध्यम से पारगमन में नेपाली मालवाहक वाहनों के लिए अधिकतम धुरा भार सीमा लागू करने पर सहमति व्यक्त की।
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क्या है भारतीय सड़क परिवहन नियम?
भारतीय सड़क परिवहन नियमों के अनुसार, दो-धुरा वाहनों के लिए धुरा भार सीमा 18.5 टन और तीन-धुरा वाहनों के लिए 28 टन होगी। भारत ने नेपाल को यह भी सूचित किया कि साल के बीज और चायोटे को उसके प्लांट क्वारंटीन ऑर्डर में शामिल किया गया है। इसके अतिरिक्त, जटामासी जड़ का अर्क, सुगंधकोकिला बेरी का अर्क, सुगंधवाल प्रकंद का अर्क और तिमुर बेरी के अर्क को भारत की प्रसंस्कृत पादप उत्पादों की सूची में शामिल करने के नेपाल के अनुरोध को स्वीकार कर लिया गया है। वाणिज्य सचिव सुनील बर्थवाल ने भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया और नेपाली पक्ष का नेतृत्व उद्योग, वाणिज्य और आपूर्ति मंत्रालय के सचिव गोविंद बहादुर कार्की ने किया।
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भारतीय पक्ष ने निर्यात की समस्याओं को किया उजागर
वाणिज्य मंत्रालय ने कहा, 'भारतीय पक्ष ने नेपाल को दूध निर्यात में आने वाली समस्याओं को उजागर किया। नेपाली पक्ष ने नेपाल में पर्याप्त रूप से उत्पादित नहीं होने वाले दूध उत्पादों जैसे मट्ठा और पनीर के लिए भारतीय पक्ष के अनुरोध पर सकारात्मक रूप से विचार करने पर सहमति व्यक्त की।' दोनों पक्षों ने ट्रांजिट संधि और व्यापार संधि की समीक्षा पर भी चर्चा की और मौजूदा समझौतों में संशोधन, मानकों के सामंजस्य और रक्सौल-बीरगंज रेल लाइन के विद्युतीकरण समेत व्यापार बुनियादी ढांचे के विकास का प्रस्ताव रखा।
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इसमें कहा गया कि विचार-विमर्श में आपसी बाजार पहुंच, बौद्धिक संपदा अधिकार और सीमा शुल्क से संबंधित मुद्दे शामिल थे। इसके अलावा, मंत्रालय ने कहा कि नेपाल के अनुरोध पर, भारत ने काकरभिट्टा (नेपाल) बंगलाबंधा (बांग्लादेश) मार्ग से फूलबाड़ी (भारत) के माध्यम से पारगमन में नेपाली मालवाहक वाहनों के लिए अधिकतम धुरा भार सीमा लागू करने पर सहमति व्यक्त की।
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क्या है भारतीय सड़क परिवहन नियम?
भारतीय सड़क परिवहन नियमों के अनुसार, दो-धुरा वाहनों के लिए धुरा भार सीमा 18.5 टन और तीन-धुरा वाहनों के लिए 28 टन होगी। भारत ने नेपाल को यह भी सूचित किया कि साल के बीज और चायोटे को उसके प्लांट क्वारंटीन ऑर्डर में शामिल किया गया है। इसके अतिरिक्त, जटामासी जड़ का अर्क, सुगंधकोकिला बेरी का अर्क, सुगंधवाल प्रकंद का अर्क और तिमुर बेरी के अर्क को भारत की प्रसंस्कृत पादप उत्पादों की सूची में शामिल करने के नेपाल के अनुरोध को स्वीकार कर लिया गया है। वाणिज्य सचिव सुनील बर्थवाल ने भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया और नेपाली पक्ष का नेतृत्व उद्योग, वाणिज्य और आपूर्ति मंत्रालय के सचिव गोविंद बहादुर कार्की ने किया।