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B Sudershan Reddy: 'एक सभ्य प्रतियोगिता की जरूरत', उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर बोले इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार
Sat, 23 Aug 2025 01:30 PM IST
बशु जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: बशु जैन
Updated Sat, 23 Aug 2025 01:30 PM IST
सार
बी सुदर्शन रेड्डी ने कहा कि मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं उपराष्ट्रपति चुनाव लड़ूंगा। यह प्रस्ताव सबसे पहले कांग्रेस की ओर से आया था। मैंने कहा था कि मेरे लिए किसी विशेष राजनीतिक दल का उम्मीदवार बनना मुश्किल हो सकता है, लेकिन अगर इंडिया गठबंधन के दल सहमत होते हैं और मुझे उम्मीदवार बनाने पर विचार करते हैं, तो मैं चुनाव लड़ूंगा।
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बी सुदर्शन रेड्डी।
- फोटो : ANI
विस्तार
उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर विपक्षी गठबंधन इंडिया के उम्मीदवार जस्टिस बी सुदर्शन रेड्डी ने सभ्य प्रतियोगिता की जरूरत बताई है। उन्होंने कहा कि सीपी राधाकृष्णन और मेरे बीच कुछ भी व्यक्तिगत नहीं है। हम कभी एक-दूसरे से मिले भी नहीं हैं। इसलिए मैं चाहता था कि यह एक सभ्य प्रतियोगिता हो, व्यक्तियों के बीच नहीं, बल्कि दो अलग-अलग विचारधाराओं के बीच।
उन्होंने कहा कि मैं चाहता हूं कि यह भारत में हाल के दिनों में हुए सबसे सभ्य चुनावों में से एक हो। इसमें कोई कटुता नहीं है। कोई व्यक्तिगत आरोप नहीं हो। किसी व्यक्ति पर कोई टिप्पणी नहीं, क्योंकि उस उच्च सांविधानिक पद पर बैठने के इच्छुक व्यक्ति को वही करना चाहिए जो वह कहता है।
बी सुदर्शन रेड्डी ने कहा कि मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं उपराष्ट्रपति चुनाव लड़ूंगा। यह प्रस्ताव सबसे पहले कांग्रेस की ओर से आया था। कांग्रेस पार्टी के कुछ महत्वपूर्ण पदाधिकारियों ने इसकी शुरुआत की। मैंने कहा था कि मेरे लिए किसी विशेष राजनीतिक दल का उम्मीदवार बनना मुश्किल हो सकता है, लेकिन अगर इंडिया गठबंधन के दल सहमत होते हैं और मुझे उम्मीदवार बनाने पर विचार करते हैं, तो मैं चुनाव लड़ूंगा।
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उन्होंने कहा कि मुझे किसी विचारधारा को पसंद या नापसंद करने का कोई अधिकार नहीं है, लेकिन जिस तरह से आरएसएस काम करता है, उससे मेरे गंभीर मतभेद हैं। मैं एक उदार सांविधानिक लोकतांत्रिक व्यक्ति हूं। मैं धर्मनिरपेक्षता, सामाजिक न्याय और बाबा साहब की बंधुत्व की विचारधारा में विश्वास करता हूं।
जस्टिस सुदर्शन रेड्डी ने कहा कि यह लड़ाई नहीं है, यह विचारों का टकराव है। दूसरा पक्ष यह प्रचार कर रहा था कि यहां एक व्यक्ति है जो जीवन भर आरएसएस का पूर्ण सदस्य रहा है, इसलिए मैं उस विचारधारा से असहमत हूं, सीपी राधाकृष्णन जी से नहीं। सीपी राधाकृष्णन और मेरे बीच कुछ भी व्यक्तिगत नहीं है।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने अपनी 90 प्रतिशत सफलता पहले ही हासिल कर ली है। तेलंगाना जाति सर्वेक्षण के बाद प्रधानमंत्री और भारत सरकार ने राष्ट्रीय जनगणना के साथ जाति सर्वेक्षण कराने की बात कही है। वास्तव में हमें उनका आभारी होना चाहिए। राहुल गांधी को और क्या हासिल करना है?
अमित शाह ने रेड्डी पर लगाया था आरोप
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस नीत गठबंधन के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जस्टिस बी सुदर्शन रेड्डी पर नक्सलवाद का समर्थन करने का आरोप लगाया था। शाह ने कहा कि विपक्ष के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जस्टिस रेड्डी ने नक्सलवाद की मदद की है। यदि उन्होंने सलवा जुडूम के खिलाफ फैसला नहीं सुनाया होता तो देश में चरमपंथी वामपंथी आंदोलन 2020 से पहले ही समाप्त हो गया होता।
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उन्होंने कहा कि मैं चाहता हूं कि यह भारत में हाल के दिनों में हुए सबसे सभ्य चुनावों में से एक हो। इसमें कोई कटुता नहीं है। कोई व्यक्तिगत आरोप नहीं हो। किसी व्यक्ति पर कोई टिप्पणी नहीं, क्योंकि उस उच्च सांविधानिक पद पर बैठने के इच्छुक व्यक्ति को वही करना चाहिए जो वह कहता है।
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बी सुदर्शन रेड्डी ने कहा कि मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं उपराष्ट्रपति चुनाव लड़ूंगा। यह प्रस्ताव सबसे पहले कांग्रेस की ओर से आया था। कांग्रेस पार्टी के कुछ महत्वपूर्ण पदाधिकारियों ने इसकी शुरुआत की। मैंने कहा था कि मेरे लिए किसी विशेष राजनीतिक दल का उम्मीदवार बनना मुश्किल हो सकता है, लेकिन अगर इंडिया गठबंधन के दल सहमत होते हैं और मुझे उम्मीदवार बनाने पर विचार करते हैं, तो मैं चुनाव लड़ूंगा।
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उन्होंने कहा कि मुझे किसी विचारधारा को पसंद या नापसंद करने का कोई अधिकार नहीं है, लेकिन जिस तरह से आरएसएस काम करता है, उससे मेरे गंभीर मतभेद हैं। मैं एक उदार सांविधानिक लोकतांत्रिक व्यक्ति हूं। मैं धर्मनिरपेक्षता, सामाजिक न्याय और बाबा साहब की बंधुत्व की विचारधारा में विश्वास करता हूं।
जस्टिस सुदर्शन रेड्डी ने कहा कि यह लड़ाई नहीं है, यह विचारों का टकराव है। दूसरा पक्ष यह प्रचार कर रहा था कि यहां एक व्यक्ति है जो जीवन भर आरएसएस का पूर्ण सदस्य रहा है, इसलिए मैं उस विचारधारा से असहमत हूं, सीपी राधाकृष्णन जी से नहीं। सीपी राधाकृष्णन और मेरे बीच कुछ भी व्यक्तिगत नहीं है।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने अपनी 90 प्रतिशत सफलता पहले ही हासिल कर ली है। तेलंगाना जाति सर्वेक्षण के बाद प्रधानमंत्री और भारत सरकार ने राष्ट्रीय जनगणना के साथ जाति सर्वेक्षण कराने की बात कही है। वास्तव में हमें उनका आभारी होना चाहिए। राहुल गांधी को और क्या हासिल करना है?
अमित शाह ने रेड्डी पर लगाया था आरोप
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस नीत गठबंधन के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जस्टिस बी सुदर्शन रेड्डी पर नक्सलवाद का समर्थन करने का आरोप लगाया था। शाह ने कहा कि विपक्ष के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जस्टिस रेड्डी ने नक्सलवाद की मदद की है। यदि उन्होंने सलवा जुडूम के खिलाफ फैसला नहीं सुनाया होता तो देश में चरमपंथी वामपंथी आंदोलन 2020 से पहले ही समाप्त हो गया होता।
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