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नीतीश के दबाव में चिराग पासवान को भेजा गया राजग का निमंत्रण रद्द
Sun, 31 Jan 2021 04:52 AM IST
देव कश्यप
हिमांशु मिश्र, नई दिल्ली
हिमांशु मिश्र, नई दिल्ली
Published by: देव कश्यप
Updated Sun, 31 Jan 2021 04:52 AM IST
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चिराग पासवान (फाइल फोटो)
- फोटो : ANI
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राजग के सहयोगियों जदयू और लोजपा के बीच बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान आई कटुता खत्म नहीं हुई है। इसकी बानगी शनिवार को हुई राजग की बैठक में नजर आई। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विरोध के बाद राजग की बैठक के लिए लोजपा को भेजा गया न्योता वापस ले लिया गया। लोजपा प्रमुख चिराग पासवान ने शनिवार को न तो सर्वदलीय बैठक में हिस्सा लिया और न ही राजग की बैठक में ही दिखे। लोजपा के सूत्रों के मुताबिक, चिराग स्वास्थ्य कारणों से बैठकों में शामिल नहीं हुए।
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जदयू सूत्रों के मुताबिक, लोजपा प्रमुख चिराग को शुक्रवार को भाजपा ने शनिवार को हुई राजग की बैठक के लिए न्योता भेजा था। इस पर नीतीश ने अपना तीखा विरोध जताया। इस विरोध के बाद भाजपा की ओर से चिराग को भेजा गया न्योता वापस ले लिया गया। हालांकि, लोजपा की ओर से कहा जा रहा है कि चिराग अस्वस्थता के कारण बैठक में नहीं आए।
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चिराग शुक्रवार को राष्ट्रपति के संयुक्त अभिभाषण और लोकसभा की कार्यवाही के दौरान सदन में उपस्थित थे। दरअसल, लोजपा और जदयू के बीच बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान दूरी बढ़ गई। लोजपा अपने दम पर न सिर्फ चुनाव लड़ी, बल्कि भाजपा के साथ और जदयू के खिलाफ का नारा भी दिया। लोजपा की इस रणनीति के कारण भाजपा और जदयू के रिश्ते में भी खटास आई। लोजपा ने करीब तीन दर्जन सीटों पर भाजपा के बागियों को उम्मीदवार बनाया। चुनाव परिणाम आने के बाद नीतीश ने इस मामले में भाजपा के समक्ष अपनी नाराजगी जताई। लोजपा से बदला चुकाने के लिए ही नीतीश ने लोजपा के इकलौते विधायक को अपनी पार्टी में शामिल करा लिया।
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जदयू से मतभेद नहीं चाहती भाजपा
भाजपा ने भी संकेत दिया है कि वह फिलहाल जदयू से किसी प्रकार का मतभेद बढ़ाने का इच्छुक नहीं है। दरअसल, जदयू को भले ही विधानसभा चुनाव में भाजपा के मुकाबले करीब आधी सीटें ही आई हैं, मगर पार्टी इस चुनाव में अपने कोर वोट बैंक को अपने साथ जोड़े रखने में कामयाब रही है। इसके अलावा भाजपा के पास फिलहाल नीतीश को साधे रखने के अलावा दूसरा विकल्प नहीं है। यही कारण है कि भाजपा ने लोजपा मामले में नीतीश की नाराजगी का ख्याल रखा है।
त्यागी ने कहा, लोजपा को राजग का हिस्सा नहीं मानते
जदयू प्रवक्ता केसी त्यागी ने कहा कि लोजपा ने विधानसभा चुनावों के दौरान राजग उम्मीदवार के खिलाफ काम किया था। यह सीधे तौर पर जदयू के खिलाफ नहीं था, मगर यह भाजपा और उसके दो सहयोगियों विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के उम्मीदवारों के खिलाफ था। पीएम मोदी ने भी चुनावों के दौरान कहा था कि बिहार में राजग सीएम नीतीश कुमार के नेतृत्व में काम कर रही है, जिसमें वीआईपी और हम भी शामिल हैं। ऐसे में हम लोजपा को राजग का हिस्सा नहीं मानते हैं।
राजग में हम बनी रहेगी या नहीं, मांझी तय करेंगे
हम के अध्यक्ष जीतनराम मांझी ने चिराग को न्योता दिए जाने की कड़ी निंदा की। पार्टी के प्रवक्ता दानिश रिजवान ने कहा, यह कुल मिलाकर ठीक नहीं हुआ। लोजपा ने चुनावों के दौरान राजग की पीठ में छुरा भोंका था। अब मांझी ही तय करेंगे कि हम राजग में बनी रहेगी या नहीं।