सरकार ने दो साल में ढूंढा 43,829 करोड़ का कालाधनः केंद्र
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विदेशों में जमा कालाधन वापस लाने को लेकर लगातार सवालों में घिरी केंद्र की राजग सरकार ने इस मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। मंगलवार को राज्यसभा में इस संबंध में पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए वित्त राज्यमंत्री संतोष गंगवार ने बताया कि पिछले दो सालों में सरकार ने 43,829 करोड़ के कालाधन का पता लगाया है।
टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार राज्यसभा में गंगवार ने एक सवाल का लिखित जवाब देते हुए बताया कि सरकार की वन टाइम कंपलाइंस विंडो के तहत यह रकम वापस लाने में मदद मिली है।
पिछले दो सालों में प्रवर्तन उपायों के तहत 990 समूहों और 9457 केसों की समीक्षा के बाद सरकार ने 43,829 करोड़ की छुपी हुई रकम को खोजने में सफलता हासिल की।
राज्यमंत्री संतोष गंगवार ने राज्यसभा में दी जानकारी
गंगवार ने बताया कि यह कालाधन वापस लाने के लिए सरकार ने 1 जुलाई 2015 से 30 सितंबर 2015 तक के लिए सिंगल विंडो की व्यवस्था की थी, जिससे विदेशों में कालाधन जमा करने वाले लोग अपनी आय घोषित कर कानूनी कार्रवाई से छूट पा सकें। इसके तहत 2,476 करोड़ का टैक्स और 648 करोड़ का जुर्माना लगाया गया है।
सरकार ने कालाधन वापस लाने को चार महीने के लिए आय घोषणा योजना (Income Declaration Scheme) की व्यवस्था की है। जिसमें विदेशों में कालाधन जमा करने वाले लोग आय की घोषणा कर उस पर टैक्स और पेनल्टी देकर कानूनी कार्रवाई से राहत पा सकते हैं।
1 जून 2016 से इसकी शुरूआत हो चुकी है। गंगवार ने बताया कि आईडीएस स्कीम के तहत घोषित आय ही कंपलाइंस विंडो के तहत जानी जाएगी।