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बंगाल हिंसा : राष्ट्रीय महिला आयोग की टीम की जांच रिपोर्ट में खुलासा, राज्य में हालात गंभीर
Sat, 08 May 2021 02:15 AM IST
संजीव कुमार झा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Sat, 08 May 2021 02:15 AM IST
सार
रिपोर्ट के मुताबिक पूरे राज्य में महिलाओं को क्रूर हिंसा का शिकार होना पड़ रहा है। प्रशासन के असहयोगात्मक रवैये के कारण महिलाएं आश्रय स्थलों में रहने के लिए विवश हैं।
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राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा
- फोटो : एएनआई
विस्तार
पश्चिम बंगाल में महिला हिंसा के हालात लगातार खराब हो रहे हैं। हिंसा और प्रशासन के असहयोगात्मक रवैये के कारण महिलाएं आश्रय स्थलों में रहने के लिए विवश हैं, उन्हें लगातार धमकियां मिल रहीम हैं। पीड़ितों ने आरोप लगाया है कि उनके घरों को टीएमसी के कार्यकर्ताओं द्वारा तोड़फोड़ करके आग के हवाले किया जा रहा है। इसके चलते वह न चाहते हुए भी सुरक्षा के लिए पलायन के लिए विवश हो रहे हैं। राष्ट्रीय महिला आयोग के जांच दल ने शुक्रवार को अपने दो दिवसीय बंगाल दौरे के बाद इस हालात का सिलसिलेवार ढंग से जांच रिपोर्ट में खुलासा किया है।
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आयोग ने बंगाल में महिलाओं के विरुद्ध हो रहे हिंसा के मामले में अपनी जांच रिपोर्ट जारी कर दी है। आयोग की प्रमुख रेखा शर्मा ने अपनी दो दिन की बंगाल यात्रा के दौरान विधानसभा चुनावों के बाद राज्य में महिलाओं के विरुद्ध हो रहे जघन्य अपराधों, दुष्कर्म और हत्या जैसा मामलों की जांच की। जांच टीम ने पाया की जिन आश्रय स्थलों पर इन महिलाओं को रखा गया है वहां उचित सुविधाओं का अभाव है। इन महिलाओं ने शिकायत की है कि उन्हें कोई सुविधा नहीं है पीने का पानी तो दूर चिकित्सा सुविधा स्वास्थ यहां तक की भोजन तक उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है।
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कई महिलाओं ने अपनी बेटियों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई और पलायन की बात कही। जांच टीम ने राज्यपाल के साथ बैठक करके उन्हें हालातों की जानकारी दी, और उनसे अविलंब हस्तक्षेप करने की गुजारिश की। इसके लिए तय किया गया की सभी शिकायतों का जिलेवार संकलन किया जाएगा। इतना ही नहीं राज्यपाल ने भी सुझाव दिया कि आयोग को ऐसी घटनाओं की विस्तृत जानकारी और प्राथमिकी की संख्याओं के साथ उनकी स्थिति के बारे में जिलाधिकारी और पुलिस अधिकारियों को रिपोर्ट के साथ आयोग के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया जाना चाहिए।
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