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NCW: पुणे की कंपनी में पुरुष कर्मी के महिला सहकर्मी पर हमले की महिला आयोग ने की जांच, सरकार को सौंपी रिपोर्ट

Thu, 20 Mar 2025 10:53 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: बशु जैन Updated Thu, 20 Mar 2025 10:53 PM IST
सार

पुणे के यरवदा में एक बीपीओ फर्म डब्ल्यूएनएस ग्लोबल सर्विसेज में एकाउंटेंट के रूप में काम करने वाली 28 वर्षीय शुभदा शंकर कोडारे पर सात जनवरी को पार्किंग क्षेत्र में उनके पुरुष सहकर्मी ने चॉपर से हमला किया था। मामले की जांच राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने की। 

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ncw investigated the attack on a female colleague of a male employee in Pune, submitted report to govt
राष्ट्रीय महिला आयोग - फोटो : ANI

विस्तार

जनवरी में पुणे की एक कंपनी के पार्किंग स्थल में पुरुष कर्मी के महिला सहकर्मी पर हुए जानलेवा हमले की जांच राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने पूरी कर ली है। आयोग को कंपनी डब्ल्यूएनएस ग्लोबल में सुरक्षा प्रोटोकॉल और यौन उत्पीड़न रोकथाम (पोश) अधिनियम के पालन में गंभीर खामियां मिली हैं। आयोग ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है। 

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दरअसल पुणे के यरवदा में एक बीपीओ फर्म डब्ल्यूएनएस ग्लोबल सर्विसेज में एकाउंटेंट के रूप में काम करने वाली 28 वर्षीय शुभदा शंकर कोडारे पर सात जनवरी को पार्किंग क्षेत्र में उनके पुरुष सहकर्मी ने चॉपर से हमला किया था। अधिक खून बहने के कारण इलाज के दौरान शुभदा की मौत हो गई थी। आरोपी को घटनास्थल पर ही पकड़ लिया गया और एफआईआर दर्ज की गई।
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इस मामले की जांच पूर्व सदस्य सचिव मीनाक्षी नेगी, हरियाणा के पूर्व डीजीपी बीके सिन्हा और केरल की पूर्व डीजीपी आर. श्रीलेखा के नेतृत्व में एनसीडब्ल्यू की समिति ने की। समिति ने अपनी रिपोर्ट महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को सौंपी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि आरोपी ने पहले पीड़िता के साथ वित्तीय विवाद की सूचना मानव संसाधन विभाग को दी थी, लेकिन इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया। इसके अलावा डब्ल्यूएनएस ग्लोबल के सुरक्षा प्रोटोकॉल, जिसमें रैंडम बैग चेकिंग भी शामिल है, अधूरे थे। इससे कार्यस्थल की सुरक्षा और जोखिम प्रबंधन को लेकर चिंताएं बढ़ गईं।


रिपोर्ट में पीओएसएच (पोश) अधिनियम, 2013 के कार्यान्वयन में भी कमियां बताई गई हैं। जब कंपनी में पोश समिति मौजूद थी, तब शिकायत दस्तावेजीकरण, कार्यस्थल सुरक्षा और संघर्ष समाधान पर लगातार प्रशिक्षण न दिए जाने से पोश दिशानिर्देशों का पालन नहीं किया जा सका।  समिति ने डब्ल्यूएनएस ग्लोबल में सुरक्षा उपायों के व्यापक कायापलट की सिफारिश की। इसमें बढ़ी हुई निगरानी, अनिवार्य सुरक्षा ऑडिट, कार्यस्थल सुरक्षा और संघर्ष समाधान पर नियमित कर्मचारी प्रशिक्षण और आंतरिक शिकायत समितियों को मजबूत करने की बात कही गई है।

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महिला आयोग ने हिंसा और आघात के पीड़ितों की सहायता के लिए सभी पुणे पुलिस स्टेशनों में भरोसा केंद्र स्थापित करने की सिफारिश की। साथ ही पुणे पुलिस से जांच में तेजी लाने के लिए कहा है। रिपोर्ट में सरकार से पीड़ितों को वित्तीय और भावनात्मक सहायता प्रदान करने के लिए मनोधैर्य योजना को मजबूत करने के लिए भी कहा गया है। 

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