एनपीआर पर एनसीपी नेता जितेंद्र बोले- जनगणना में मदद करेगी सरकार, लेकिन इससे आगे कुछ नहीं...
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नागरिकता संशोधन कानून के साथ-साथ अप्रैल से शुरू होने जा रही राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) को लेकर कई राज्यों में गतिरोध बना हुआ है। जिन राज्यों में विपक्ष की सरकार है उनमें से कई राज्यों ने पहले ही एनसीआर और एनपीआर को लागू नहीं करने की बात कह चुकी है। वहीं महाराष्ट्र के एक मंत्री ने इसे लेकर बयान दिया है।
उद्धव सरकार में मंत्री और एनसीपी नेता जितेंद्र आव्हाड ने राज्य में राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) लागू करने के मुद्दे पर सोमवार को कहा कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पहले ही कह चुके हैं कि महाराष्ट्र सरकार देश में हर 10 साल में होने वाली जनगणना के लिए डाटा प्राप्त करने में मदद करेगी। लेकिन अगर कोई इससे आगे कुछ करने की कोशिश करता है, तो राज्य सरकार इसमें हिस्सा नहीं लेगी।
Maharashtra Min&NCP leader Jitendra Awhad: CM Uddhav Thackeray has said that Maharashtra govt will help in obtaining data for the Census which is conducted in the country every 10 yrs. But if anyone tries to do anything beyond it, then state govt will not take part in it.(17.02) pic.twitter.com/TfoDPbIPT7
— ANI (@ANI) February 18, 2020
मध्यप्रदेश में नहीं लागू किया जाएगा एनपीआर
बता दें कि मध्यप्रदेश सरकार भी अपने राज्य में एनपीआर नहीं लागू का एलान कर चुकी है। एक बयान में कमलनाथ ने स्पष्ट किया कि मध्यप्रदेश में वह वर्तमान में एनपीआर लागू नहीं करने जा रहे। उन्होंने कहा कि एनपीआर की जिस अधिसूचना की बात की जा रही है, वह नौ दिसम्बर 2019 की है। इस अधिसूचना के बाद केंद्र की सरकार ने संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) बनाया, अर्थात जो एनपीआर अधिसूचित किया गया है, वह सीएए, 2019 के तहत नहीं किया गया है। कमलनाथ ने कहा कि अधिसूचना नागरिकता कानून -1955 की नियमावली-2003 के नियम 3 के तहत जारी की गई।
गौरतलब है कि भोपाल मध्य के कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने सोमवार को धमकी दी थी कि यदि कमलनाथ के नेतृत्व वाली मध्यप्रदेश सरकार एनपीआर लागू करने के अपने फैसले को वापस नहीं लेगी तो वह पूरे राज्य में अपनी ही सरकार के खिलाफ आंदोलन करेंगे।