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नर्सरी स्कूलों में बच्चों की गोपनीयता बनाए रखने के लिए एनसीईआरटी ने जारी किए दिशानिर्देश
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 30 Jul 2018 09:20 AM IST
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स्कूलों में बच्चों की गोपनीयता और सुरक्षा हमेशा से एक बड़ा मुद्दा रहा है। आम तौर पर यह हमेशा देखने और सुनने में आता है कि नर्सरी स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षक मूल्यांकन उद्देश्यों के लिए बच्चों का ऑडियो और वीडियो क्लिप बनाते हैं या उनके फोटो खींच लेते हैं और उसे सोशल मीडिया पर साझा कर देते हैं। लेकिन अब एनसीईआरटी ने इसको गंभीरता से लेते हुए देशभर के प्री स्कूलों को दिशानिर्देश जारी किए हैं।
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इसके तहत अब नर्सरी स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षक बच्चों का ऑडिया-वीडियो क्लिप या फोटो खींच तो सकते हैं, लेकिन उसे सिर्फ अपने तक की सीमित रखना होगा। इस मुद्दे से परिचित लोगों के मुताबिक, राज्यों से सलाह के बाद ही नर्सरी स्कूलों के लिए एनसीईआरटी ने ये दिशानिर्देशों जारी किए हैं।
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क्यों बनाया जाता है बच्चों का ऑडियो या वीडियो क्लिप
दरअसल, बच्चों का ऑडियो या वीडियो क्लिप शिक्षक इसलिए बनाते हैं ताकि वो उसे सुनकर या देखकर बच्चे के अंदर हो रहे विकास के बारे में जान सकें और उन्हें आगे और अच्छा करने की प्रेरणा दे सकें। इसी के आधार पर कमजोर बच्चों को अलग से क्लासरूम प्रोग्राम दिया जाता है। एनसीईआरटी के दिशानिर्देशों के मुताबिक, स्कूल और शिक्षकों द्वारा बच्चों के उन ऑडियो और वीडियो क्लिप्स को गोपनीयता संबंधी विषयों के लिए इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
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इसके अलावा एनसीईआरटी ने तीन से छह वर्ष के बच्चों के लिए कक्षा 1 से पहले दो साल की अनिवार्य नर्सरी शिक्षा का सुझाव दिया है और इसको कैसे लागू किया जाए, इसको लेकर भी दिशानिर्देश दिए हैं। सूत्रों के मुताबिक, चूंकि यह नियम राज्यों से परामर्श के बाद ही लिया गया है, इसलिए ज्यादातर राज्य इसे लागू करने को राजी भी हो गए हैं।