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एनसीईआरटी ने सभी स्कूलों से कक्षा 6 के बाद योग गतिविधियां शुरू करने को कहा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 11 Aug 2018 11:50 AM IST
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राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एंव प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने देशभर के सभी विद्यालयों के लिए स्वास्थय व शारीरिक शिक्षा और खेल के लिए नए दिशा निर्देश जारी किए हैं। जिसमें योग को कक्षा 6 से शारीरिक शिक्षा की गतिविधियों के साथ प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत सभी छात्रों को योग का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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ये निर्देश सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए जारी किए गए हैं। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के अंतर्गत आने वाले सभी विद्यालयों को इन दिशा निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा। एनसीईआरटी के एक अधिकारी ने कहा कि ये निर्देश राज्य के अंतर्गत आने वाले विद्यालयों के लिए बाध्यकारी नहीं होंगे। योजना के अंतर्गत सभी स्कूलों को कक्षा 1 से 10 तक शारीरिक शिक्षा देना अनिवार्य होगा।
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छात्र छात्राओं के चहुंमुखी विकास के साथ साथ उन्हें भावनात्मक और मानसिक तौर पर मजबूत बनाने के लिए योग की उपयोगिता को समझा जा रहा है। एनसीईआरटी ने कक्षा 1 से 10 के लिए स्वास्थ्य और शारीरिक शिक्षा के पाठ्यक्रम को लेकर राज्यों से जानकारी साझा की है। निर्देशों में सभी छात्रों को औपचारिक और अनौपचारिक खेलों, योग, खेल गतिविधियों और मनो-सामाजिक विकास से संबंधित गतिविधियों में शामिल किए जाने पर जोर दिया गया है। एनसीईआरटी के एक अधिकारी ने कहा कि प्राथमिक कक्षाओं के छात्र भी स्वास्थ्य और शारीरिक शिक्षा के तहत योग करें, इस बात की सलाह नहीं दी जाती है।
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उन्होंने कहा, 'हम चाहते हैं कि इसे कक्षा 6 के बाद से लागू किया जाए ताकि छात्र थ्योरी और प्रैक्टिकल पार्ट दोनों पर ध्यान दे पाएंगे। उदाहरण के तौर पर छात्र आसन, प्राणायाम और ध्यान करेंगे। इस पीरियड की जगह किसी और पीरियड को लगा देने से अच्छा होगा कि छात्रों को इस दौरान शारीरिक शिक्षा दी जाए।'