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Hindi News ›   India News ›   Naxalism Eradicated in the Country: Home Ministry Writes to States; Special Watch to be Kept on These 38 Distr

देश में नक्सलवाद खत्म: गृह मंत्रालय ने राज्यों को भेजा पत्र, इन 38 जिलों पर रहेगी विशेष नजर

Wed, 15 Apr 2026 10:18 PM IST
Rahul Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: Rahul Kumar Updated Wed, 15 Apr 2026 10:18 PM IST
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Naxalism Eradicated in the Country: Home Ministry Writes to States; Special Watch to be Kept on These 38 Distr
सुरक्षाबल - फोटो : पीटीआई

देश के आंतरिक सुरक्षा इतिहास में 15 अप्रैल 2026 ऐतिहासिक तारीख के रूप में दर्ज हो गई है। केंद्रीय गृह मंत्रालय (एमएचए) ने नौ राज्यों को आधिकारिक पत्र भेजकर सूचित किया है कि देश में अब कोई भी जिला नक्सल हिंसा प्रभावित श्रेणी में नहीं है। 1967 में पश्चिम बंगाल की नक्सलबाड़ी से शुरू हुए सशस्त्र विद्रोह के साये से भारत आधिकारिक तौर पर बाहर निकल आया है। इस उपलब्धि की नींव पिछले महीने ही रख दी गई थी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 30 मार्च को संसद में घोषणा की थी कि भारत अब माओवाद से मुक्त है। सरकार ने 31 मार्च तक नक्सलवाद को समाप्त करने का जो लक्ष्य निर्धारित किया था, वह उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा के बाद सफल पाया गया है। 

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गृह मंत्रालय ने कहा, देश का नक्सल हिंसा से मुक्त होना ऐतिहासिक उपलब्धि है, जो केंद्र और राज्यों के निरंतर समन्वय से संभव हुई है। मंत्रालय के अनुसार अब किसी भी जिले को नक्सल प्रभावित नहीं माना जाएगा। हालांकि, सुरक्षा और विकास की निरंतरता बनाए रखने के लिए नई व्यवस्था लागू की गई है।
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विरासत और विकास पर जोर: छत्तीसगढ़, ओडिशा और झारखंड समेत विभिन्न राज्यों के 37 जिलों को इस श्रेणी में रखा गया है। ये क्षेत्र हिंसा मुक्त हैं, पर यहां पुनः विद्रोह पनपने से रोकने के लिए विकास कार्यों को गति दी जाएगी।
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चिंताजनक जिला: झारखंड का पश्चिमी सिंहभूम देश का एकमात्र ऐसा जिला घोषित किया गया है, जहां कैडर समाप्त हो चुके हैं, लेकिन भविष्य की सुरक्षा के लिहाज से निगरानी जरूरी है।


अब तक 17, 000 से अधिक लोगों ने गंवाई जान
पांच दशक लंबे इस संघर्ष में सुरक्षा बलों और आम नागरिकों समेत कुल 17,000 से अधिक लोगों ने अपनी जान गंवाई। 2015 में बनाई गई राष्ट्रीय नीति और कार्ययोजना ने इस खतरे को जड़ से उखाड़ने में निर्णायक भूमिका निभाई। सरकार ने कहा कि भले ही अब नक्सल प्रभावित का टैग हट गया है, लेकिन दुर्गम क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे और शिक्षा का विस्तार जारी रहेगा, ताकि वैचारिक शून्यता को विकास से भरा जा सके।

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