Update: उड़ीसा हाईकोर्ट में जज बनेंगे चार अधिवक्ता, कॉलेजियम से मंजूरी; कर्नाटक में KPSC प्रमुख का निलंबन रद्द
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने कई उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों की नियुक्ति के प्रस्तावों को मंजूरी दी। भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता में यह निर्णय लिया गया। कॉलेजियम ने उड़ीसा उच्च न्यायालय के लिए चार अधिवक्ताओं की नियुक्ति को हरी झंडी दी। मंगलवार को हुए फैसले के मुताबिक सस्मिता त्रिपाठी, आदित्य नारायण दास, राजजीत रॉय और गौतम मिश्रा को हाईकोर्ट जज के तौर पर प्रोन्नत किया जाएगा। इसके अलावा गुवाहाटी उच्च न्यायालय में अधिवक्ता नचुम्बेमो मोजुई और न्यायिक अधिकारी हेलेन डांग्लियानी को न्यायाधीश बनाने की सिफारिश की गई। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के लिए न्यायिक अधिकारी संतोष शर्मा, सुषमा सावंत और सुधीर कुमार की नियुक्ति को भी मंजूरी मिली। कोलकाता उच्च न्यायालय में अतिरिक्त न्यायाधीश बिस्वरूप चौधरी को स्थायी न्यायाधीश नियुक्त करने का प्रस्ताव स्वीकृत हुआ। छह अतिरिक्त न्यायाधीशों - प्रसेनजीत बिस्वास, उदय कुमार, अजय कुमार गुप्ता, सुप्रतिम भट्टाचार्य, पार्थ सारथी चटर्जी और मोहम्मद शब्बर रशीदी - का कार्यकाल कोलकाता उच्च न्यायालय में छह महीने बढ़ाया गया। पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में अतिरिक्त न्यायाधीश रोहित कपूर को स्थायी न्यायाधीश बनाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली।
KPSC अध्यक्ष एस साहूकार का निलंबन रद्द, कर्नाटक उच्च न्यायालय ने बहाली का आदेश दिया
कर्नाटक उच्च न्यायालय ने मंगलवार को कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) के अध्यक्ष शिवशंकरप्पा एस साहूकार का निलंबन रद्द कर दिया। अधिकारियों को सात दिनों में उनका पद बहाल करने का निर्देश दिया गया है। न्यायमूर्ति सूरज गोविंदराज ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 317(2) के तहत राज्यपाल का निलंबन मंत्रिपरिषद की पूर्व सलाह के बिना स्वतंत्र नहीं हो सकता। अदालत ने स्पष्ट किया कि उसका फैसला साहूकार के निलंबन में अपनाई गई सांविधानिक प्रक्रिया तक सीमित है, आरोपों की जांच नहीं की गई। साहूकार ने अपने निलंबन को चुनौती दी थी। न्यायालय ने कहा कि साहूकार केपीएससी अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभालेंगे और वित्तीय लाभ प्राप्त करेंगे। हालांकि, अदालत ने साहूकार को अपनी बेटियों के खिलाफ प्रस्तावित कार्रवाई से संबंधित किसी भी निर्णय को प्रभावित करने से रोका। राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने 13 जुलाई को साहूकार को निलंबित किया था। उन पर अपनी दो बेटियों के औद्योगिक विस्तार अधिकारी के रूप में अवैध चयन में मदद का आरोप था।
अंडरपास में जलभराव से बढ़ी परेशानी
हुगली के श्रीरामपुर स्थित कटापोल अंडरपास में उचित ड्रेनेज सिस्टम के अभाव में जलभराव की समस्या गंभीर बनी हुई है। बारिश के बाद अंडरपास में पानी जमा हो जाने से यात्रियों और स्थानीय लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। लंबे समय तक पानी जमा रहने से फिसलने, वाहन दुर्घटना और अन्य हादसों का खतरा भी बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल निकासी की स्थायी व्यवस्था करने और अंडरपास की नियमित सफाई एवं रखरखाव सुनिश्चित करने की मांग की है।
कर्नाटक के चामराजनगर में वन विभाग के कर्मियों और कथित शिकारियों के बीच हुई मुठभेड़ में तीन लोगों की मौत के मामले में फरार चल रहे चौथे आरोपी महिमादास ने अज्ञात स्थान से वीडियो जारी किया है। सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे कथित वीडियो में उसने दावा किया कि 15 अगस्त की सुबह करीब 5:30 बजे फायरिंग हुई थी। उसके अनुसार, वन विभाग के कर्मियों ने अचानक गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके बाद वह डर के कारण मौके से भाग गया। उसने कहा कि तबीयत खराब होने के कारण वह घर गया और बाद में इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती हुआ।
सुरक्षा की लगाई गुहार
महिमादास ने आरोप लगाया कि वन विभाग के कर्मचारी उसकी तलाश कर रहे हैं और उसे इस गोलीकांड में गवाह बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे वह चिंतित है। उसने पुलिस से अपनी सुरक्षा के लिए उचित व्यवस्था करने की अपील की है। इस मामले में वन विभाग की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। यह घटना 15 अगस्त की तड़के कावेरी वन्यजीव अभयारण्य के शाग्या रेंज के घने जंगल में हुई थी, जहां वनकर्मियों को कथित शिकार की सूचना मिलने के बाद संदिग्ध शिकारियों के साथ फायरिंग की घटना हुई थी।
तमिलनाडु में दो चंदन तस्कर गिरफ्तार
तमिलनाडु के इरोड जिले में निजी भूमि पर लगाए गए चंदन के पेड़ काट रहे दो लोगों को वन विभाग ने गिरफ्तार कर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। वन अधिकारियों के अनुसार, त्रिची जिले के रहने वाले 35 वर्षीय सेंथिलकुमार और 27 वर्षीय लोगनाथन को मंगलवार को बुर्गुर वन क्षेत्र के एरट्टी इलाके में एरन्नन की जमीन पर चंदन के पेड़ काटते हुए पकड़ा गया। जमीन के मालिक ने पड़ोसियों की मदद से दोनों को पकड़कर वन विभाग को सूचना दी, जिसके बाद मौके पर पहुंचे वनकर्मियों ने दोनों को हिरासत में लिया और उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए जुर्माना लगाया।
कावेरी विवाद को लेकर 4 सितंबर को राष्ट्रपति मुर्मु से मिलेंगे किसान संगठन
नेशनल साउथ इंडियन रिवर्स इंटरलिंकिंग फार्मर्स एसोसिएशन के राज्य अध्यक्ष पी. अय्याकन्नू ने मंगलवार को कहा कि संगठन 4 सितंबर को दिल्ली जाकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात करेगा और कावेरी नदी विवाद को लेकर कर्नाटक से तमिलनाडु के किसानों के लिए 1 लाख करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग करेगा। अय्याकन्नू के अनुसार, कर्नाटक पर नियमों और कानून के तहत कावेरी का पानी नहीं छोड़ने का आरोप है, जिसके कारण तमिलनाडु के किसान सूखे से प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि संगठन ने राष्ट्रपति से मुलाकात की अनुमति के लिए पहले ही पत्र भेज दिया है और ज्ञापन सौंपकर किसानों को राहत देने की मांग की जाएगी।
किसानों पर सूखे का असर
अय्याकन्नू ने कहा कि संविधान और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार कावेरी जल बंटवारे से जुड़े प्रावधानों का पालन किया जाना चाहिए, लेकिन कर्नाटक द्वारा पानी नहीं छोड़े जाने से बड़े, छोटे और सीमांत किसान प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को आर्थिक सहायता देकर उन्हें आत्महत्या करने से रोकने की जरूरत है। इस बीच, कमजोर दक्षिण-पश्चिम मानसून और असामान्य रूप से अधिक तापमान के कारण तमिलनाडु के जल संसाधनों पर दबाव बढ़ गया है। राज्य में सिंचाई और पेयजल की उपलब्धता को लेकर भी चिंता गहराती जा रही है।
90 जलाशयों में सिर्फ 37 फीसदी पानी
जल संसाधन विभाग के अनुसार, सोमवार तक निगरानी किए जा रहे 90 जलाशयों में कुल 83.124 टीएमसीएफटी पानी उपलब्ध था, जो उनकी कुल 224.343 टीएमसीएफटी क्षमता का महज 37.05 प्रतिशत है। पिछले साल इसी अवधि में इन जलाशयों में 189.545 टीएमसीएफटी पानी था, यानी इस बार जल भंडारण आधे से भी कम है। 90 में से 58 जलाशयों में 25 प्रतिशत से कम पानी है, जबकि 14 में 26 से 50 प्रतिशत और 15 में 51 से 76 प्रतिशत तक भंडारण है। केवल दो जलाशय 80 प्रतिशत से अधिक भरे हैं और तेनकासी का गुंडार जलाशय अपनी पूरी क्षमता तक पहुंचा है। कावेरी डेल्टा के लिए महत्वपूर्ण मेट्टूर जलाशय में 43.275 टीएमसीएफटी पानी है, जो इसकी 93.470 टीएमसीएफटी क्षमता का 46.30 प्रतिशत है।
आंध्र प्रदेश CID की साइबर क्राइम पुलिस ने गोपाल नामक व्यक्ति को कथित तौर पर नकली सरकारी भर्ती नोटिफिकेशन जारी कर बेरोजगार युवाओं को नौकरी का झांसा देने के आरोप में गिरफ्तार किया है। CID के अनुसार, आरोपी 2021 से फर्जी सरकारी नौकरी भर्ती रैकेट चला रहा था। उसने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के नाम पर अखबार में विज्ञापन प्रकाशित कराया और उसमें एक फर्जी ईमेल आईडी देकर युवाओं से आवेदन मंगवाए। इसके बाद वह उम्मीदवारों से संपर्क कर सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे वसूलता था। CID का आरोप है कि उसने भारत सरकार के प्रतीक चिह्न, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और नेशनल हेल्थ मिशन, आंध्र प्रदेश के आधिकारिक पते का इस्तेमाल कर फर्जी भर्ती नोटिफिकेशन, प्रमाणपत्र सत्यापन पत्र, इंटरव्यू लेटर, नियुक्ति आदेश और प्रशिक्षण आदेश तक तैयार किए। कई पीड़ित इन दस्तावेजों को असली समझकर सत्यापन और जॉइनिंग की औपचारिकताओं के लिए मंगलगिरी स्थित APIIC भवन तक पहुंच गए।
म्यूल अकाउंट से लेकर फर्जी KYC तक का खेल
जांच में सामने आया कि गोपाल ने OLX के जरिए लोगों को अपने नेटवर्क में शामिल किया और पीड़ितों से पैसे लेने के लिए उनके बैंक खातों का इस्तेमाल 'म्यूल अकाउंट' के रूप में किया। उसने कथित तौर पर इन लोगों को करीब 30 प्रतिशत कमीशन देने का लालच दिया और बाकी रकम खुद रख ली। पैसे निकालने के लिए वह उनके ATM कार्ड भी अपने पास रखता था। पीड़ितों का भरोसा जीतने के लिए उसने 'आयुष्मान भारत फाउंडेशन' के नाम से एक बैंक खाता भी खोला और बैठकों में खुद को वरिष्ठ सरकारी अधिकारी दिखाने के लिए किराये की कारों का इस्तेमाल किया। जांच में कई फर्जी ईमेल आईडी और नकली KYC दस्तावेजों से हासिल किए गए करीब 15 मोबाइल नंबरों के इस्तेमाल का भी पता चला। तकनीकी विश्लेषण में एक ही मोबाइल नंबर से करीब 278 IMEI जुड़े मिले। CID ने दो मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, आठ ATM कार्ड, फर्जी नियुक्ति पत्र, भर्ती नोटिफिकेशन और अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं। लैपटॉप में फर्जी भर्ती से जुड़े कई दस्तावेज और अन्य आपत्तिजनक सामग्री मिली है।
60 लोगों से 93 लाख की ठगी, रकम रियल एस्टेट में लगाने का शक
CID की शुरुआती जांच के मुताबिक, करीब 60 लोगों से लगभग 93 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई है। आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में नौकरी के नाम पर ठगी से जुड़े गोपाल के खिलाफ करीब 16 मामले भी दर्ज हैं। पुलिस अब अन्य मामलों में उसकी भूमिका, संभावित साथियों और दूसरे पीड़ितों का पता लगा रही है। आरोपी पकड़े जाने से बचने के लिए विजयवाड़ा में घूमते समय अपने मोबाइल फोन बंद कर देता था, लेकिन CID ने उसके डिजिटल फुटप्रिंट का विश्लेषण कर तकनीकी जांच और निगरानी के जरिए उसे गिरफ्तार कर लिया। जांच एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि ठगी से हासिल रकम को कहां-कहां इस्तेमाल किया गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, रकम का एक हिस्सा रियल एस्टेट में निवेश किए जाने का संदेह है। इसके अलावा, पटामाता इलाके से सरकारी प्रतीक वाले स्टांप और सील हासिल करने और उनके इस्तेमाल के आरोपों की भी जांच की जा रही है। CID ने युवाओं से अपील की है कि वे पैसे लेकर या बिचौलियों के जरिए सरकारी नौकरी दिलाने वाले किसी भी ऑफर पर भरोसा न करें और भर्ती संबंधी जानकारी की पुष्टि केवल आधिकारिक सरकारी माध्यमों से करें।
कावेरी वन्यजीव अभयारण्य में एंटी-पोचिंग कैंपों पर विस्फोटक से हमला
कर्नाटक के चामराजनगर स्थित कावेरी वन्यजीव अभयारण्य में अज्ञात लोगों ने कथित तौर पर विस्फोटकों का इस्तेमाल कर कई एंटी-पोचिंग कैंपों को निशाना बनाया। वन विभाग के सूत्रों के अनुसार, कोथानूर क्षेत्र के मिनचिनारेहल्ला एंटी-पोचिंग कैंप को डायनामाइट और जिलेटिन स्टिक से उड़ाने की कोशिश की गई, जिससे कैंप की दीवारें क्षतिग्रस्त हो गईं और अंदर रखा सामान जल गया। 18-19 अगस्त की दरम्यानी रात को मिनचिनाहल्ली, भीमेश्वरी, ओलेमारदा हट्टी, बुडिकेरे, बंदाहल्ली और कालिदोड्डी के अन्य कैंपों को भी निशाना बनाया गया। हालांकि, किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
15 अगस्त की फायरिंग के बाद बढ़ा तनाव
इन हमलों को 15 अगस्त को वन विभाग के कर्मियों और कथित शिकारियों के बीच हुई मुठभेड़ में तीन लोगों की मौत के बाद जारी आक्रोश से जोड़कर देखा जा रहा है। मृतकों की पहचान चामराजनगर जिले के हनूर तालुक के रहने वाले एंथनी सामी, जॉन रोज पीटर और कुमार के रूप में हुई थी। कर्नाटक के अधिकारियों के मुताबिक, वनकर्मी वन्यजीवों के कथित शिकार की सूचना के बाद एंटी-पोचिंग अभियान चला रहे थे, तभी समूह की ओर से गोलीबारी हुई और वनकर्मियों ने कथित तौर पर आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की। मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने कहा कि सरकार पहले 15 अगस्त की घटना की जांच पूरी होने का इंतजार करेगी और रिपोर्ट आने के बाद ही इस मामले पर विस्तृत प्रतिक्रिया देगी। उन्होंने बताया कि वन मंत्री भी मामले की विस्तृत जांच कर रहे हैं।
तमिलनाडु में भी उठा मामला
तीनों मृतकों को तमिल बताए जाने के बाद यह मुद्दा पड़ोसी तमिलनाडु में भी राजनीतिक विवाद का विषय बन गया है। वहां राजनीतिक दलों ने कर्नाटक वन विभाग की फायरिंग को लेकर दिए गए स्पष्टीकरण पर सवाल उठाए हैं। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने कथित हत्याओं की कड़ी निंदा करते हुए कहा था कि कर्नाटक वन विभाग की ओर से दी गई सफाई स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित करने की मांग की थी। मंगलवार को तमिलनाडु विधानसभा में भी यह मुद्दा उठा और सदस्यों ने वन विभाग की फायरिंग की घटना की उच्चस्तरीय जांच की मांग को लेकर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पेश किया।
'ED की कार्रवाई से डरेंगे नहीं'
कोझिकोड में CPI(M) नेता पी.ए. मोहम्मद रियास ने बुधवार को कहा कि एक दिन पहले उनके करीबी लोगों के घरों और कारोबारी ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की तलाशी से वह या पार्टी डरने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई का राजनीतिक और कानूनी, दोनों स्तरों पर जवाब दिया जाएगा। रियास के मुताबिक, ED को तलाशी के दौरान कुछ भी गैरकानूनी नहीं मिला, लेकिन उनकी पत्नी और पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की बेटी वीणा टी., खुद उनके और पार्टी के खिलाफ संदेह पैदा करने के लिए 'झूठी खबरें' फैलाई गईं। उन्होंने वीणा द्वारा नई कंपनी शुरू करने की खबरों को भी गलत बताया और कहा कि उसका उल्लेख विधानसभा चुनाव के नामांकन पत्र में किया गया था और कंपनी का कामकाज छिपकर नहीं चल रहा था।
ED को लेकर रियास का BJP पर निशाना
रियास ने कहा कि उनकी पत्नी उच्च शिक्षित और स्वतंत्र महिला हैं तथा उन्हें कारोबार करने से रोका नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि ED की कार्रवाई उनके करीबी पारिवारिक मित्रों के ठिकानों पर हुई है, जिन्हें वह कॉलेज के दिनों या उससे भी पहले से जानते हैं और जो कानूनी तरीके से अपना कारोबार कर रहे हैं। रियास ने दावा किया कि इन लोगों से पूरे दिन पूछताछ की गई, लेकिन इससे उनके संबंध प्रभावित नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्रवाई उन्हें डरा नहीं सकती और वह ED के डर से उन लोगों की तरह नहीं भागेंगे, जिन्होंने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीतने के बाद बीजेपी का दामन थाम लिया। रियास ने कहा कि वह बीजेपी और उसकी राजनीति का विरोध करते रहेंगे और किसी भी जांच का सामना राजनीतिक और कानूनी दोनों तरीके से करेंगे।
गोविंदन ने भी साधा निशाना
CPI(M) के राज्य सचिव एम.वी. गोविंदन ने भी ED की कार्रवाई को लेकर रियास का समर्थन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि ED और मीडिया का एक वर्ग रियास के करीबी लोगों पर छापेमारी कर पार्टी की छवि खराब करने के लिए 'धुंध पैदा करने' की कोशिश कर रहा है। उन्होंने राज्य सरकार पर केंद्र के साथ मिलीभगत का आरोप भी लगाया। ED ने मंगलवार को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत केरल में आठ स्थानों पर तलाशी ली थी। यह कार्रवाई CMRL-Exalogic Solutions मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच का हिस्सा है। ED का आरोप है कि कोचिन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (CMRL) ने वीणा की अब बंद हो चुकी कंपनी Exalogic Solutions को 'IT कंसल्टेंसी सर्विसेज' के नाम पर 2.78 करोड़ रुपये का कथित फर्जी भुगतान किया था। इससे पहले मई में CMRL के खिलाफ छापेमारी की गई थी और जून में ED ने वीणा से भी पूछताछ की थी।
लांजीगढ़ के पूर्व कांग्रेस विधायक सिबाजी मांझी का निधन
ओडिशा के कालाहांडी जिले में लांजीगढ़ विधानसभा क्षेत्र के पूर्व कांग्रेस विधायक सिबाजी मांझी का मंगलवार रात अपने पैतृक गांव दानारगुड़ा में संक्षिप्त बीमारी के बाद निधन हो गया। वह 55 वर्ष के थे। परिवार के अनुसार, मांझी पिछले कुछ समय से सीने में दर्द की शिकायत से जूझ रहे थे और उनका भवानीपटना के एक अस्पताल में इलाज चल रहा था। बाद में उन्हें भुवनेश्वर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद वह अपने गांव लौट आए थे, जहां मंगलवार रात उनकी मौत हो गई। मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने उनके निधन पर शोक जताते हुए कहा कि वह पूर्व विधायक के निधन से बेहद दुखी हैं और उन्होंने शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए भगवान श्री जगन्नाथ से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। सिबाजी मांझी 2009 के विधानसभा चुनाव से पहले गठित लांजीगढ़ सीट के पहले विधायक थे और उन्होंने 2009 से 2014 तक कांग्रेस के विधायक के रूप में क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने आदिवासी समुदायों के विकास और कल्याण के लिए काम किया तथा कालाहांडी जिले में विशेष अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति परिषद के पहले अध्यक्ष भी रहे।
विजाग में RSS की तीन दिवसीय समन्वय बैठक शुरू
आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की तीन दिवसीय ‘अखिल भारतीय समन्वय बैठक’ बुधवार को शुरू हुई। RSS के सरसंघचालक मोहन भागवत ने गुरुलोवा स्थित ‘विज्ञान विहार’ स्कूल में बैठक का उद्घाटन किया और भारत माता के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। 19 से 21 अगस्त तक चलने वाली इस बैठक में जनसांख्यिकीय असंतुलन, युवाओं में बढ़ती नशे की समस्या समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा और विचार-विमर्श होगा। बैठक में RSS से प्रेरित 32 संगठनों के प्रमुख पदाधिकारी हिस्सा ले रहे हैं। इनमें सरसंघचालक मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले, सह-सरकार्यवाह और अन्य केंद्रीय पदाधिकारी शामिल हैं।
होजाई में टला बड़ा हादसा वनकर्मियों ने बचाई हाथियों की जान
असम के होजाई जिले में बुधवार को वन विभाग के कर्मचारियों की सतर्कता से हाथियों और ट्रेन के बीच संभावित टक्कर टल गई। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने बताया कि रेलवे ट्रैक पार कर रहे हाथियों के एक बड़े झुंड को देखकर वनकर्मियों ने तुरंत तेज रफ्तार ट्रेन को अलर्ट किया, जिसके बाद ट्रेन को कुछ दूरी पर रोक दिया गया और हाथियों ने सुरक्षित तरीके से ट्रैक पार कर लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि रेलवे लाइनों से गुजरने वाले असम के अधिकांश हाथी गलियारों में वनकर्मी लगातार निगरानी रखते हैं, ताकि हाथियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने सोशल मीडिया पर घटना का वीडियो भी साझा किया। यह घटना सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले के एक दिन बाद हुई, जिसमें अदालत ने कहा था कि कोई भी राज्य पारंपरिक हाथी गलियारों को बाधित नहीं कर सकता। कोर्ट ने पर्यावरण मंत्रालय को देशभर में हाथी गलियारों में मौजूद अवरोधों का सर्वे करने का निर्देश दिया और आग के गोले व जलती मशालों जैसे जबरन रोकने वाले उपायों पर भी रोक लगा दी।
रास्ते में बेहोश हुए शख्स की मदद को दौड़े केरल के राज्यपाल
केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने बुधवार को राजभवन के पास अचानक बेहोश होकर गिरे एक राहगीर की मदद के लिए तुरंत अपनी गाड़ी रुकवाई और उसे जरूरी चिकित्सा सहायता दिलाई। लोक भवन के एक अधिकारी के मुताबिक, राज्यपाल ओणम समारोह में शामिल होने के लिए अपने आधिकारिक आवास से निकल रहे थे, तभी उन्होंने गिरीश नाम के एक व्यक्ति को अचानक सड़क पर गिरते देखा। जांच में पता चला कि शुगर लेवल बढ़ने के कारण उसकी तबीयत बिगड़ी थी। आर्लेकर तुरंत वाहन से उतरे, गिरीश की स्थिति का जायजा लिया और कर्मचारियों को पानी लाने तथा उसका चेहरा धोने सहित जरूरी सहायता देने के निर्देश दिए। उनके कर्मचारियों ने गिरीश के परिवार से फोन के जरिए संपर्क कर घटना की जानकारी दी, लेकिन परिवार के सदस्य तत्काल मौके पर नहीं पहुंच सके। इसके बाद राज्यपाल ने निर्देश दिया कि गिरीश को पहले अस्पताल ले जाकर उसकी स्वास्थ्य स्थिति की जांच कराई जाए, ताकि तबीयत और न बिगड़े। गिरीश वेल्लयंबलम स्थित अलाथरा देवी मंदिर के पास रहता है।