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डराने वाले आंकड़े: देश में बढ़ गए आत्महत्या के मामले, 2020 में 153,052 लोगों ने दी जान
Fri, 29 Oct 2021 03:02 PM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव
Updated Fri, 29 Oct 2021 03:02 PM IST
सार
देश में 2019 के मुकाबले देश में आत्महत्या दर 10.4 से बढ़कर 11.3 हो गई है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 2020 में देश के अंदर रोजाना 418 लोगों ने आत्महत्या की।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Social Media
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विस्तार
नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। देश में आत्महत्या करने वालों की संख्या 2019 के मुकाबले 2020 में बढ़ गई है। एनसीआरबी की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के तहत देश में 2020 में 153,052 लोगों ने आत्महत्या कर ली, जिसके बाद प्रति लाख आबादी पर सुसाइड रेट 2019 के मुकाबले 10.4 से बढ़कर 11.3 हो गया। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 2020 में देश के अंदर रोजाना 418 लोगों ने आत्महत्या की।
महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा हुईं आत्महत्याएं
गृह मंत्रालय के अनुसार देश में सबसे ज्यादा आत्महत्याएं महाराष्ट्र में हुईं। यहां पर 19,909 लोगों ने अपनी जान दे दी। वहीं तमिलनाडु में 16,883, मध्यप्रदेश में 14,578, पश्चिम बंगाल में 13,103 और कर्नाटक में 12,259 लोगों ने 2020 में आत्महत्या कर ली। एनसीआरबी के आकंड़े कहते हैं कि देश में हुईं कुल आत्महत्याओं में सिर्फ इन पांच राज्यों में ही 50.1 प्रतिशत लोगों ने अपनी जान दे दी। बाकी की 49.9 प्रतिशत आत्महत्याएं अन्य राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में हुईं।
उत्तर प्रदेश में सिर्फ 3.1 प्रतिशत लोगों ने दी जान
आंकड़ों के अनुसार, देश में आबादी के लिहाज से सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में मजह 3.1 लोगों ने आत्महत्या की। जबकि, देश की कुल आबादी के 16.9 प्रतिशत लोग उप्र में निवास करते हैं। इसके अलावा केंद्र शासित प्रदेशों में दिल्ली में सबसे ज्यादा लोगों ने आत्महत्या की। यहां पर 3,142 लोगों ने खुदकशी कर ली।
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33.6 प्रतिशत लोगों ने परिवारिक समस्याओं के चलते दी जान
रिपोर्ट में कहा गया है कि देश में 2020 में आत्महत्या करने वाले लोगों में से कुल 56.7 प्रतिशत लोगों ने पारिवारिक समस्याओं (33.6 प्रतिशत), विवाह संबंधी समस्याओं (पांच प्रतिशत) और किसी बीमारी (18 प्रतिशत) के कारण अपनी जान ली।
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महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा हुईं आत्महत्याएं
गृह मंत्रालय के अनुसार देश में सबसे ज्यादा आत्महत्याएं महाराष्ट्र में हुईं। यहां पर 19,909 लोगों ने अपनी जान दे दी। वहीं तमिलनाडु में 16,883, मध्यप्रदेश में 14,578, पश्चिम बंगाल में 13,103 और कर्नाटक में 12,259 लोगों ने 2020 में आत्महत्या कर ली। एनसीआरबी के आकंड़े कहते हैं कि देश में हुईं कुल आत्महत्याओं में सिर्फ इन पांच राज्यों में ही 50.1 प्रतिशत लोगों ने अपनी जान दे दी। बाकी की 49.9 प्रतिशत आत्महत्याएं अन्य राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में हुईं।
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उत्तर प्रदेश में सिर्फ 3.1 प्रतिशत लोगों ने दी जान
आंकड़ों के अनुसार, देश में आबादी के लिहाज से सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में मजह 3.1 लोगों ने आत्महत्या की। जबकि, देश की कुल आबादी के 16.9 प्रतिशत लोग उप्र में निवास करते हैं। इसके अलावा केंद्र शासित प्रदेशों में दिल्ली में सबसे ज्यादा लोगों ने आत्महत्या की। यहां पर 3,142 लोगों ने खुदकशी कर ली।
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33.6 प्रतिशत लोगों ने परिवारिक समस्याओं के चलते दी जान
रिपोर्ट में कहा गया है कि देश में 2020 में आत्महत्या करने वाले लोगों में से कुल 56.7 प्रतिशत लोगों ने पारिवारिक समस्याओं (33.6 प्रतिशत), विवाह संबंधी समस्याओं (पांच प्रतिशत) और किसी बीमारी (18 प्रतिशत) के कारण अपनी जान ली।