राष्ट्रगान बजाने का फैसला सिनेमाघरों के लिए, अदालतों पर यह लागू नहीं: सुप्रीम कोर्ट
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सिनेमाघरों में फिल्म शुरू करने से पहले राष्ट्रगान बजाए जाने के सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद देश भर से प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। कुछ लोग इस फैसले का स्वागत कर रहे हैं तो कुछ लोगों को कोर्ट का यह फैसला नागवार गुजर रहा है। कुछ जानकारों को यह कोर्ट का थोपा हुआ फैसला लग रहा है। कुलमिलाकर तमाम लोग राष्ट्रगान को लेकर अपना अपना तर्क दे रहे हैं।
इसी क्रम में कोर्ट ने एक दलील के जवाब में साफ किया कि सिनेमाघरों की तरह राष्ट्रगान बजाए जाने का फैसला देश की अदालतों और बार काउंसिलों पर लागू नहीं होता है। कोर्ट ने साफ किया राष्ट्रगान बजाने के लिए सुप्रीम कोर्ट भी बाध्य नहीं है।
अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कहा कि यह फैसला तब तक देश की अदालतों और बार काउंसिलों पर लागू नहीं होता जब तक की इस संबंध में उपर्युक्त याचिका नहीं आती और उस पर फैसला नहीं सुनाया जाता।
राष्ट्रगान पर फिल्ममेकर रामगोपाल की बेचैनी और सवाल
फिल्म निर्माता राम गोपाल वर्मा ने कोर्ट के राष्ट्रगान के फैसले पर कई ट्वीट कर अपने तरीके से विरोध जताया है। राम गोपाल ने ट्वीट कर पूछा है कि क्या राष्ट्रगान को नाइटक्लबों और नशराब के अड्डों पर नहीं बजाया जाना चाहिए?
Shouldn't the #NationalAnthem be compulsorily played in all night clubs before drinking and dancing begins ?
— Ram Gopal Varma (@RGVzoomin) December 1, 2016
रामगोपाल ने यह भी पूछा है कि क्या राष्ट्रगान को मंदिरों, मस्जिदों और गिरिजाघरों में भी प्रार्थना करने से पहले बजाना चाहिए?
Shouldn't #NationalAnthem be played in temples,churches and mosques before prayers begin?
— Ram Gopal Varma (@RGVzoomin) December 1, 2016
एक और ट्वीट में रामगोपाल ने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा है कि नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी का फैसला सुनाने से पहले राष्ट्रगान गाया होगा।
As an Indian citizen ,I truly wish @narendramodi sang the #NationalAnthem before announcing the #NoteBandi
— Ram Gopal Varma (@RGVzoomin) December 1, 2016