इन 10 वजहों से मनमोहन सरकार से जुदा है मोदी सरकार
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भ्रष्टाचार-
अगर भ्रष्टाचार के मामले में दोनों सरकारों की तुलना करें कि मनमोहन सरकार की तुलना में मोदी सरकार में किसी बड़े नेता पर भ्रष्टाचार का दाग नहीं लगा है। सरकार ने लालफीताशाही और भ्रष्टाचार पर काफी हद तक रोक लगाया है। सरकार ने सरकारी योजनाओं को पारदर्शी बनाने की कोशिश की है।
मंत्रियों की अनुशासित इमेज-
मोदी सरकार के मंत्री मनमोहन सरकार की अपेक्षा में ज्यादा अनुशासित नजर आए हैं। हालांकि इस सरकार के कई मंत्रियों की जबान फिसली है लेकिन उन्हें प्रधानमंत्री मोदी की फटकार का भी सामना करना पड़ा है।
सेना को लेकर सख्त रवैया-
मोदी सरकार सेना के मामले में सख्त है। पाकिस्तान के सीजफायर का उल्लंघन करने और सैनिकों की हत्या करने पर मोदी सरकार ने भारतीय सेना को इससे निपटने के लिए कुछ भी करने की खुली छूट दे रखी है। हालांकि सैनिकों की हत्या जारी है लेकिन सरकार इस मुद्दे पर लगातार विचार कर रही है।
विदेश में बेहतर छवि-
प्रधानमंत्री नरेंद्र नोदी की विदेश यात्राओं की विपक्षी दल कितनी भी आलोचना करें, लेकिन इस बात से कोई इंकार नहीं कर सकता कि विदेश में बेहतर संबंध बनाने में मोदी का अहम योगदान रहा है। मोदी ने देश के विकास के लिए कई देशों के साथ समझौता किया।