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पीएम मोदी ने कहा- स्मारकों की फोटो खींचने पर क्यों है रोक, मंत्री ने तुरंत हटाई

Fri, 13 Jul 2018 10:58 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 13 Jul 2018 10:58 AM IST
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Narendra Modi raises question on photography ban at protected monuments
नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को इस बात पर हैरानी जताई कि आखिर कुछ खास स्मारकों की फोटो खींचने पर प्रतिबंध क्यों हैं? उन्होंने ये सवाल भारतीय पुरातत्व विभाग (एएसआई) के नए मुख्यालय का उद्घाटन करते हुए विभागीय अधिकारियों से किया। प्रधानमंत्री ने जनता से देश की पुरातात्विक विरासत को संरक्षित करने में भाग लेने की भी अपील की। इसके तुरंत बाद केंद्रीय संस्कृति मंत्री महेश शर्मा ने रोक हटाने का ऐलान कर दिया।

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पीएम ने पुरातत्व विभाग द्वारा ऐतिहासिक स्थानों पर फोटोग्राफी पर रोक लगाने वाली जगह-जगह लगी तख्तियों पर चुटकी ली। पीएम ने कहा कि जब वह गुजरात के मुख्यमंत्री थे तो वहां के सरदार सरोवर डैम पर फोटो खींचने पर लगी रोक को न केवल हटवाया था बल्कि अच्छी फोटो की प्रतियोगिता भी रखी थी। उन्होंने चिंता जताई कि आजादी के इतने साल तक पुरातन धरोहरों की गौरवशाली परंपरा को स्थान नहीं मिला है। 
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पुरानी धरोहरों को बचाने में जन भागीदारी अहम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, हजारो साल पुरानी धरोहरों को बचाने के लिए जन भागीदारी बहुत जरूरी है। युवाओं को टूरिस्ट गाइड के तौर पर ट्रेनिंग देने से रोजगार के मौके भी बनेंगे और जनता पुरातत्व महत्व वाली धरोहरों के प्रति आकर्षित भी होगी, जिससे पर्यटन उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने दूसरे देशों का उदाहरण दिया, जहां सेवानिवृत्त लोग बाकायदा यूनिफार्म में हर दिन अपने क्षेत्रीय स्मारकों पर गाइड का काम करते हैं। उन्होंने पर्यटन, पुरातत्व और संस्कृति मंत्रालय से मिलकर काम करने का आह्वान किया। उन्होंने चुटकी ली कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण 150 साल पुरानी गौरवशाली परंपरा के चलते खुद भी ऐतिहासिक संगठन हो गया है। पीएम ने कहा कि दुनिया में जहां ऐतिहासिक धरोहरें नही हैं, वहां के लोग इनका महत्व अधिक समझते हैं। इस अवसर पर संस्कृति सचिव राघवेंद्र सिंह, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की डीजी ऊषा शर्मा भी मौजूद रहीं।
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छह साल विवाद में रहने के बाद तैयार हुआ नया भवन
 
छह साल पहले 20 दिसंबर 2011 में तत्कालीन प्रधानमंत्री डाक्टर मनमोहन सिंह के आधारशिला रखने के बाद कई विवादों में रहने के बाद एएसआई मुख्यालय तैयार हुआ है। इस भवन की विशेषता विभिन्न धरोहरों की अनुकृतियों के अलावा यहां का समृद्ध पुस्तकालय है, जिसमें एक लाख से ज्यादा दुर्लभ पुस्तकें और संबधित साहित्य संग्रहित है। इसमें दो बेसमेंट समेत कुल सात मंजिल हैं। इस इमारत की आधारशिला सिंह ने रखी थी। 


100 शहरों में स्थानीय इतिहास पढ़ाएंगे वहां के स्कूल

प्रधानमंत्री ने सलाह दी कि ऐतिहासिक धरोहरों वाले देश के 100 शहरों में स्थानीय स्कूलों के पाठ्यक्रम में वहां के पुरातात्विक स्थानों का ब्यौरा शामिल किया जाए। इससे वहां के छात्र अपने शहर की धरोहरों की अहमियत जानते हुए बड़े होंगे।

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