नेता एप का सर्वेक्षण: प्रधानमंत्री पद के लिए मध्यप्रदेश के 68 प्रतिशत वोटरों की पहली पसंद मोदी
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‘नेता एप’ का दावा है कि प्रधानमंत्री पद के लिए मध्यप्रदेश के 68 प्रतिशत लोगों की पहली पसंद नरेंद्र मोदी हैं। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को 32 फीसदी लोगों ने पीएम पद के लिए अपनी पसंद बताया है। खास बात है कि 'नेता एप' ने जुलाई में मोदी को 73 फीसदी और राहुल गांधी को 27 लोगों की पसंद करार दिया था। अगस्त में मोदी को 71 प्रतिशत और राहुल को 29 प्रतिशत लोगों का समर्थन मिला।
राफेल मामले को राष्ट्रीय स्तर पर 45 फीसदी लोग एक घोटाला मानते हैं, जबकि 55 प्रतिशत लोग इसे घोटाला नहीं मानते। इसी तरह मध्यप्रदेश के वोटरों की बात करें तो 54 फीसद लोगों ने राफेल को घोटाला माना है और 46 प्रतिशत लोगों ने कहा, यह घोटाला नहीं है। इस बाबत 23 लाख लोगों ने नेता एप पर अपनी राय दी है। प्रधानमंत्री पद के लिए पसंद-नापसंद, इस सवाल को लेकर 35 लाख लोगों ने अपने मन की बात बताई है।
राजस्थान में जुलाई के दौरान 65, अगस्त में 59 और सितंबर में 54 प्रतिशत लोगों ने प्रधानमंत्री के लिए नरेंद्र मोदी को प्रथम वरियता दी है। राहुल गांधी को इस पद के लिए क्रमश: 35, 41 व 46 प्रतिशत लोगों ने अपनी पसंद माना है। राफेल मामले को राजस्थान के 57 फीसद लोगों ने एक घोटाला माना है और 43 प्रतिशत लोगों ने कहा, यह घोटाला नहीं है।
बता दें कि पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने 24 अगस्त को अपने आवास पर 'नेता एप' लांच किया था। एप में कई तरह की सूचनाएं होती हैं। जैसे, कोई व्यक्ति अपने नेता के बारे में जानना चाहता है कि वह कैसा है, उसने क्या काम किया है, चुनाव में कौन-कौन से वादे किए थे और अब तक पूरे कितने किए हैं तो यह सब जानकारी महज एक क्लिक से मिल जाएगी। यानी हर नेता की कुंडली एक एप में रहती है।
इस एप के जरिए जनता अपने नेता को रेटिंग देकर उनकी जवाबदेही भी तय कर सकती है। लांचिंग के वक्त मुखर्जी ने कहा था कि यह एप वोटरों को हर वह जानकारी मुहैया कराता है, जो वे जानना चाहते हैं। इसकी पारदर्शिता पूर्ण रेटिंग से नेताओं की परफ़ोरमेंस आंकी जा सकती है। लोकतांत्रिक प्रणाली में फीडबैक का अहम रोल है। ऐसे में नेता एप का दोहरा फायदा होता है। इससे लोगों का फ़ीडबैक नेता को मिल जाता है और जनता अपने नेता के बारे में क्या सोचती हैं, यह उन्हें यह मालूम पड़ जाता है।
मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में लोगों की राय...
विधानसभा चुनाव में भाजपा को 117 और कांग्रेस पार्टी को 105 सीटें मिलने के आसार हैं। मध्यप्रदेश में कुल 230 विधानसभा सीट हैं। नेता एप' के मुताबिक, मध्यप्रदेश में 35 लाख लोग नेता एप का इस्तेमाल कर रहे हैं। लोगों की राय है कि भाजपा को यहां पर सत्ता विरोधी लहर का सामना करना पड सकता है। जुलाई में एप ने भाजपा को 118, कांग्रेस को 105 और बसपा को 7 सीटें दी थी। अगस्त में भाजपा को 110, कांग्रेस को 112 व बसपा के खाते में 8 सीट जाती दिखाई गई हैं।
अक्तूबर में एप बताता है कि भाजपा 117, कांग्रेस 105 व बसपा 8 सीटें हासिल कर सकती है। क्षेत्र के अनुसार बात करें तो मध्य क्षेत्र की 39 सीटों में से भाजपा 26, कांग्रेस 13 व बसपा जीरो पर है। मालवा क्षेत्र की 65 सीटों में से भाजपा के हाथ 34, कांग्रेस 31 व बसपा को कोई सीट मिलती नहीं दिख रही। इसी तरह ग्वालियर व चंबल क्षेत्र की 32 सीटों में से भाजपा 19, कांग्रेस 8 व बसपा पांच सीटें ले सकती है। बुंदेलखंड में 32 सीटें हैं। यहां पर भाजपा 13, कांग्रेस 19 व बसपा को कोई सीट नहीं मिलने के आसार हैं। महाकौशल क्षेत्र की 31 सीटों में से 13 पर भाजपा, 18 पर कांग्रेस व शून्य पर बसपा को दिखाया गया है। विंध्या प्रदेश की 31 सीटों में से भाजपा 12 व कांग्रेस को 16 सीटें मिलने की बात कही गई है। यहां पर बसपा के खाते में तीन सीटें दिखाई गई हैं।
राजस्थान का रिपोर्ट कार्ड...
राजस्थान में भी 45 लाख लोग नेता एप से जुडे हैं। यहां पर कांग्रेस पार्टी को 105, जबकि भाजपा को 88 सीटों पर विजयी दिखाया गया है। राजस्थान में कुल विधानसभा सीट 200 हैं।
जुलाई में भाजपा को 101 सीटों पर आगे दिखाया गया था। उस वक्त कांग्रेस पार्टी के खाते में 93 सीटें जा रही थी। बसपा को दोनों ही महीनों में पांच-पांच सीटें दी गई हैं। मारवाड व धुंदद क्षेत्र की 75 सीटों में से भाजपा को 34 व कांग्रेस 38 व बसपा को दो सीटें मिलने का अनुमान है। बीकानेर और शेखावटी क्षेत्र में कुल 39 विधानसभा सीट हैं। यहां पर भाजपा को 18 व कांग्रेस को 17 सीटें मिलने की बात कही गई है, जबकि बसपा को तीन सीटें मिल सकती हैं। मेवाड क्षेत्र की 43 सीटों में से भाजपा को 16 व कांग्रेस पार्टी को 27 सीट मिलने का अनुमान है। मत्सय और हरोटी क्षेत्र की 43 सीटों में से कांग्रेस को 23 व भाजपा को 20 सीटें मिल सकती हैं।
सीएम पद के लिए कौन कितना उपयुक्त है...जानिये
शिवराज सिंह चौहान को जुलाई में 51 प्रतिशत लोग मुख्यमंत्री के पद पर देखना चाहते थे। अगस्त में 49 और सितंबर में 57 फीसदी लोगों ने उन्हें मुख्यमंत्री के लिए सबसे उपयुक्त उम्मीदवार बताया है। ज्योतिरादित्य सिंधिया क्रमश: 37, 40 व 36 प्रतिशत लोगों की पसंद बने हैं।कमलनाथ को क्रमश: 12, 11 व 7 फीसदी लोगों ने अपनी पसंद बताया है।
राजस्थान में जुलाई के दौरान अशोक गहलौत को 41 प्रतिशत लोगों ने सीएम के लिए अपनी पहली पसंद बताया था। अगस्त में 45 प्रतिशत और सितंबर में 48 फीसदी लोगों ने उन्हें सीएम के पद का बेहतरीन उम्मीदवार माना है। वसुंधरा राजे सिंधिया को क्रमश: 33, 37 व 34 प्रतिशत लोगों की पसंद मिली है। सचिन पायलट को भी क्रमश: 21, 16 व 14 फीसदी लोगों ने मुख्यमंत्री पद के लिए अपनी पसंद बताया है।
16 भाषाओं में उपलब्ध है यह एप......
नेता एप को बनाने वाले प्रथम का कहना है कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में एक ऐसा प्लेटफ़ॉर्म होना बहुत जरूरी है, जहां मतदाता अपने राजनेताओं को रेटिंग दे सके। 2019 के चुनाव से पहले दस करोड़ से ज्यादा वोटर इस एप के साथ जुड़ जाएंगे। यह एप सभी तरह के मोबाइल सिस्टम पर उपलब्ध है। खास बात है कि नेता एप 16 भाषाओं में काम करता है।