फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   narendra modi addresses rally in bhopal

सर्जिकल स्ट्राइक पर बोले पीएम- लोग मेरे बाल नोच रहे थे कि मोदी सोया हुआ है, कुछ करता नहीं

Fri, 14 Oct 2016 11:28 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 14 Oct 2016 11:28 PM IST
विज्ञापन
narendra modi addresses rally in bhopal
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सर्जिकल स्ट्राइक का सबूत मांगने वालों पर इशारे-इशारे में हमला करते हुए कहा है कि सेना बोलती नहीं पराक्रम करती है। उन्होंने कहा कि जिन दिनों आतंकी हमले हुए थे उन दिनों लोग यह कह-कह कर मेरे बाल नोचने में लगे थे मोदी सो रहा है कुछ करता नहीं है। उन्होंने कहा कि जैसे हमारी सेना बोलती नहीं पराक्रम करती है वैसे ही हमारे रक्षा मंत्री मनोहर परिकर भी बोलते नहीं हैं। काम करते हैं।
विज्ञापन


शुक्रवार को भोपाल में शौर्य स्मारक के लोकार्पण से पहले पूर्व सैनिकों और सैनिकों के परिजनों के सम्मेलन में मोदी ने कहा कि जगे रहने के वक्त देश सोया रहा तो सेना इसे कभी माफ नहीं करेगी। मोदी ने सेना का मनोबल बढ़ाने के लिए काफी बातें कीं। 
विज्ञापन


भोपाल में बने शौर्य स्मारक का लोकार्पण करने से पहले अपने 43 मिनट के भाषण में मोदी ने देश की सुरक्षा में लगे जवानों की वीरता और उनके शौर्य पर ही फोकस रखा। साथ ही ‘वन रैंक वन पेंशन’ समेत सेना से जुड़े तमाम विषयों पर यह बताने की कोशिश की उनकी सरकार सैनिकों के हितों की पूरी संवेदनशीलता के साथ चिंता कर रही है। मोदी ने कहा कि देश की सेना और सैन्य बल मानवता की बहुत बड़ी मिसाल हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

श्रीनगर में पत्थर मारने वालों की भी सेना ने मदद की

narendra modi addresses rally in bhopal
मोदी ने कहा कि मानवता के मानक पर हमारी सेना पूरी दुनिया में अग्रिम पंक्ति में नजर आती है। चाहे बद्रीनाथ और केदारनाथ में आई प्राकृतिक त्रासदी हो या श्रीनगर में आई भयंकर बाढ़, हम सबने सेना के मानवतापूर्ण काम को अपनी आंखों से देखा। श्रीनगर में पहली बार ऐसी बाढ़ देखी कि कई बार सरकार के लिए भी जूझना कठिन हो जाता है। लेकिन हमारे सैनिकों ने बाढ़ पीड़ितों का जीवन बचाने के लिए खुद को खपा दिया। एक क्षण के लिए यह नहीं सोचा कि ये वो लोग हैं, जो उन पर पत्थर बरसाते हैं, सिर फोड़ देते हैं, आंख फोड़ देते हैं और कभी-कभी तो इससे जान भी चली जाती है। कल क्या हुआ, इसे रत्ती भर मन में न रखकर श्रीनगर के लोगों को बचाते रहे।

उन्होंने कहा कि हमारी सेना की यही खासियत है। पश्चिम एशिया में आग लगी है। हमारे पांच हजार नागरिक यमन में फंसे हुए थे। हमारे सैनिक वहां गए और न सिर्फ भारतीयों को लेकर आए बल्कि पाकिस्तान समेत अन्य मुल्कों के नागरिकों को भी सुरक्षित निकालकर आ गए। हम चैन से सोएं, इसके लिए हमारे सैन्य बल जागते हैं। लेकिन सैनिकों को दुख तब होता है जब हम जागकर भी सोते रहते हैं। इसलिए जागते समय तो जागकर रहना चाहिए। दुर्भाग्य है कि कुछ जागकर भी सोए रहते हैं।

मोदी ने यह भी दोहराया कि भारत ने कभी किसी के दमन या जमीन हथियाने के लिए आक्त्रस्मण या युद्ध नहीं किया। लेकिन यदि आदर्शों और मूल्यों के लिए जो भी नौबत आई तो भारतीय सेना पीछे नहीं रही। प्रथम और द्वितीय विश्व युद्ध न तो हमारे लिए हुआ न ही हमें कोई लाभ होने वाला था, बावजूद इसके देश के डेढ़ लाख जवानों ने बलिदान दिया। यह बुद्ध और गांधी की भूमि है। गांधी यहां ऐसे ही पैदा नहीं हो गए। हम मानवता के लिए जीते मरते हैं। यही विशेषता है इस देश की।

वन रैंक-वन पेंशन हमने लागू किया

narendra modi addresses rally in bhopal
प्रधानमंत्री ने कहा कि सेना का सबसे बड़ा हथियार उसका मनोबल होता है। हमारे देश के 125 करोड़ लोग उसके पीछे खड़े रहें, इससे ही उसके मन को ताकत मिलती है। मुझे याद है कि 1962 के युद्ध के बाद बड़ौदा की एक लड़की ने सेना के एक जवान को दीपावली की मिठाई भेजी और साथ में अपना पता भी भेजा। बाद में पता चला कि उस जवान ने उस लड़की को पूरी उम्र भर अपनी सगी बहन से ज्यादा प्यार दिया। तो कहने का मतलब सेना बोलती नहीं है, सिर्फ पराक्रम करती है। हमें भी सैनिकों को सम्मान और आदर देने का भाव रखना चाहिए। कई देशों में हमने देखा है कि हवाई अड्डों या रेलवे स्टेशनों जैसे सार्वजनिक स्थानों पर जब वर्दी में सैनिक दिखाई देते हैं तो नागरिक खड़े होकर तालियां बजाकर उनका अभिवादन करते हैं। मोदी ने लोगों से पूछा कि क्या हम अपने देश में सेना के जवानों के साथ यह आदर भाव प्रदर्शित नहीं कर सकते।

मोदी ने कहा, हमारे देश के जवान कई वर्षों से एक मांग कर रहे थे- वन रैंक-वन पेंशन। फौजी थे, अनुशासित थे, देश पहले था, खुद बाद में थे। लिहाजा यूनियन वालों की तरह उन्होंने झगड़े नहीं किए। हर सरकार बहुत ही बढ़िया-बढ़िया शब्दों में वादे करती थी। कुछ तो इतने होशियार थे कि दो-पांच सौ करोड़ बजट में भी रख देते थे। हमने वादा किया था कि वन रैंक-वन पेंशन लागू करेंगे। आज मैं सिर झुकाकर कहता हूं कि ये वादा हमने पूरा कर दिया। चार किश्तों में भुगतान करेंगे। आर्थिक बोझ आएगा इसलिए एक साल में देना मुश्किल है। 5500 करोड़ रुपए वितरित हो चुके हैं।

हवलदार, जिसने 17 साल फौज में काम किया और रिटायर हुआ, वन रैंक-वन पेंशन से पहले उसे 4090 रुपए मिलते थे। अब उसे 7600 रुपए मिलना शुरू हुआ। यानी 30 फीसदी से ज्यादा इजाफा हुआ। 7वें वेतन आयोग ने कहा कि 6वें वेतन आयोग के वेतन को 2.57 गुना बढ़ाया जाए। भारत सरकार यह कर सकती थी। लेकिन हमने ऐसा नहीं किया। हमने कहा कि 6वें वेतन आयोग के आधार पर रिटायर लोगों को पेंशन देंगे तो कम फायदा होगा। वन रैंक-वन पेंशन के आधार पर ही 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों को गिना जाए।

क्या है शौर्य स्मारक

narendra modi addresses rally in bhopal
शौर्य स्मारक - फोटो : ANI
मोदी ने आज जिस शौर्य स्मारक का लोकार्पण किया, वह भोपाल में अरेरा हिल्स की सुंदर पहाड़ी पर बना है। करीब 13 एकड़ रकबे में बने इस स्मारक के निर्माण पर 41 करोड़ की लागत आई है। देश के लिए अपना जीवन बलिदान करने वाले सैनिकों की याद को धरोहर के रूप में संजोया गया है। जीवन, जंग के रंगमंच, मृत्यु और मृत्यु पर विजय को चार प्रांगणों की श्रृंखला के रूप में अलग-अलग प्रदर्शित किया गया है। शौर्य स्मारक का निर्माण एक साल में पूरा होना था और इसकी लागत 11 करोड़ रखी गई थी। मगर चार साल का लंबा वक्त लगने के कारण लागत भी बढ़कर 41 करोड़ रूपए हो गई।

प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी की मध्यप्रदेश में यह 8वीं यात्रा थी। भोपाल में उनके प्रवास के कारण राज्य सरकार ने आधे दिन का अवकाश घोषित कर दिया था। हवाई अड्डे पर उतरने के बाद मोदी सबसे पहले जैन मुनि आचार्य विद्यासागर से मुलाकात करने हबीबगंज स्थित जैन मंदिर पहुंचे।

इसके बाद उन्होंने पूर्व सैनिकों के सम्मेलन को संबोधित किया और देर शाम शौर्य स्मारक का लोकार्पण करने के बाद वह रक्षा मंत्री मनोहर पार्रिकर के साथ पणजी के लिए रवाना हो गए। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस मौके पर ऐलान किया कि राज्य सरकार मध्यप्रदेश के शहीदों के माता पिता को हर माह पांच हजार रूपए की सम्मान निधि देगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed