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नागपुर का प्यारा टाइगर 'जय' हुआ लापता, 100 से ज्यादा लोग ढूढ़ने में जुटे
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
Updated Wed, 20 Jul 2016 12:02 PM IST
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लापता हुआ 'जय'
- फोटो : Indian Express
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नागपुर स्थित उम्रेद कारहांदला वन्यजीव अभयारण्य का लोकप्रिय बाघ 'जय' लापता हो गया है। उसकी तलाश में अलग-अलग टीमें जुटी हुई हैं। इन टीमों में 100 से ज्यादा लोग शामिल हैं।
इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक साल 2013 में जब जय वन्यजीव अभयारण्य पहुंचा था तो ये बहुत बड़ी खबर बनी थी। तीन साल बाद ढ़ाई सौ किलो वजन के इस टाइगर ने अच्छी-खासी लोकप्रियता हासिल की।
लोग इसकी एक झलक के लिए अभयारण्य में आते थे। लेकिन 6 साल का ये टाइगर 18 अप्रैल से लापता हो गया है।
इस मामले में अब सामान्य लोगों के साथ-साथ गैर सरकारी संगठनों से वन्य जीवन के प्रति उत्साही लोग, फोटोग्राफर और गाइड्स सभी अपनी-अपनी टीम बनाकर खास सर्च ऑपरेशन शुरू किया है। इनका उद्देश्य है कि इस बड़े टाइगर की तलाश की जा सके।
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इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक साल 2013 में जब जय वन्यजीव अभयारण्य पहुंचा था तो ये बहुत बड़ी खबर बनी थी। तीन साल बाद ढ़ाई सौ किलो वजन के इस टाइगर ने अच्छी-खासी लोकप्रियता हासिल की।
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लोग इसकी एक झलक के लिए अभयारण्य में आते थे। लेकिन 6 साल का ये टाइगर 18 अप्रैल से लापता हो गया है।
इस मामले में अब सामान्य लोगों के साथ-साथ गैर सरकारी संगठनों से वन्य जीवन के प्रति उत्साही लोग, फोटोग्राफर और गाइड्स सभी अपनी-अपनी टीम बनाकर खास सर्च ऑपरेशन शुरू किया है। इनका उद्देश्य है कि इस बड़े टाइगर की तलाश की जा सके।
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100 से ज्यादा वालंटियर्स जंगलों की खाक छान रहे
करीब 100 से ज्यादा वालंटियर्स जंगलों की खाक छान रहे हैं। उन्होंने अभयारण्य के आस-पास के करीब 350 गांवों में टाइगर की खोज की।
वर्धा जिले के बोर से लेकर ब्रह्मपुरी के चंद्रपुर तक, इसके साथ-साथ नए नगजीरा नावेगांव टाइगर रिजर्व (एनएनटीआर) तक इसकी तलाश की गई।
एनएनटीआर वही जगह है जहां से जय को साल 2013 में उम्रेद लाया गया था। उस समय इंडियन एक्सप्रेस ने इसको लेकर पहली खबर पोस्ट की थी।
नागपुर जिले के वन्यजीव वार्डन रोहित कारू ने बताया कि हमने सभी प्रमुख जगहों का चुनाव कर लिया है, जहां जल्द तलाश तेज की जाएगी। हमने दो टीमें बनाई हैं इनमें कुछ वालंटियर्स और दूसरी टीम स्थानीय लोगों की है। हमारी योजना सर्च ऑपरेशन को दो दिन में शुरू कर देंगे।
वर्धा जिले के बोर से लेकर ब्रह्मपुरी के चंद्रपुर तक, इसके साथ-साथ नए नगजीरा नावेगांव टाइगर रिजर्व (एनएनटीआर) तक इसकी तलाश की गई।
एनएनटीआर वही जगह है जहां से जय को साल 2013 में उम्रेद लाया गया था। उस समय इंडियन एक्सप्रेस ने इसको लेकर पहली खबर पोस्ट की थी।
नागपुर जिले के वन्यजीव वार्डन रोहित कारू ने बताया कि हमने सभी प्रमुख जगहों का चुनाव कर लिया है, जहां जल्द तलाश तेज की जाएगी। हमने दो टीमें बनाई हैं इनमें कुछ वालंटियर्स और दूसरी टीम स्थानीय लोगों की है। हमारी योजना सर्च ऑपरेशन को दो दिन में शुरू कर देंगे।