फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   naga group harden stance ask for separate flag and constitution for the Naga

नागा विद्रोही संगठनों का कठोर रुख, शांति समझौते के लिए अलग झंडा और संविधान जरूरी

Sat, 19 Sep 2020 10:08 AM IST
Tanuja Yadav न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी Published by: Tanuja Yadav Updated Sat, 19 Sep 2020 10:08 AM IST
विज्ञापन
naga group harden stance ask for separate flag and constitution for the Naga
नागालैंड - फोटो : Social media

नागालैंड का सबसे सशस्त्र विद्रोही समूह एनएससीएन-आईएम (नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नगालैंड- इसाक-मुइवा) ने कहा कि बिना अलग झंडे और संविधान के भारत की केंद्र सरकार के साथ शांति समझौते का सम्मानजनक समाधान नहीं निकलेगा। 

विज्ञापन



एनएससीएन-आईएम की साझा काउंसिल बैठक ने शुक्रवार को नागा लोगों के राजनैतिक और ऐतिहासिक अधिकारों पर और भारत-नागा राजनैतिक वार्ता पर विचार-विमर्श किया। ये बैठक नागालैंड में दीमापुर के पास हर्बन में केंद्रीय मुख्यालय में हुई।
विज्ञापन


एनएससीएन-आईएम का ये कठोर रुख ऐसे समय में आया है जब नागालैंड के राज्यपाल और वार्ताकार आरएन रवि के बीच मतभेदों के कारण शांति वार्ता गतिरोध का सामना कर रही है। एनएससीएन-आईएम ने एक बयान में कहा कि सभा ने सर्वसम्मित से इस प्रस्ताव को पारित किया है, जो एनएससीएन-आईएम के कथन को दोहराता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


विद्रोह समूह चाहता है कि नागा राष्ट्रीय झंडा और संविधान, भारत-नागा राजनैतिक समाधानों का हिस्सा जरूर बनें और सौदे को सम्मानजनक और स्वीकार्य के रूप में योग्य बनाएं। इस बयान में यह भी कहा गया है कि केंद्र सरकार और एनएससीएन-आईएम अंतिम सहमति पर जरूर पहुंचे जो कि तीन अगस्त 2015 को ऐतिहासिक फ्रेमवर्क समझौते पर किए गए हस्ताक्षर पर आधारित हो।

पिछले महीने एनएससीएन-आईएम ने दावा किया था कि केंद्र ने नागा लोगों की संप्रभुता को मान्यता दी थी। साल 2015 में एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे, जिसमें इस बात पर सहमति जताई गई थी कि नागा लोग सह-अस्तित्व में रहेंगे लेकिन भारत में विलय नहीं करेंगे।


हालांकि, सरकारी सूत्रों का कहना है कि दूसरे नागा सशस्त्र समूह नागा राष्ट्रीय राजनैतिक समूह ने कहा है कि वो शांति समझौते पर बिना अलग झंडे और संविधान की मांग के हस्ताक्षर करने के लिए तैयार हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed