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Muslims: भारत और पाकिस्तान में कहां कैसे हैं मुसलमान? बंटवारे के बाद दोनों देशों में किस तरह बदले इनके हालात
Tue, 11 Apr 2023 09:15 PM IST
हिमांशु मिश्रा
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु मिश्रा
Updated Tue, 11 Apr 2023 09:15 PM IST
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पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की हालत।
- फोटो :
सोशल मीडिया
विस्तार
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का एक बयान चर्चा में है। निर्मला ने इसमें एक सवाल के जवाब में भारत में मुसलमानों की स्थिति को लेकर करारा जवाब दिया है। वह सोमवार को अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में पीटरसन इंस्टिट्यूट फॉर इंटरनेशनल इकोनॉमिक्स (PIIE) की ओर से आयोजित संवाद कार्यक्रम में सवालों का जवाब दे रहीं थीं।PIIE के प्रेसिडेंट ने निर्मला सीतारमण से पूछा कि पश्चिमी मीडिया में खबरें हैं कि विपक्षी सांसद अपनी सदस्यता खो रहे हैं और भारत में मुस्लिम अल्पसंख्यक हिंसा का शिकार हो रहे हैं। इस पर सीतारमण ने कहा, 'दुनिया में मुस्लिमों की दूसरी सबसे बड़ी आबादी भारत में रहती है और उनकी आबादी लगातार बढ़ रही है। पश्चिमी मीडिया लिख रहा है कि राज्य की वजह से मुस्लिमों का रहना कठिन हो गया है। अगर ऐसी बात है तो मैं पूछना चाहूंगी कि अगर ऐसा हो रहा होता तो जितने मुस्लिम 1947 में थे, उसके बाद उनकी आबादी इतनी बढ़ती?'
निर्मला ने आगे पाकिस्तान का भी जिक्र किया। कहा कि, 'पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की हालत ठीक नहीं है। वहां अल्पसंख्यकों की आबादी में गिरावट आई है। मुहाजिर, शिया और हर वो वर्ग जिसने मुख्यधारा को नहीं अपनाया, उनके खिलाफ वहां हिंसा हो रही है। वहीं, आप भारत में देखेंगे कि मुस्लिम अपना व्यापार कर रहे हैं, उनके बच्चों को शिक्षा मिल रही है, सरकार उन्हें फैलोशिप दे रही है।'
आइये जानते हैं कि आखिर 1947 के बाद से भारत और पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों का क्या हाल है? क्या वाकई में भारत के अंदर मुसलमानों की आबादी बढ़ी है? भारत और पाकिस्तान में मुस्लिमों की हालत कैसी है?
पाकिस्तान में हिंदुओं पर हमले।
- फोटो :
सोशल मीडिया
शुरुआत भारत-पाकिस्तान बंटवारे से करते हैं
भारत और पाकिस्तान के बंटवारे से पहले 1941 में देश की जनगणना हुई थी। तब देश की कुल आबादी 38 करोड़ 89 लाख 97 हजार 955 थी। इनमें 25 करोड़ 19 लाख 30 हजार 506 हिंदू और 9 करोड़ 25 लाख 08 हजार 096 मुस्लिम थे। ईसाइयों की संख्या 72 लाख 50 हजार थी।
1947 में भारत और पाकिस्तान का बंटवारा हुआ। इसके बाद 1951 में दोनों देशों की आबादी के आंकड़े जारी हुए। तब भारत में 30 करोड़ 36 लाख 75 हजार 84 हिंदू थे और 3 करोड़ 54 लाख मुस्लिमों की आबादी थी। वहीं, उस वक्त पाकिस्तान की कुल आबादी तीन करोड़ 82 लाख 15 हजार 785 थी। इनमें पांच लाख 31 हजार 131 हिंदू थे।
भारत और पाकिस्तान के बंटवारे से पहले 1941 में देश की जनगणना हुई थी। तब देश की कुल आबादी 38 करोड़ 89 लाख 97 हजार 955 थी। इनमें 25 करोड़ 19 लाख 30 हजार 506 हिंदू और 9 करोड़ 25 लाख 08 हजार 096 मुस्लिम थे। ईसाइयों की संख्या 72 लाख 50 हजार थी।
1947 में भारत और पाकिस्तान का बंटवारा हुआ। इसके बाद 1951 में दोनों देशों की आबादी के आंकड़े जारी हुए। तब भारत में 30 करोड़ 36 लाख 75 हजार 84 हिंदू थे और 3 करोड़ 54 लाख मुस्लिमों की आबादी थी। वहीं, उस वक्त पाकिस्तान की कुल आबादी तीन करोड़ 82 लाख 15 हजार 785 थी। इनमें पांच लाख 31 हजार 131 हिंदू थे।
पाकिस्तान में शिया मस्जिद पर हमला।
- फोटो :
सोशल मीडिया
अब क्या हालत है?
2011 की जनगणना के अनुसार, भारत में अभी करीब 96 करोड़ से ज्यादा आबादी हिंदुओं की है। वहीं, मुसलमान दूसरी सबसे बड़ी आबादी है। भारत में मुसलमानों की आबादी करीब 20 करोड़ 22 लाख से ज्यादा है। ईसाई दो करोड़ 78 हजार, बुद्ध 84 लाख 42 हजार, जैन 44 लाख 51 हजार हैं। 2011 जनगणना के मुताबिक भारत दुनिया का तीसरा सबसे ज्यादा मुस्लिम आबादी वाला देश है।
इंडोनेशिया में सबसे ज्यादा 23 करोड़ 31 लाख मुसलमान रहते हैं। इसके बाद पाकिस्तान में 21 करोड़ 23 लाख और फिर भारत में 20 करोड़ सात लाख की आबादी मुसलमानों की है। भारत में मुसलमानों की आबादी 20 से 30 प्रतिशत की रफ्तार से बढ़ी है।
अब पाकिस्तान के आंकड़े भी देख लेते हैं। यहां हिंदुओं की आबादी शून्य से 0.35 प्रतिशत की रफ्तार से बढ़ी है। हालांकि, मुसलमानों की तुलना में सिर्फ हिंदुओं की नहीं, बल्कि पाकिस्तान में रहने वाले सभी अल्पसंख्यक वर्ग की आबादी घटी है।
कई मीडिया रिपोर्ट्स बताया गया कि पाकिस्तान में 95 प्रतिशत से ज्यादा हिंदू मंदिरों को तोड़ा जा चुका है, जबकि भारत में लाखों की संख्या में मस्जिदें हैं। यही नहीं, पाकिस्तान में सिख, ईसाई के साथ-साथ शिया, मुजाहिर व मुसलमानों की कुछ अन्य जातियां भी सुरक्षित नहीं है। पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की हालत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पिछले साल यहां नमाज पढ़ रहे 57 शिया मुसलमानों को सुन्नी मुसलमानों के गिरोह ने मार डाला था। शिया मुसलमानों के मस्जिद पर बम से हमला किया गया था। जिसमें दो सौ से ज्यादा लोग घायल हुए थे।
2011 की जनगणना के अनुसार, भारत में अभी करीब 96 करोड़ से ज्यादा आबादी हिंदुओं की है। वहीं, मुसलमान दूसरी सबसे बड़ी आबादी है। भारत में मुसलमानों की आबादी करीब 20 करोड़ 22 लाख से ज्यादा है। ईसाई दो करोड़ 78 हजार, बुद्ध 84 लाख 42 हजार, जैन 44 लाख 51 हजार हैं। 2011 जनगणना के मुताबिक भारत दुनिया का तीसरा सबसे ज्यादा मुस्लिम आबादी वाला देश है।
इंडोनेशिया में सबसे ज्यादा 23 करोड़ 31 लाख मुसलमान रहते हैं। इसके बाद पाकिस्तान में 21 करोड़ 23 लाख और फिर भारत में 20 करोड़ सात लाख की आबादी मुसलमानों की है। भारत में मुसलमानों की आबादी 20 से 30 प्रतिशत की रफ्तार से बढ़ी है।
अब पाकिस्तान के आंकड़े भी देख लेते हैं। यहां हिंदुओं की आबादी शून्य से 0.35 प्रतिशत की रफ्तार से बढ़ी है। हालांकि, मुसलमानों की तुलना में सिर्फ हिंदुओं की नहीं, बल्कि पाकिस्तान में रहने वाले सभी अल्पसंख्यक वर्ग की आबादी घटी है।
| साल | कितने प्रतिशत अल्पसंख्यक? | मुसलमानों की आबादी |
| 1947 | 22.66% | 77.34% |
| 2017 | 3.53% | 96.37% |
कई मीडिया रिपोर्ट्स बताया गया कि पाकिस्तान में 95 प्रतिशत से ज्यादा हिंदू मंदिरों को तोड़ा जा चुका है, जबकि भारत में लाखों की संख्या में मस्जिदें हैं। यही नहीं, पाकिस्तान में सिख, ईसाई के साथ-साथ शिया, मुजाहिर व मुसलमानों की कुछ अन्य जातियां भी सुरक्षित नहीं है। पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की हालत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पिछले साल यहां नमाज पढ़ रहे 57 शिया मुसलमानों को सुन्नी मुसलमानों के गिरोह ने मार डाला था। शिया मुसलमानों के मस्जिद पर बम से हमला किया गया था। जिसमें दो सौ से ज्यादा लोग घायल हुए थे।