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ऐतिहासिक सबरीमाला फैसले के बाद मुस्लिम महिलाओं ने खटखटाया सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा

Thu, 11 Oct 2018 12:31 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 11 Oct 2018 12:31 AM IST
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Muslim women knocked door of supreme court after sabarimala verdict

सर्वोच्च न्यायालय द्वारा केरल के सबरीमाला मंदिर में महिलाओं को प्रवेश देने के निर्णय के बाद अब सुन्नी मस्जिदों में प्रवेश के लिए मुस्लिम महिलाएं सर्वोच्च न्यायालय से गुहार लगाने की तैयारी कर रही हैं। मस्लिम महिलाओं के एक संगठन निसा का कहना है कि मुस्लिम महिलाओं को सुन्नी मस्जिदों में प्रवेश की अनुमति नहीं है। उन्होंने अपील की कि महिलाओं को भी सुन्नी मस्जिदों में प्रवेश का हक मिलना चाहिए।

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निसा की अध्यक्ष वीपी जुहरा ने कहा कि इस मामले में वह अगले सप्ताह सर्वोच्च न्यायालय के पास जाएंगी। उन्होंने कहा कि सुन्नी मस्जिदों में महिलाओं को नमाज पढ़ने के लिए अनुमति नहीं दी जाती है। सबरीमाला मामले का उदाहरण देते हुए जुहरा ने कहा कि अब जब सबरीमाला मंदिर में हिंदू महिलाओं को प्रवेश की अनुमति मिल गई है तो मुस्लिम महिलाओं को मस्जिदों में प्रवेश से क्यों रोका जाता है। उन्होंने कहा 'हमने वकीलों से बात कर ली है, हम इस मामले को लेकर सर्वोच्च न्यायालय ले जाएंगे।'

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मोहम्मद के समय में मस्जिद जाती थीं महिलाएं : जुहरा

जुहरा ने कहा, 'मैंने पढ़ा है कि मोहम्मद के समय में भी उन महिलाओं को भी मस्जिद में नमाज पढ़ने का अधिकार था जो मानसिक धर्म से गुजर रही होती थीं। जब मोहम्मद खुद इसके समर्थन में थे, तो भारत में महिलाओं पर ऐसे प्रतिबंध क्यों हैं?' बता दें कि 28 सितंबर को संविधान सभा ने निर्णय दिया था कि मासिद धर्म के दौरान महिलाओं पर प्रतिबंध उनके मौलिक अधिकारों का हनन है।

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