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असम: सरकार ने लिए बड़े फैसले, सीएनजी पर वैट में वर्ष 2027 तक भारी कटौती; मुस्लिम विवाह कानून भी रद्द

Thu, 18 Jul 2024 08:00 PM IST
मिथिलेश नौटियाल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिसपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिसपुर Published by: मिथिलेश नौटियाल Updated Thu, 18 Jul 2024 08:00 PM IST
सार

 

Assam: असम सरकार ने मंत्रिमंडल की बैठक में बड़े फैसले लिए हैं। एक तरफ सीएनजी पर वैट में भारी कटौती की गई है। उधर, मुस्लिम विवाह कानून को भी रद्द कर दिया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने इन बातों की जानकारी दी है।

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Muslim marriage law repealed in assam CM Himanta Biswa Sarma gave information
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा - फोटो : एएनआई

विस्तार

असम मंत्रिमंडल की बैठक में आज बड़े फैसले लिए हैं। असम सरकार ने संपीड़ित प्राकृतिक गैस (सीएनजी) पर मूल्य वर्धित कर (वैट) को 14.5 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत करने की मंजूरी दे दी है। यह फैसला 31 मार्च वर्ष 2027 तक के लिए लिया गया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने इन फैसलों की जानकारी दी है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने बताया कि राज्य में मुस्लिम विवाह कानून को रद्द करने का फैसला लिया गया है। इसके लिए असम निरसन विधेयक 2024 लाया जाएगा। मुख्यमंत्री सरमा ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर इस बात की जानकारी दी। मंत्रिमंडल की बैठक में एक और महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है। 

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सीएनजी पर वैट में भारी कटौती
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, ‘असम सरकार ने 31 मार्च 2027 तक सीएनजी पर वैट को 14.5 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत करने की मंजूरी दे दी है।’

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मुस्लिम विवाह और तलाक पंजीकरण अधिनियम रद्द 
एक अन्य पोस्ट में सीएम सरमा ने लिखा, 'हमने बाल विवाह के खिलाफ अतिरिक्त सुरक्षा उपाय करके अपनी बेटियों और बहनों के लिए न्याय सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। आज कैबिनेट की बैठक में हमने असम मुस्लिम विवाह और तलाक पंजीकरण अधिनियम और नियम 1935 को रद्द करने का फैसला लिया है।' 
 

‘गुरुवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक’
दरअसल असम सरकार ने तय किया था कि विवाह और तलाक के पंजीकरण के मामलों में समानता लाई जाएगी। आखिरकार गुरुवार को इस पर बड़ा फैसला लिया गया। गुरुवार को मंत्रिमंडल की बैठक में असम रिपीलिंग बिल यानी असम निरसन अध्यादेश को मंजूरी दे दी गई। सीएम हिमंत का कहना है कि इस विधेयक का उद्देश्य असम मुस्लिम विवाह और तलाक पंजीकरण अधिनियम, 1935 को निरस्त करना है।

 

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