फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Mumbai: Shops must display Marathi signboards, failing which action will be taken in Shiv Sena style

Mumbai: दुकानों पर मराठी साइनबोर्ड लगाने के निर्देश, पालन नहीं किया तो होगी 'शिवसेना स्टाइल' में कार्रवाई

Thu, 14 May 2026 10:04 AM IST
रिया दुबे मुबंई, पीटीआई
मुबंई, पीटीआई Published by: रिया दुबे Updated Thu, 14 May 2026 10:04 AM IST
सार

मुंबई के डिप्टी मेयर ने दुकानों, होटलों और अन्य प्रतिष्ठानों को एक महीने के भीतर मराठी साइनबोर्ड लगाने का निर्देश दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि नियम नहीं मानने वालों के खिलाफ शिवसेना स्टाइल में कार्रवाई होगी। बीएमसी के अनुसार मुंबई के 5,020 प्रतिष्ठान अब भी मराठी साइनबोर्ड नियम का पालन नहीं कर रहे हैं।

विज्ञापन
Mumbai: Shops must display Marathi signboards, failing which action will be taken in Shiv Sena style
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे - फोटो : ANI

विस्तार

मुंबई में मराठी भाषा को लेकर राजनीति एक बार फिर तेज हो गई है। शहर के डिप्टी मेयर संजय घाडी ने दुकानों, होटलों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को एक महीने के भीतर मराठी में साइनबोर्ड लगाने का निर्देश देते हुए चेतावनी दी है कि नियमों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ शिवसेना स्टाइल में कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन


बुधवार को बीएमसी के दुकानदार एवं प्रतिष्ठान विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक के बाद घाडी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार सभी प्रतिष्ठानों के लिए देवनागरी लिपि में मराठी साइनबोर्ड लगाना अनिवार्य है। उन्होंने साफ कहा कि यह सिर्फ प्रशासनिक नियम नहीं, बल्कि महाराष्ट्र की भाषा और पहचान से जुड़ा मुद्दा है।
विज्ञापन

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का निर्देश

घाडी ने कहा कि चाहे पांच सितारा होटल हो, बड़ा मॉल हो या किसी सेलिब्रिटी का रेस्टोरेंट, सभी को मराठी साइनबोर्ड लगाना होगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर एक महीने के भीतर नियमों का पालन नहीं किया गया तो उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के निर्देशानुसार शिवसेना कार्यकर्ता शिवसेना स्टाइल में जवाब देंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

भाषा और पहचान का मुद्दा

महाराष्ट्र में मराठी भाषा और मराठी मानुष की राजनीति लंबे समय से शिवसेना की पहचान रही है। पार्टी लगातार यह दावा करती रही है कि मुंबई की सांस्कृतिक पहचान मराठी भाषा से जुड़ी है और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को स्थानीय भाषा का सम्मान करना चाहिए।

दरअसल, मुंबई जैसे महानगर में बड़ी संख्या में देशभर से लोग आकर व्यापार और नौकरी करते हैं। ऐसे में कई दुकानों और प्रतिष्ठानों के बोर्ड अंग्रेजी या अन्य भाषाओं में दिखाई देते हैं। शिवसेना और मराठी संगठनों का आरोप है कि इससे मराठी भाषा सार्वजनिक जीवन में पीछे छूट रही है।

इसी पृष्ठभूमि में महाराष्ट्र सरकार और बीएमसी समय-समय पर मराठी साइनबोर्ड को लेकर अभियान चलाती रही हैं। सुप्रीम कोर्ट ने भी पहले राज्य सरकार के उस नियम को बरकरार रखा था, जिसमें दुकानों और प्रतिष्ठानों के नाम मराठी में लिखना अनिवार्य किया गया था।

कितने प्रतिष्ठान अब भी नियम नहीं मान रहे?

डिप्टी मेयर के मुताबिक मुंबई में करीब नौ लाख दुकानें और अन्य प्रतिष्ठान हैं। इनमें से 5,020 अब तक मराठी साइनबोर्ड नियम का पालन नहीं कर रहे हैं।
बीएमसी अब तक 3,114 प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई कर चुकी है और लगभग 1.91 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया है। घाडी ने अधिकारियों को निरीक्षण तेज करने और हर क्षेत्र में अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जो अधिकारी कार्रवाई में लापरवाही बरतेंगे, उनके खिलाफ भी कदम उठाए जाएंगे।

बीएमसी की आगे की क्या तैयारी?

बीएमसी की विधि समिति की अध्यक्ष दीक्षा करकर ने कहा कि जिन प्रतिष्ठानों को अब तक नोटिस नहीं मिला है, उन्हें तुरंत नोटिस जारी किए जाएं। प्रशासन को एक महीने के भीतर अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।


उन्होंने अधिकारियों से 15 दिनों के भीतर गैर-अनुपालन करने वाले प्रतिष्ठानों की सूची और अब तक की गई कार्रवाई की रिपोर्ट भी मांगी है। इसके बाद तय समयसीमा खत्म होने पर आगे की सख्त कार्रवाई की जाएगी।

अन्य वीडियो:

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed