जाकिर नाईक के खिलाफ आतंकवाद के आरोप में दर्ज किया जा सकता है केस
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इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाईक के खिलाफ पैसे देकर लोगों का धर्म परिवर्तन करने सहित केरला के युवाओं को उनकी संस्था के दो व्यक्तियों द्वारा आईएसआईएस में शामिल कराने के आरोप में केस दर्ज किया जा सकता है। मुंबई पुलिस के अनुसार,'अगर मनी ट्रायल सही साबित होता है, तो पैसे देकर धर्म परिवर्तन करने और आतंकवाद के आरोप में नाईक के खिलाफ केस दर्ज किया जा सकता है।'
पुलिस का मानना है कि पकड़े गए रिजवान खान और अरशिद कुरैशी लोगों का पैसा देकर धर्म परिवर्रतन करते थे। रिजवान और अरशिद को केरला पुलिस ने धर्म परिवर्तन करने और केरला से 21 लोगों के गायब होने के संबंध में गिरफ्तार किया था।।
अरशिद कुरैशी जाकिर नाईक की संस्था इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन(आईआरएफ) में गेस्ट रिलेशनशिप मैनेजर था और रिजवाल खान धर्म परिवर्तन के इच्छुक व्यक्तियों की शादी कराने की व्यवस्था करता था। मुंबई पुलिस ने इस संबंध में राज्य सरकार को रिपोर्ट सौंपी है और सिफारिश की है कि जाकिर नाईक को गैरकानूनी गतिविधि निरोधक (यूएपीए) अधिनियम के तहत केस दर्ज किया जा सकता है।
चचेरे भाई से भी कुछ दिन में पूछताछ की जा सकती है
मनी ट्रायल में नाईक के चचेरे भाई से भी कुछ दिन में पूछताछ की जा सकती है। अधिकारियों के मुताबिक आईआरएफ को आए करोड़ों रुपयों के फंड को नाईक के रिश्तेदारों के खातों में जमा किया गया। सबसे ज्यादा फंड का हिस्सा नाईक और उनकी बीवी फरहत नाईक के खाते में जमा किया गया। अधिकारी फरहत नाईक के ब्रिटिश नागरिक होने की भी जांच कर रहे हैं।
पुलिस का कहना है कि यूके स्थित यूनिवर्सल ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूबीसीएल) जिसके पास पीस टीवी का ब्रॉडाकास्टिंग लाइसेंस है। उसमें पता चला कि फरहत नाईक यूबीसीएल में ब्रिटिश नागरिक के तौर पर सूचीबद्ध थीं।
पुलिस का कहना है 2006 में नाईक की बीवी को कंपनी के सेक्रेटरी के तौर पर दिखाया गया जबकि जाकिर नाईक को कंपनी में बतौर बोर्ड डायरेक्टर दिखाया गया। जांच से जुड़े संबंधित लोगों का कहना है कि यूबीसीएल के लगभग छह बोर्ड डायरेक्टर्स की अधिकारी जांच कर रहे हैं।