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मुंबई विमान क्रैश: हादसे की कहानी, चश्मदीदों की जुबानी
सुरेंद्र मिश्र, अमर उजाला, मुंबई
Updated Thu, 28 Jun 2018 10:12 PM IST
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मुंबई के घाटकोपर में आसमान से आग के गोले की तरह गिरते विमान को देख लोग सहम गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पहले विमान आसमान में लहराया और फिर अचानक निर्माणाधीन इमारत की खाली जगह की ओर मुड़ गया। विमान पेड़ से टकराकर जमीन पर गिरा और जोरदार धमाके के साथ धू-धू कर जलने लगा।
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निर्माणाधीन इमारत में काम करने वाले अधिकतर मजदूर खुशकिस्मत थे जो हादसे के कुछ मिनट पहले ही भोजन करने निकल गए थे। वे कुछ ही दूरी पर पहुंचे थे कि उन्हें जोर के धमाके साथ आग की लपटें उठती दिखाई दीं। हालांकि इन मजदूरों ने आसमान में विमान को लहराते हुए देखा था लेकिन, उन्हें क्या पता था कि यही विमान चंद मिनटों में आग का गोला बन जाएगा।
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इमारत के अंदर ही भोजन कर रहे मजदूरों को लगा कि इमारत ही गिर रही है। इसी आशंका के चलते लवकुश कुमार ने तीसरी मंजिल से छलांग लगा दी जिससे उसका पैर टूट गया। इमारत में काम करने वाले मजदूर लाला यादव और राकेश कुमार ने बताया कि यदि यह हादसा 10 मिनट पहले हुआ होता तो पचासों मजदूर इसकी चपेट में आ जाते।
वहीं, विमान दुर्घटना से इलाके के लोगों की चिंता बढ़ गई है। घाटकोपर के निवासी पेशे से शिक्षक राजेश चतुर्वेदी और रवि नायर ने बताया कि जिस इलाके में वे रहते हैं वह हवाई उड़ान का रूट है। हमेशा विमान ऊपर से उड़ते रहते हैं। हालांकि अब तक ऐसा हादसा कभी नहीं हुआ लेकिन, इस विमान दुर्घटना के बाद सभी चिंतित हैं।
मारिया के पति का यूवाई एविएशन पर गंभीर आरोप
कैप्टन मारिया जुबेरी के पति प्रभात कथूरिया ने यूवाई एविएशन पर गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि मारिया ने खराब मौसम के चलते विमान उड़ाने में असमर्थता जताई थी लेकिन, कंपनी ने जबरन टेक ऑफ करने का आदेश दिया। यदि कंपनी ने जबरदस्ती नहीं की होती तो यह दुर्घटना नहीं होती।