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मुंबई: 2009 से खड़ा था एयरक्राफ्ट, पहली बार गुरुवार को हादसे से पहले भरी थी उड़ान

Fri, 29 Jun 2018 12:46 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Updated Fri, 29 Jun 2018 12:46 PM IST
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Mumbai Plane Crash: Aircraft was flying without the airworthiness certificate
मुंबई विमान हादसा

 मुंबई के घाटकोपर में दुर्घटनाग्रस्त हुए विमान वीटी-यूपीजेड को प्रदेश सरकार 2014 में पुणे की एक कंपनी को बेच चुकी है। फिलहाल इसका संचालन मुंबई की कंपनी यूवाई एविएशन कर रही थी। 

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ये विमान 26 साल पुराना था। गुरुवार को हुई इस घटना में चार क्रू सदस्यों सहित एक मजदूर की मौत हो गई। एयर सी90 एयरक्राफ्ट जोकि जमीन से 700 फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था, उसने अपना नियंत्रण खो दिया। यदि यह विमान निर्माणाधीन स्थल पर ना गिरकर कहीं और गिरता तो बहुत बड़ा हादसा हो जाता।
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इस हादसे में दोनों पायलट कैप्टन प्रदीप राजपूत और कैप्टन मारिया जुबेरी सहित एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियर सुरभि गुप्ता और जूनियर टेक्निशियन मनीश पांडे की घटनास्थल पर मौत हो गई। एक मजदूर गोविंद दुबे की फ्यूल टैंक फटने से निकली आग की चपेट में आने से मौत हो गई। वहीं इमारत में काम कर रहे कम से कम 35 मजदूर उस समय खाना खाने के लिए बेसमेंट में मौजूद थे। सौभाग्य से उनकी जान बच गई। हालांकि ग्राउंड फ्लोर पर मौजूद दो मजदूर घटना में घायल हुए हैं।
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इस एयरक्राफ्ट को साल 2009 में इलाहाबाद क्रैश में बुरी तरह नुकसान हुआ था। करीब 9 साल तक ग्राउंडेड रहने के बाद यह अपनी पहली उड़ान पर था। माना जा रहा है कि यह मशीनी खराबी की वजह से क्रैश हुआ है। पायलटों ने मुंबई एयर ट्रैफिक कंट्रोल को कोई चिंताजनक या 'मेडे' (एक अंतरराष्ट्रीय रेडियो संकट सिग्नल) कॉल नहीं दी थी। दोपहर करीब 1 बजकर 10 मिनट पर चश्मदीदों ने उड़ता हुआ जहाज नीचे गिरते हुए देखा। पास में ही रहने वाले दो बच्चों ने बताया, 'हम ऑटो का इंतजार कर रहे थे तभी हमने जलते हुए जहाज को गिरते हुए देखा। यह सबकुछ बहुत जल्दी हुआ। कुछ क्षणों के अंदर ही यह क्रैश होकर जलने लगा।' 


यूपी सरकार ने क्रैश के बाद विमान की मरम्मत करने के बजाए इसे डिस्पोज करने का फैसला किया। इसके बाद इसे 2014 में तीन असफल निलामी के बाद पुणे की एक कंपनी को बेच दिया गया। जिसने इसे मुंबई की यूवाई एविएशन प्राइवेट लिमिटेड को बेच दिया। फिलहाल इंडेमर कंपनी इसकी देखरेख कर रही थी। यूवी एविएशन के जवाबदेह मैनेजर अनिल चौहान ने कहा, 'जहाज करीब डेढ़ साल से मेंटेनेंस कंपनी इंडेमर के हैंगर (जहां जहाज खड़े किए जाते हैं) में था। उन्होंने इसे हमारे पास नहीं सौंपा था। इसके पास उड़ान योग्यता का सर्टिफिकेट नहीं था।'

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