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Mumbai: महाराष्ट्र भाजपा इकाई के अध्यक्ष ने कहा, नवाब मलिक कैबेनिट मंत्री रहे तो नहीं होने देंगे बजट सत्र
Wed, 02 Mar 2022 11:35 AM IST
मेघा चौधरी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,मुंबई
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,मुंबई
Published by: मेघा चौधरी
Updated Wed, 02 Mar 2022 11:35 AM IST
सार
महाराष्ट्र में भाजपा इकाई के अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि पीएमएलए के तहत गंभीर आरोपों का सामना कर रहे नवाब मलिक अगर कैबिनेट मंत्री बने रहे तो पार्टी आगामी बजट सत्र को चलने नहीं देगी। बता दें राज्य का बजट सत्र 3 मार्च से शुरू होकर 25 मार्च तक चलेगा।
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भाजपा की महाराष्ट्र इकाई के प्रमुख चंद्रकांत पाटिल (फाइल फोटो)
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
महाराष्ट्र में भाजपा इकाई के अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने मंगलवार को कहा कि धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत गंभीर आरोपों का सामना कर रहे नवाब मलिक अगर अभी भी कैबिनेट मंत्री बने रहे तो पार्टी आगामी बजट सत्र को चलने नहीं देगी।
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पत्रकारों से बातचीत करते हुए पाटिल ने कहा कि एक ओर जहां कैबिनेट मंत्री को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत गिरफ्तार किया गया है तो वहीं, महाराष्ट्र सरकार ने अभी तक उन्हें पद से हटाने का फैसला नहीं लिया है। मलिक के कैबिनेट मंत्री बने रहने पर भाजपा सदन को अपना कार्य करने नहीं देगी।
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बता दें कि राज्य का बजट सत्र 3 मार्च से शुरू होकर 25 मार्च तक चलेगा। मलिक को 23 फरवरी को ईडी ने अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम से जुड़े एक मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में गिरफ्तार किया था। ईडी ने मलिक को 3 मार्च तक कस्टडी में लिया है।
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इस दौरान भाजपा ने पूर्व मंत्रियों संजय राठौड़ और अनिल देशमुख के इसेतीफे की और इशारा किया है, जिन्होंने उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने से पहले अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था। पाटिल ने कहा कि एमवीए के तीन घटक एनसीपी, शिवसेना और कांग्रेस ने मलिक की गिरफ्तारी को राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया है, जिसका कोई ठोस आधार नहीं है। एमवीए के नेताओं का कहना है कि कथित अपराध 30 साल पहले हुआ था, ल्किन मलुक को आरोपों का सामन अब करना पड़ रहा है।
जब इस बारे में पटिल से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अगर महाराष्ट्र (2014-19) में हमारी सरकार को इन संबंधों के बारे में पता चलता तो हम इस पर जरूर कारर्वाई करते। मलिक पर जो आरोप लगे हैं उनमें ऐसे लोग शामिल हैं, जिनके इस देश के खिलाफ अपराध पहले ही साबित हो चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी 1993 में मुंबई में हुए बम धमाकों के पीड़ितों को न्याय दिलाने की कोशिश में जुटे हुे हैं।